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Deoria News: बारिश से 2226 हेक्टेयर में बोई गई फसलें प्रभावित

Wed, 30 Sep 2026 11:37 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Wed, 30 Sep 2026 11:37 PM IST
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Crops sown across 2,226 hectares affected by rain.
- 161882 हेक्टेयर में हुई है धान, मक्का, अरहर और तिल की खेती, 2226 हेक्टेयर हुई खराब
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- कृषि विभाग ने किया सर्वे, क्रॉप कटिंग के आधार पर मिलेगा फसल बीमा का लाभ

- धान, अरहर, मक्का और तिल की फसलों पर सर्वाधिक पड़ा असर

देवरिया। लगातार हुई बारिश से जिले में करीब 2226 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है। सबसे अधिक नुकसान धान की फसल को हुआ है। इसके अलावा अरहर, मक्का और तिल की फसल भी बारिश की चपेट में आई है। कृषि विभाग की ओर से प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराया गया है। अब क्रॉप कटिंग के आधार पर फसल नुकसान का आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर पात्र किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ मिल सकेगा।

कृषि विभाग के अनुसार जिले में इस खरीफ सीजन में करीब 1,36,282 हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की रोपाई की गई है। बारिश से करीब 1600 हेक्टेयर धान की फसल प्रभावित हुई है। इसी तरह 18,000 हेक्टेयर में बोई गई मक्का की फसल में करीब 195 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ है।
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अरहर की खेती जिले में करीब 7,100 हेक्टेयर में की गई है। बारिश के कारण करीब 410 हेक्टेयर अरहर की फसल को नुकसान पहुंचा है। वहीं, 500 हेक्टेयर में बोई गई तिल की फसल में करीब 21 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ है। कृषि विभाग ने प्रभावित फसलों का सर्वे कराकर रिपोर्ट तैयार की है। बारिश के कारण खेतों में जलभराव और फसलों के गिरने से किसानों को नुकसान हुआ है। किसानों की निगाह अब सर्वे और क्रॉप कटिंग की प्रक्रिया पर टिकी है, ताकि क्षति के अनुसार उन्हें फसल बीमा का लाभ मिल सके।
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पोर्टल पर दर्ज कराने वालों को जल्दी मिलेगा बीमा का लाभ

कृषि विभाग के पोर्टल पर फसल के नुकसान की शिकायत दर्ज कराने वालों का अलग से सर्वे किया जाएगा। इससे इन किसानों को फसल बीमा का जल्दी लाभ मिलेगा। शिकायत नहीं दर्ज कराने वाले किसानों को भी विभागीय प्रक्रिया के तहत क्रॉप कटिंग कराकर सामूहिक रूप से फसल बीमा का लाभ मिलेगा।


बारिश के कारण 2226 हेक्टेयर में बोई गईं धान, तिल, अरहर, मक्का आदि की फसलें खराब हुई हैं। इनका विभागीय सर्वे करा लिया गया है। क्रॉप कटिंग के आधार पर वास्तविक नुकसान का आकलन किया जाएगा। इसके बाद निर्धारित मानकों के अनुसार पात्र किसानों को फसल बीमा का लाभ दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

- उदयशंकर सिंह, जिला कृषि अधिकारी
बारिश से धान की उन फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है जो जल्द तैयार होने वाली प्रजाति की अगैती है और गिर गई है। परंतु धान की वे फसलें जो देर से पकने वाली लेट वैरायटी की हैं और जिनकी बालियां अभी नहीं निकली है उनके लिए तो यह बरसात फायदेमंद है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा मक्का तिल अरहर की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। साथ ही बैंगन गोभी, टमाटर, आदि सब्जी की फसलों को भी काफी नुकसान पहुंचा है।

डॉक्टर मांधाता सिंह, प्रभारी, कृषि विज्ञान केंद्र मल्हना
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