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Deoria News: सरयू के कटान से उग्रसेन और मोहन सेतु पर खतरा
Thu, 04 Sep 2025 12:52 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Thu, 04 Sep 2025 12:52 AM IST
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बरहज के थाना घाट पर बने मीटर गेज पर खतरे के निशान से 85 सेमी ऊपर बह रही नदी
बरहज में उफनाई सरयू, खतरे के निशान से 85 सेमी ऊपर पहुंची
भदिला प्रथम गांव बाढ़ से घिरा, परसिया-विशुनपुर देवार के नजदीक पहुंचा बाढ़ का पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। सरयू नदी में एक बार फिर उफान पर है। नदी खतरे के निशान 66.50 से 85 सेमी ऊपर 67.35 मीटर पर बह रही है। जलस्तर में हो रही बेतहाशा वृद्धि से नदी का पानी परसियां-विशुनपुर देवार गांव के पास पहुंच गया है। वहीं भदिला प्रथम गांव टापू बना हुआ है। नदी तेजी से कटान कर रही है। इससे उग्रसेन सेतु और निर्माणाधीन मोहन सेतु पर खतरा बढ़ गया है।
पिछले दिनों नदी का जलस्तर उच्चतम 67.55 मीटर तक पहुंचा था। इसके बाद जलस्तर में कमी आना शुरू हुआ और नदी 66.70 मीटर तक नीचे पहुंच गई थी। एक बार फिर नदी बढ़त बनाने लगी है। सरयू पार दियारा क्षेत्र के परसियां देवार के भरटोला, दसरसरिया सहित करीब सात-आठ टोलों के करीब तक पानी पहुंच गया है। विशुनपुर गांव के अधिकतर टोले बाढ़ की जद में हैं। वहीं भदिला प्रथम गांव चारों ओर से पानी से घिरा होने के कारण टापू हो गया है। लोग जरूरी काम के लिए जान जोखिम में डालकर नाव से आवाजाही कर रहे हैं।
उधर, गोरखपुर जनपद के ज्ञानकोल के पास सरयू बेतहाशा कटान कर रही है। इसमें गांव के 14 घर कटान के मुहाने पर हैं। पिछले चार-पांच माह से हो रहे कटान के कारण बगहा गांव के नन्हें पाल, सोनू निषाद, विलास साहनी, ज्ञानमती साहनी, झब्बू साहनी, रामपुकार, पारस पाल, सौदागर सिंह सहित करीब 30 लोगों के घर नदी में विलीन हो चुके हैं। गांव के लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों की उदासीनता और प्रशासन की लापरवाही से गांव का अस्तित्व खतरे में है।
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हालांकि, ज्ञानकोल में हो रहे कटान से नदी उत्तर की तरफ दबाव बनाने लगी है। लोगों का कहना है कि ज्ञानकोल में हो रहे कटान से उग्रसेन सेतु पर खतरा मंडरा रहा है। वहीं निर्माणाधीन मोहन सेतु की तरफ भी नदी कटान कर रही है। इससे पहले 2007-2014 तक सरयू में हो रहे बेतहाशा कटान के चलते जिले कुरह परसियां और गोरखपुर जनपद के कोलखास गांव का अस्तित्व समाप्त हो चुका है।
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कोट-
सरयू के जलस्तर में वृद्धि हुई है, मगर बृहस्पतिवार से जलस्तर में कमी आने की संभावना है। फिलहाल स्थिति सामान्य है।
-उपेंद्र प्रसाद सहायक अभियंता, बाढ़ खंड, देवरिया
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स्पीकअप-
पिछले दो दिनों से नदी लगातार बढ़त बना रही है। इससे स्थिति भयावह हो सकती है। नदी के उफनाने से बाढ़ का पानी खेत-खलिहान के रास्ते गांवों का रुख कर रहा है।-
रमाशंकर यादव, परसियां देवार
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सरयू में बाढ़ आने से फसलें डूब गई हैं। जलस्तर बढ़ने से सबसे ज्यादा परेशानी बेजुबानों को हो रही है। उनके चारा का संकट गहरा गया है। वहीं विषैले जीव-जंतुओं का डर सता रहा है।
