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दामिनी एप से बीस किमी के दायरे में बिजली गिरने की मिलेगी पूर्व चेतावनी
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दामिनी एप से बीस किमी के दायरे में बिजली गिरने की मिलेगी पूर्व चेतावनी
देवरिया। बिजली गिरने की पूर्व सूचना अब एप के जरिए सभी को मिल जाएगी। जिले के लोगों को जागरूक करने की कवायद शुरू कर दी गई है। साथ ही प्रशिक्षण की कार्ययोजना तैयार की जा रही है, ताकि जनहानि कम से कम हो। तहसील, ब्लाक स्तर पर लेखपाल, अधिवक्ता, ग्राम पंचायत सचिव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा बहुओं, परिषदीय विद्यालय के शिक्षकों को प्रशिक्षित कर अन्य लोगों को जागरूक करने के बारे में बताया जाएगा। यह कार्य मानसून से पहले पूरा करने की योजना है।
बरसात के मौसम में बिजली गिरने से खेत में कार्य कर रहे किसान चपेट में आ जाते हैं वहीं पशुओं की भी क्षति होती है। जन हानि को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने दामिनी एप लांच किया है। इसके माध्यम से किसानों को मौसम के बारे में हर पल की जानकारी मिलेगी। साथ ही बिजली गिरने का अलर्ट भी मिलेगा। एप बीस किमी के दायरे में बिजली गिरने की चेतावनी देगा। तीस से चालीस मिनट पहले आडियो व एसएमएस के जरिए अलर्ट भी मोबाइल पर आ जाएगा। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देशन में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आपदा विशेषज्ञ पंकज कुमार, फील्ड कोआर्डिनेटर विजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में लोगों को प्रशिक्षण व जागरूक करने की रूपरेखा तैयार की जा रही है। प्राधिकरण व यूनिसेफ के तकनीकी विशेषज्ञ तहसील व ब्लाक स्तर पर जागरुकता अभियान चलाएगा। तहसील परिसर में अधिवक्ताओं, कर्मियों व लेखपालों तथा ब्लाक स्तर पर ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव, आशा बहुओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को एंड्राएड मोबाइल फोन में डाउन लोड कराकर दामिनी एप की बारीकियों केे बारे में बताया जाएगा। फील्ड के कर्मचारी तैनाती के गांवों में लोगों को जागरूक करेंगे। बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों को इसके प्रयोग एवं उनके माध्यम से बच्चों को जानकारी दी जाएगी। एप से किसानों को फायदा होगा। किसान प्ले स्टोर से ऐप को डाउन लोड कर सकते हैैं, इसके बाद एप में रजिस्ट्रेशन करना होगा और लोकेशन की जानकारी देनी होगी। उन्हें आकाशीय बिजली गिरने की जानकारी समय पर मिल जाएगी। वह अपने व पशुओं को सुरक्षित कर सकेंगे।
चेतावनी मिलने पर यह न करें
एप पर बिजली गिरने की चेतावनी मिलने पर सावधानी बरतनी होगी। किसान बिजली गिरने वाले क्षेत्र में हैं तो खुले खेत, पेड़ के नीचे, पहाड़ी इलाकों, चट्टानों के आसपास न जाएं। साथ ही धातु के बर्तन धोने से बचें, स्नान न करें, बारिश व जमा पानी में खड़े न हों। छाते का इस्तेमाल न करें और बिजली के हाईटेंशन तार व टावर से दूर रहें।
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चेतावनी मिलने पर बरतें सावधानी
दामिनी एप पर चेतावनी मिलने पर किसानों को सतर्क हो जाना चाहिए। घर के अंदर रहना चाहिए। बाहर हैं और घर जाना संभव नहीं है तो खुली जगह पर कान बंद कर घुटनों के बल बैठ जाएं, इससे खतरा टल सकता है।
एप के माध्यम से वज्रपात का सटीक पूर्वानुमान मिल जाएगा। इससे बिजली गिरने से होने वाली जन, पशु हानि को न्यून किया जा सकता है। शत-प्रतिशत लोगों को इसकी जानकारी हो और वे सही समय व सही ढंग से पालन करें तो जनहानि को काफी हद तक रोका जा सकता है। जिले में प्रशिक्षण व जागरूकता का कार्य जल्द शुरू कर दिया जाएगा। -नागेंद्र कुमार सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व, नोडल अधिकारी आपदा
