दो करोड़ रुपये की हेराफेरी करने वाले तीन साइबर अपराधी गिरफ्तार
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एटीएम पिनकोड में हेराफेरी कर ग्राहकों के खाते से करीब दो करोड़ रुपये की हेराफेरी करने वाले तीन साइबर अपराधी पुलिस की गिरफ्तर में आ गए है। पूछताछ में उन्होंने करीब 70 से अधिक घटनाओं को कबूल किया है। यह साइबर गैंग पूर्वांचल के कई जिलों में सक्रिय है। गैंग लीडर पुलिस की पहुंच से दूर है। तीनों की गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी कामयाबी के रुप में देखा जा रहा है।
रविवार को एसपी प्रभाकर चौधरी ने प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि जिले में साबइर अपराधी काफी सक्रिय है। पुलिस रिकार्ड में हर महीने लोगों के खाते से प्रतिमाह सत्तर लाख रुपये से अधिक की हेराफेरी हो जाती थी।
बीते तीन माह में 90 से अधिक केस विभिन्न थानों में दर्ज कराए गए। इतनी बड़ी हेराफेरी को रोकना पुलिस के लिए काफी चुनौती वाला काम रहा। पुलिसकर्मियों को साइबर प्रशिक्षण दिया गया। करीब एक महीने से इन बिंदुओं पर काम किया जा रहा था।
शनिवार की शाम सर्विलांस सेल और क्राइम ब्रांच की टीम ने मुखबिर की सूूचना पर सोनूघाट के पास घेराबंदी की। चेकिंग के दौरान तीनों संदिग्धों को पकड़ा। पूछताछ में उनकी पहचान मऊ जिले के मोहम्मदाबाद इलाके के गोहना कुतुबपुर निवासी अजय चौहान और राजकुमार चौहान, तीसरे की पहचान गाजीपुर, कोतवाली छावनी लाइन निवासी रामप्रवेश कुशवाहा के रुप में हुई। उन्होंने बताया कि एटीएम से हेरोफेरी कर ग्राहकों के खाते से रुपये निकालते हैं।
देवरिया में करीब 70 से अधिक जगहों पर हेरफेर कर चुके हैं। एसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि भाटपारानी, भटनी, देवरिया सदर कोतवाली के साथ जिले में कई जगहों पर उन्होंने लोगों से करीब दो करोड़ रुपये की हेराफेरी की। जो पुलिस रिकार्ड में है। जागरूकता के बाद भी अधिकांश लोग केस दर्ज कराने नहीं आते वरना हेरफेरी की रकम और बढ़ जाती।
गैंग लीडर लक्ष्मन सहित अन्य की तलाश
एसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि बारह से अधिक लोग साइबर अपराध की गैंग चलाते है। जिसका मुखिया मऊ जिले के मोहम्मदाबाद गोहना इलाके के कुतुबपुर निवासी लक्ष्मन यादव है, जो काफी पढ़ा लिखा है। उसका भाई बंगलुरू में बीटेक की पढ़ाई करता है। जो गैंग के लोगों की मदद करता है।
लक्ष्मण और उसके भाई के अलावा उसके गांव के राजेश चौहान, राहुल चौहान, मोहम्मदाबाद थाने के मठिया अन्नुपार निवासी नंदिनी यादव, सिप्पू यादव, जुलाई यादव, परवेज मौर्या और गाजीपुर जिले के शादियाबाद इलाके के हरिहरपुर निवासी राहुल चौहान उर्फ घाना चौहान गैंग में काम करते हैं।
जो काफी दिनों से देवरिया में सक्रिय थे। पकड़े गए लोग शहर के विभिन्न बैंको के एटीएम में खड़ा होकर लोगों का पिनकोड जानकर लक्ष्मन को जानकारी देते जिसके बाद वह विभिन्न मदों में खरीदारी करता। सभी को उनके काम के हिसाब से हिस्सा दिया जाता।
इसके अलावे बनारस, गोरखपुर, गाजीपुर, मऊ के साथ पूर्वांचल के कई जिलों में इस गैंग के लोगों ने करोड़ों रुपये की हेराफेरी की है। इन सभी को गिरोहबंद अपरधियों की श्रेणी में शामिल किया जाएगा। गैंग खोलकर डी गैंग में शामिल किया जाएगा।
पूरे गांव के लोग साइबर अपराध में संलिप्त
एसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि मऊ जिले के मोहम्मदाबाद गोहना थाने के कुतुबपुर गांव में अधिकांश युवा साइबर अपराध में संलिप्त है। जो विभिन्न शहरों में लोगों के खातों से रुपये निकालने का काम करते हैं। लक्ष्मन का प्रतिदिन का खर्च करीब चार हजार रुपये है। पकड़े गए लोगों के पास से एक बाइक, चार महंगे मोबाइल, एटीएम कार्ड मिला है।
इनके हाथ लगी कामयाबी
साइबर अपराधियों को पकड़ने वालों में उप निरीक्षक विकास यादव, राहुल सिंह, सिपाही रवि शंकर श्रीवास्तव, योगेन्द्र सिंह और सर्विलांस से राहुल सिंह, विमलेश और मनीष दुबे शामिल थे। एसपी प्रभाकर चौधरी ने टीम के कर्मचारियों को एक हजार रुपये नगद पुरस्कार दिया।