-ओमप्रकाश यादव, विशुनपुर देवार
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भदिला प्रथम गांव बाढ़ से घिरा, परसिया-विशुनपुर देवार के नजदीक पहुंचा बाढ़ का पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। सरयू नदी में एक बार फिर उफान पर है। नदी खतरे के निशान 66.50 से 85 सेमी ऊपर 67.35 मीटर पर बह रही है। जलस्तर में हो रही बेतहाशा वृद्धि से नदी का पानी परसियां-विशुनपुर देवार गांव के पास पहुंच गया है। वहीं भदिला प्रथम गांव टापू बना हुआ है। नदी तेजी से कटान कर रही है। इससे उग्रसेन सेतु और निर्माणाधीन मोहन सेतु पर खतरा बढ़ गया है।
पिछले दिनों नदी का जलस्तर उच्चतम 67.55 मीटर तक पहुंचा था। इसके बाद जलस्तर में कमी आना शुरू हुआ और नदी 66.70 मीटर तक नीचे पहुंच गई थी। एक बार फिर नदी बढ़त बनाने लगी है। सरयू पार दियारा क्षेत्र के परसियां देवार के भरटोला, दसरसरिया सहित करीब सात-आठ टोलों के करीब तक पानी पहुंच गया है। विशुनपुर गांव के अधिकतर टोले बाढ़ की जद में हैं। वहीं भदिला प्रथम गांव चारों ओर से पानी से घिरा होने के कारण टापू हो गया है। लोग जरूरी काम के लिए जान जोखिम में डालकर नाव से आवाजाही कर रहे हैं।
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उधर, गोरखपुर जनपद के ज्ञानकोल के पास सरयू बेतहाशा कटान कर रही है। इसमें गांव के 14 घर कटान के मुहाने पर हैं। पिछले चार-पांच माह से हो रहे कटान के कारण बगहा गांव के नन्हें पाल, सोनू निषाद, विलास साहनी, ज्ञानमती साहनी, झब्बू साहनी, रामपुकार, पारस पाल, सौदागर सिंह सहित करीब 30 लोगों के घर नदी में विलीन हो चुके हैं। गांव के लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों की उदासीनता और प्रशासन की लापरवाही से गांव का अस्तित्व खतरे में है।
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हालांकि, ज्ञानकोल में हो रहे कटान से नदी उत्तर की तरफ दबाव बनाने लगी है। लोगों का कहना है कि ज्ञानकोल में हो रहे कटान से उग्रसेन सेतु पर खतरा मंडरा रहा है। वहीं निर्माणाधीन मोहन सेतु की तरफ भी नदी कटान कर रही है। इससे पहले 2007-2014 तक सरयू में हो रहे बेतहाशा कटान के चलते जिले कुरह परसियां और गोरखपुर जनपद के कोलखास गांव का अस्तित्व समाप्त हो चुका है।
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कोट-
सरयू के जलस्तर में वृद्धि हुई है, मगर बृहस्पतिवार से जलस्तर में कमी आने की संभावना है। फिलहाल स्थिति सामान्य है।
-उपेंद्र प्रसाद सहायक अभियंता, बाढ़ खंड, देवरिया
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पिछले दो दिनों से नदी लगातार बढ़त बना रही है। इससे स्थिति भयावह हो सकती है। नदी के उफनाने से बाढ़ का पानी खेत-खलिहान के रास्ते गांवों का रुख कर रहा है।-
रमाशंकर यादव, परसियां देवार
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सरयू में बाढ़ आने से फसलें डूब गई हैं। जलस्तर बढ़ने से सबसे ज्यादा परेशानी बेजुबानों को हो रही है। उनके चारा का संकट गहरा गया है। वहीं विषैले जीव-जंतुओं का डर सता रहा है।
-ओमप्रकाश यादव, विशुनपुर देवार
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