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देवरिया बाईपास मामला : राष्ट्रपति से इच्छामृत्यु की मांग करेंगे प्रभावित किसान
Sun, 16 Feb 2025 11:51 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sun, 16 Feb 2025 11:51 PM IST
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देवरिया। भूमि बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले देवरिया बाईपास के प्रभावित किसानों ने रविवार को महुआनी विक्रम इंटर कॉलेज के परिसर में बैठक की। इस दौरान जिला प्रशासन की तरफ से मुआवजा वितरण के जारी आंकड़े को झूठा बताया।
किसानों ने कहा कि प्रशासन 70 प्रतिशत मुआवजा बांट देने की अफवाह फैलाकर किसानों में फूट डालने की कोशिश कर रहा है, लेकिन किसान उनके उसके झांसे में नहीं आने वाले। देवरिया बाईपास के मुआवजा सहित अन्य मांगों को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात करेंगे।
इसके बाद भी मांगों पर अमल नहीं किया गया तो प्रभावित किसान राष्ट्रपति से इच्छामृत्यु की मांग करने। 23 फरवरी को फिर बैठक बुलाई गई है। देवरिया बाईपास से प्रभावित किसानों की बैठक भूमि बचाओ संघर्ष समिति के नेतृत्व में विक्रम इंटर कॉलेज महुआनी चौराहे पर हुई।
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बैठक में निर्णय लिया गया कि देवरिया बाईपास के निर्माण से प्रभावित किसान केंद्रीय मंत्री नीतिन गड़करी से मुलाकात करेंगे। इस दौरान उनसे एनएच एक्ट 1956 व भूमि अधिग्रहण कानून 2013 में निर्धारित मानकों के विपरीत मुआवजा निर्धारण के साथ मनमाने तौर पर मुआवजे में 23 की कटौती, मनमाने तौर पर एलाइन्मेंट बदलने, मकानों के ध्वस्त कराने के पूर्व उनका मुआवजा न देने सहित अन्य समस्याओं से अवगत कराया जाएगा। इन मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। प्रभावित किसानों ने कहा कि समस्या का समाधान नहीं होने पर राष्ट्रपति से इच्छामृत्यु की मांग करेंगे।
समिति के संयोजक अजीत कुमार त्रिपाठी ने कहा कि एक तरफ प्रशासन झूठा आंकड़ा पेश कर किसानों के साथ समाज में भ्रम फैला रहा है। बाईपास से प्रभावित किसानों की संख्या करीब 6300 है। प्रशासन 3000 किसानों को भुगतान कर 70 प्रतिशत का आंकड़ा पेश कर रही है। प्रशासन के इसी रवैये से मुंडेरा बुजुर्ग के किसान दयाशंकर पाल अपनी जान गंवा चुके हैं। बैठक में निर्णय लिया गया कि अगली बैठक 23 फरवरी को होगी। इसमें दिल्ली कूच करने का निर्णय लेते हुए आंदोलन को धार बनाने की भी रणनीति बनाई जाएगी।
इस मौके पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य अरविंद सिंह, कृष्णकांत त्रिपाठी, डीएन मणि, राजनाथ यादव, राम आधार यादव, वीरेंद्र, किशुनदेव प्रसाद, उमाशंकर सिंह, दीनदयाल यादव आदि मौजूद रहे।
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किसानों ने कहा कि प्रशासन 70 प्रतिशत मुआवजा बांट देने की अफवाह फैलाकर किसानों में फूट डालने की कोशिश कर रहा है, लेकिन किसान उनके उसके झांसे में नहीं आने वाले। देवरिया बाईपास के मुआवजा सहित अन्य मांगों को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात करेंगे।
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इसके बाद भी मांगों पर अमल नहीं किया गया तो प्रभावित किसान राष्ट्रपति से इच्छामृत्यु की मांग करने। 23 फरवरी को फिर बैठक बुलाई गई है। देवरिया बाईपास से प्रभावित किसानों की बैठक भूमि बचाओ संघर्ष समिति के नेतृत्व में विक्रम इंटर कॉलेज महुआनी चौराहे पर हुई।
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बैठक में निर्णय लिया गया कि देवरिया बाईपास के निर्माण से प्रभावित किसान केंद्रीय मंत्री नीतिन गड़करी से मुलाकात करेंगे। इस दौरान उनसे एनएच एक्ट 1956 व भूमि अधिग्रहण कानून 2013 में निर्धारित मानकों के विपरीत मुआवजा निर्धारण के साथ मनमाने तौर पर मुआवजे में 23 की कटौती, मनमाने तौर पर एलाइन्मेंट बदलने, मकानों के ध्वस्त कराने के पूर्व उनका मुआवजा न देने सहित अन्य समस्याओं से अवगत कराया जाएगा। इन मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। प्रभावित किसानों ने कहा कि समस्या का समाधान नहीं होने पर राष्ट्रपति से इच्छामृत्यु की मांग करेंगे।
समिति के संयोजक अजीत कुमार त्रिपाठी ने कहा कि एक तरफ प्रशासन झूठा आंकड़ा पेश कर किसानों के साथ समाज में भ्रम फैला रहा है। बाईपास से प्रभावित किसानों की संख्या करीब 6300 है। प्रशासन 3000 किसानों को भुगतान कर 70 प्रतिशत का आंकड़ा पेश कर रही है। प्रशासन के इसी रवैये से मुंडेरा बुजुर्ग के किसान दयाशंकर पाल अपनी जान गंवा चुके हैं। बैठक में निर्णय लिया गया कि अगली बैठक 23 फरवरी को होगी। इसमें दिल्ली कूच करने का निर्णय लेते हुए आंदोलन को धार बनाने की भी रणनीति बनाई जाएगी।
इस मौके पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य अरविंद सिंह, कृष्णकांत त्रिपाठी, डीएन मणि, राजनाथ यादव, राम आधार यादव, वीरेंद्र, किशुनदेव प्रसाद, उमाशंकर सिंह, दीनदयाल यादव आदि मौजूद रहे।