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Deoria News: 17 करोड़ रखा है बजट, फिर भी नहीं बनी यूनिट
Mon, 19 Feb 2024 01:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 19 Feb 2024 01:05 AM IST
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जमीन के पेंच में फंसी क्रिटिकल केयर यूनिट
गंभीर मरीजों को नहीं मिल पा रही इलाज की सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल काॅलेज में क्रिटिकल केयर यूनिट के लिए करीब 17 करोड़ रुपये बजट मिल गया है। यह जमीन के पेंच में फंस गया है। करीब एक साल से जमीन की तलाश की जा रही है। अब तक नहीं मिल सकी है।
इसके कारण निर्माण कार्य लटका पड़ा है। जो जमीन चिह्नित की गई, उसकी फाइल शासन में अटकी है। दूसरी जमीन तीन किमी दूर होने के कारण उसका मतलब नहीं है। यूनिट के न होने से गंभीर मरीजों को इलाज की सुविधा नहीं मिल पा रही है। उन्हें हायर सेंटर व निजी अस्पताल का सहारा लेना पड़ रहा है।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में एनएचएम से 50 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट स्थापित करने के लिए शासन ने धन अवमुक्त कर दिया है। इसके लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने दिसंबर 2022 में जिला प्रशासन से भूमि उपलब्ध कराने की मांग की। राजस्व विभाग ने अस्पताल से कुछ दूरी पर करीब 4500 वर्ग मीटर भूमि चिह्नित की। राजस्व विभाग की भूमि को मेडिकल कॉलेज के नाम करने के लिए जिला प्रशासन ने राजस्व परिषद की स्वीकृति के लिए फाइल जनवरी माह में भेज दी। अब तक उस पर विचार नहीं किया जा सका है।
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इसके बाद जिला प्रशासन ने तीन किमी दूर जमीन उपलब्ध कराई। लेकिन, दूर होने के कारण दिक्कत को देखते हुए उसे अस्वीकृत कर दिया गया। अब फिर जमीन की तलाश की जा रही है। जमीन अस्पताल के पास होनी चाहिए। इसकी वजह से दिक्कत आ रही है। इससे क्रिटिकल केयर यूनिट की स्थापना अटकी हुई है।
इसके न होने से हर रोज करीब 18 से 20 मरीजों को रेफर करना पड़ रहा है। इससे मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें गोरखपुर, लखनऊ, वाराणसी व निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ रहा है।
जमीन की समस्या को देखते हुए प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार बरनवाल ने अस्पताल परिसर में यूनिट स्थापित करने पर मंथन शुरू कर दिया है। इसके लिए योजना भी बनाई जा रही है।
इन मरीजों को होगी सुविधा
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में क्रिटिकल केयर यूनिट स्थापित होने से गंभीर मरीजों के इलाज में सुविधा होगी। इसमें हृदय रोग, सांस, हेड इंजरी, चोट, प्रसव के गंभीर मरीजों सहित अन्य बीमारियों के गंभीर मरीजों का इलाज हो सकेगा।
दो मंजिला होगा भवन
देवरिया। क्रिटिकल केयर यूनिट भवन का निर्माण 16 करोड़ 83 लाख रुपये की लागत से होना है। दो मंजिला भवन अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित होगा। यहां पोर्टेबल एक्स-रे मशीन, पोर्टेबल सोनोग्राफी, एडवांस इक्विपमेंट, ईसीजी सहित अन्य सुविधाएं होंगी। वेटिंग एरिया, आइसोलेशन वार्ड, एचडीयू, रेड, येलो जोन भी होगा।
कोट
क्रिटिकल केयर यूनिट के लिए भूमि अभी उपलब्ध नहीं हो सकी है। इसमें दिक्कत आ रही है। इसे देखते हुए अस्पताल परिसर में ही भूमि की तलाश की जा रही है। यूनिट निर्माण का लेआउट बन गया है। धन भी आवंटित हो गया है। कार्यदायी संस्था ने भी तैयारी कर ली है। जल्द निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
