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देवरिया में भी फैल रहा है डेंगू का ‘डंक’
देवरिया
Updated Sat, 24 Sep 2016 11:56 PM IST
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platelets, dengue
- फोटो : Demo Pic
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देवरिया। मच्छर और गंदगी से डेंगू, मलेरिया, एईएस, जेई जैसी जानलेवा बीमारियां पांव पसार रही हैं। शहर हो या गांव, सफाई व्यवस्था चौपट है। इन क्षेत्रों में तेजी से जानलेेवा बीमारियां लोगों को चपेट में ले रही हैं।
इसकी तस्दीक स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े भी कर रहे हैं। मच्छरजनित रोगों के फैलाव से कहना गलत न होगा कि संबंधित विभाग सफाई व्यवस्था और कीटनाशक का छिड़काव को लेकर गंभीर नहीं है। जिले में डेंगू पैर पसार चुका है। जनवरी से लेकर अबतक 18 लोग चपेट में आ चुके हैं।
केसीएमजी लखनऊ की जांच रिपोर्ट इस बात की पुष्टि कर रही है। यह सरकारी आंकड़ा है। हकीकत तो यह है कि डेंगू से पीड़ित मरीज निजी डॉक्टरों का सहारा ले रहे हैं। पूर्वांचल के लिए अभिशाप बन चुके जेई व एईएस की रोकथाम के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार भले ही कारगर कदम उठाने का दावा करती हो मगर इन बीमारियों के मरीजों की संख्या में कोई कमी आती नहीं दिखती।
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कोई भी ऐसा साल नहीं जाता, जिसमें इससे मौतें न हों। जनवरी से अब तक एईएस के 366 मरीज मिले हैं। इनमें 40 की जान जा चुकी है। जापानी इंसेफेलाइटिस के नौ मरीज मिले हैं। मलेरिया के भी 12 मरीज मिले हैं। हालांकि, चिकनगुनिया का एक भी मामला प्रकाश में नहीं आया है।
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इसकी तस्दीक स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े भी कर रहे हैं। मच्छरजनित रोगों के फैलाव से कहना गलत न होगा कि संबंधित विभाग सफाई व्यवस्था और कीटनाशक का छिड़काव को लेकर गंभीर नहीं है। जिले में डेंगू पैर पसार चुका है। जनवरी से लेकर अबतक 18 लोग चपेट में आ चुके हैं।
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केसीएमजी लखनऊ की जांच रिपोर्ट इस बात की पुष्टि कर रही है। यह सरकारी आंकड़ा है। हकीकत तो यह है कि डेंगू से पीड़ित मरीज निजी डॉक्टरों का सहारा ले रहे हैं। पूर्वांचल के लिए अभिशाप बन चुके जेई व एईएस की रोकथाम के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार भले ही कारगर कदम उठाने का दावा करती हो मगर इन बीमारियों के मरीजों की संख्या में कोई कमी आती नहीं दिखती।
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कोई भी ऐसा साल नहीं जाता, जिसमें इससे मौतें न हों। जनवरी से अब तक एईएस के 366 मरीज मिले हैं। इनमें 40 की जान जा चुकी है। जापानी इंसेफेलाइटिस के नौ मरीज मिले हैं। मलेरिया के भी 12 मरीज मिले हैं। हालांकि, चिकनगुनिया का एक भी मामला प्रकाश में नहीं आया है।