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देवरिया। बिजली गिरने की पूर्व सूचना अब एप के जरिए सभी को मिल जाएगी। जिले के लोगों को जागरूक करने की कवायद शुरू कर दी गई है। साथ ही प्रशिक्षण की कार्ययोजना तैयार की जा रही है, ताकि जनहानि कम से कम हो। तहसील, ब्लाक स्तर पर लेखपाल, अधिवक्ता, ग्राम पंचायत सचिव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा बहुओं, परिषदीय विद्यालय के शिक्षकों को प्रशिक्षित कर अन्य लोगों को जागरूक करने के बारे में बताया जाएगा। यह कार्य मानसून से पहले पूरा करने की योजना है।
बरसात के मौसम में बिजली गिरने से खेत में कार्य कर रहे किसान चपेट में आ जाते हैं वहीं पशुओं की भी क्षति होती है। जन हानि को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने दामिनी एप लांच किया है। इसके माध्यम से किसानों को मौसम के बारे में हर पल की जानकारी मिलेगी। साथ ही बिजली गिरने का अलर्ट भी मिलेगा। एप बीस किमी के दायरे में बिजली गिरने की चेतावनी देगा। तीस से चालीस मिनट पहले आडियो व एसएमएस के जरिए अलर्ट भी मोबाइल पर आ जाएगा। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देशन में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आपदा विशेषज्ञ पंकज कुमार, फील्ड कोआर्डिनेटर विजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में लोगों को प्रशिक्षण व जागरूक करने की रूपरेखा तैयार की जा रही है। प्राधिकरण व यूनिसेफ के तकनीकी विशेषज्ञ तहसील व ब्लाक स्तर पर जागरुकता अभियान चलाएगा। तहसील परिसर में अधिवक्ताओं, कर्मियों व लेखपालों तथा ब्लाक स्तर पर ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव, आशा बहुओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को एंड्राएड मोबाइल फोन में डाउन लोड कराकर दामिनी एप की बारीकियों केे बारे में बताया जाएगा। फील्ड के कर्मचारी तैनाती के गांवों में लोगों को जागरूक करेंगे। बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों को इसके प्रयोग एवं उनके माध्यम से बच्चों को जानकारी दी जाएगी। एप से किसानों को फायदा होगा। किसान प्ले स्टोर से ऐप को डाउन लोड कर सकते हैैं, इसके बाद एप में रजिस्ट्रेशन करना होगा और लोकेशन की जानकारी देनी होगी। उन्हें आकाशीय बिजली गिरने की जानकारी समय पर मिल जाएगी। वह अपने व पशुओं को सुरक्षित कर सकेंगे।
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चेतावनी मिलने पर यह न करें
एप पर बिजली गिरने की चेतावनी मिलने पर सावधानी बरतनी होगी। किसान बिजली गिरने वाले क्षेत्र में हैं तो खुले खेत, पेड़ के नीचे, पहाड़ी इलाकों, चट्टानों के आसपास न जाएं। साथ ही धातु के बर्तन धोने से बचें, स्नान न करें, बारिश व जमा पानी में खड़े न हों। छाते का इस्तेमाल न करें और बिजली के हाईटेंशन तार व टावर से दूर रहें।
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चेतावनी मिलने पर बरतें सावधानी
दामिनी एप पर चेतावनी मिलने पर किसानों को सतर्क हो जाना चाहिए। घर के अंदर रहना चाहिए। बाहर हैं और घर जाना संभव नहीं है तो खुली जगह पर कान बंद कर घुटनों के बल बैठ जाएं, इससे खतरा टल सकता है।
एप के माध्यम से वज्रपात का सटीक पूर्वानुमान मिल जाएगा। इससे बिजली गिरने से होने वाली जन, पशु हानि को न्यून किया जा सकता है। शत-प्रतिशत लोगों को इसकी जानकारी हो और वे सही समय व सही ढंग से पालन करें तो जनहानि को काफी हद तक रोका जा सकता है। जिले में प्रशिक्षण व जागरूकता का कार्य जल्द शुरू कर दिया जाएगा। -नागेंद्र कुमार सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व, नोडल अधिकारी आपदा