-डॉ. राजेश कुमार बरनवाल, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज, देवरिया
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गंभीर मरीजों को नहीं मिल पा रही इलाज की सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल काॅलेज में क्रिटिकल केयर यूनिट के लिए करीब 17 करोड़ रुपये बजट मिल गया है। यह जमीन के पेंच में फंस गया है। करीब एक साल से जमीन की तलाश की जा रही है। अब तक नहीं मिल सकी है।
इसके कारण निर्माण कार्य लटका पड़ा है। जो जमीन चिह्नित की गई, उसकी फाइल शासन में अटकी है। दूसरी जमीन तीन किमी दूर होने के कारण उसका मतलब नहीं है। यूनिट के न होने से गंभीर मरीजों को इलाज की सुविधा नहीं मिल पा रही है। उन्हें हायर सेंटर व निजी अस्पताल का सहारा लेना पड़ रहा है।
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महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में एनएचएम से 50 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट स्थापित करने के लिए शासन ने धन अवमुक्त कर दिया है। इसके लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने दिसंबर 2022 में जिला प्रशासन से भूमि उपलब्ध कराने की मांग की। राजस्व विभाग ने अस्पताल से कुछ दूरी पर करीब 4500 वर्ग मीटर भूमि चिह्नित की। राजस्व विभाग की भूमि को मेडिकल कॉलेज के नाम करने के लिए जिला प्रशासन ने राजस्व परिषद की स्वीकृति के लिए फाइल जनवरी माह में भेज दी। अब तक उस पर विचार नहीं किया जा सका है।
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इसके बाद जिला प्रशासन ने तीन किमी दूर जमीन उपलब्ध कराई। लेकिन, दूर होने के कारण दिक्कत को देखते हुए उसे अस्वीकृत कर दिया गया। अब फिर जमीन की तलाश की जा रही है। जमीन अस्पताल के पास होनी चाहिए। इसकी वजह से दिक्कत आ रही है। इससे क्रिटिकल केयर यूनिट की स्थापना अटकी हुई है।
इसके न होने से हर रोज करीब 18 से 20 मरीजों को रेफर करना पड़ रहा है। इससे मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें गोरखपुर, लखनऊ, वाराणसी व निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ रहा है।
जमीन की समस्या को देखते हुए प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार बरनवाल ने अस्पताल परिसर में यूनिट स्थापित करने पर मंथन शुरू कर दिया है। इसके लिए योजना भी बनाई जा रही है।
इन मरीजों को होगी सुविधा
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में क्रिटिकल केयर यूनिट स्थापित होने से गंभीर मरीजों के इलाज में सुविधा होगी। इसमें हृदय रोग, सांस, हेड इंजरी, चोट, प्रसव के गंभीर मरीजों सहित अन्य बीमारियों के गंभीर मरीजों का इलाज हो सकेगा।
दो मंजिला होगा भवन
देवरिया। क्रिटिकल केयर यूनिट भवन का निर्माण 16 करोड़ 83 लाख रुपये की लागत से होना है। दो मंजिला भवन अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित होगा। यहां पोर्टेबल एक्स-रे मशीन, पोर्टेबल सोनोग्राफी, एडवांस इक्विपमेंट, ईसीजी सहित अन्य सुविधाएं होंगी। वेटिंग एरिया, आइसोलेशन वार्ड, एचडीयू, रेड, येलो जोन भी होगा।
कोट
क्रिटिकल केयर यूनिट के लिए भूमि अभी उपलब्ध नहीं हो सकी है। इसमें दिक्कत आ रही है। इसे देखते हुए अस्पताल परिसर में ही भूमि की तलाश की जा रही है। यूनिट निर्माण का लेआउट बन गया है। धन भी आवंटित हो गया है। कार्यदायी संस्था ने भी तैयारी कर ली है। जल्द निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
-डॉ. राजेश कुमार बरनवाल, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज, देवरिया