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ईएमटी ने सूझबूझ से एंबुलेंस में कराया प्रसव
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिले के भाटपाररानी ब्लॉक के टीकमपार गांव में शुक्रवार शाम 102 एंबुलेंस के ईएमटी ने सूझ-बूझ से एंबुलेंस मेें प्रसव कराया। इसके बाद सीएचसी भाटपाररानी जच्चा-बच्चा को पहुंचाया।
टीकमपार गांव निवासी धर्मेंद्र यादव की पत्नी सविता देवी को शाम को प्रसव पीड़ा होने लगी। परिजनों ने 102 एंबुलेंस के लिए फोन किया। सूचना के चौदह मिनट बाद एंबुलेंस पहुंच गई। इमरजेंसी मेडिकल टेक्निशियन (ईएमटी) कृष्ण कुमार गुप्ता, आशा कार्यकर्ता चंदा देवी और पायलट उत्तम कुमार मिश्रा महिला को लेकर सीएचसी भाटपाररानी के लिए निकले। रास्ते में हालत बिगड़ती देख ईएमटी ने सूझ-बूझ का परिचय देते हुए सोहनपार क्रासिंग के समीप की एंबुलेंस रुकवा दी और आशा कार्यकर्ता व पायलट की मदद से सुरक्षित प्रसव कराया। सविता के पति धर्मेंद्र यादव ने बताया आशा की तत्परता और एंबुलेंस टीम की मदद और सूझबूझ से सुरक्षित प्रसाव संभव हो पाया।
ईएमटी ने बताया कि एंबुलेंस के सीएचसी पहुंचने से पहले ही रास्ते में गर्भवती की स्थिति जब बिगड़ने लगी तो एंबुलेंस रुकवाकर आशा व पायलट की मदद से सुरक्षित प्रसव कराया।
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बच्चे के गले में फंसी थी नाल
ईएमटी कृष्ण कुमार गुप्ता ने बताया कि प्रसव के बाद बच्चा रोया नहीं, क्योंकि बच्चे के उल्टा होने के कारण उसके गले में नाल फंसी हुई थी। बाद में क्लैंप की मदद से नाल काटी। इसके बाद भी बच्चा सिर्फ एक बार ही रोया तो थोड़ी घबराहट जरूर हुई, लेकिन जब उसका मुंह देखा तो मुंह में गंदगी भर गई थी, जिसकी सफाई की तब बच्चा सामान्य स्थिति में आया। बच्चे को साफ तौलिए में लपेट कर उसकी मां को सौंपा और दोनों को अस्पताल पहुंचाया।
चौदह महिलाओं का हुआ सुरक्षित प्रसव
एंबुलेंस सेवा के डिस्ट्रिक प्रोग्राम मैनेजर श्यामनंदन सिंह ने बताया जनवरी 2021 से अब तक 14 महिलाओं के सुरक्षित प्रसव ईएमटी, आशा कार्यकर्ता और पायलट ने सूझबूझ का परिचय देते हुए एंबुलेंस में कराया है। उन्होंने बताया कि एंबुलेंस में ड्यूटी करने वाले ईएमटी को हैदराबाद में प्रशिक्षण दिया जाता है। विषम परिस्थितियों का सामना वह कैसे करें तथा ऐसी परिस्थितियों से डरे नहीं बल्कि विश्वास के साथ उनका सामना करें, ताकि मरीज की पूरी मदद कर पाएं।
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देवरिया। जिले के भाटपाररानी ब्लॉक के टीकमपार गांव में शुक्रवार शाम 102 एंबुलेंस के ईएमटी ने सूझ-बूझ से एंबुलेंस मेें प्रसव कराया। इसके बाद सीएचसी भाटपाररानी जच्चा-बच्चा को पहुंचाया।
टीकमपार गांव निवासी धर्मेंद्र यादव की पत्नी सविता देवी को शाम को प्रसव पीड़ा होने लगी। परिजनों ने 102 एंबुलेंस के लिए फोन किया। सूचना के चौदह मिनट बाद एंबुलेंस पहुंच गई। इमरजेंसी मेडिकल टेक्निशियन (ईएमटी) कृष्ण कुमार गुप्ता, आशा कार्यकर्ता चंदा देवी और पायलट उत्तम कुमार मिश्रा महिला को लेकर सीएचसी भाटपाररानी के लिए निकले। रास्ते में हालत बिगड़ती देख ईएमटी ने सूझ-बूझ का परिचय देते हुए सोहनपार क्रासिंग के समीप की एंबुलेंस रुकवा दी और आशा कार्यकर्ता व पायलट की मदद से सुरक्षित प्रसव कराया। सविता के पति धर्मेंद्र यादव ने बताया आशा की तत्परता और एंबुलेंस टीम की मदद और सूझबूझ से सुरक्षित प्रसाव संभव हो पाया।
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ईएमटी ने बताया कि एंबुलेंस के सीएचसी पहुंचने से पहले ही रास्ते में गर्भवती की स्थिति जब बिगड़ने लगी तो एंबुलेंस रुकवाकर आशा व पायलट की मदद से सुरक्षित प्रसव कराया।
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बच्चे के गले में फंसी थी नाल
ईएमटी कृष्ण कुमार गुप्ता ने बताया कि प्रसव के बाद बच्चा रोया नहीं, क्योंकि बच्चे के उल्टा होने के कारण उसके गले में नाल फंसी हुई थी। बाद में क्लैंप की मदद से नाल काटी। इसके बाद भी बच्चा सिर्फ एक बार ही रोया तो थोड़ी घबराहट जरूर हुई, लेकिन जब उसका मुंह देखा तो मुंह में गंदगी भर गई थी, जिसकी सफाई की तब बच्चा सामान्य स्थिति में आया। बच्चे को साफ तौलिए में लपेट कर उसकी मां को सौंपा और दोनों को अस्पताल पहुंचाया।
चौदह महिलाओं का हुआ सुरक्षित प्रसव
एंबुलेंस सेवा के डिस्ट्रिक प्रोग्राम मैनेजर श्यामनंदन सिंह ने बताया जनवरी 2021 से अब तक 14 महिलाओं के सुरक्षित प्रसव ईएमटी, आशा कार्यकर्ता और पायलट ने सूझबूझ का परिचय देते हुए एंबुलेंस में कराया है। उन्होंने बताया कि एंबुलेंस में ड्यूटी करने वाले ईएमटी को हैदराबाद में प्रशिक्षण दिया जाता है। विषम परिस्थितियों का सामना वह कैसे करें तथा ऐसी परिस्थितियों से डरे नहीं बल्कि विश्वास के साथ उनका सामना करें, ताकि मरीज की पूरी मदद कर पाएं।