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आंधी-पानी से दो की मौत
ब्यूरो अमर उजाला/ देवरिया
Updated Fri, 27 May 2016 11:16 PM IST
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मृक बालक मंगल के रोते घर वाले
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रुद्रपुर क्षेत्र में शुक्रवार की शाम आंधी पानी और बादल की तेज गरज ने कोहराम मचा दिया। इससे एक किशोर सहित दो की जान चली गई। शाम 6:30 बजे आई आंधी-पानी ने इलाके में खूब तबाही मचाई। इस दौरान बिजली गिरने से रुद्रपुर नगर के दुग्धेश्वरनाथ वार्ड में एक चरवाहे की मौत हो गई। वहीं, एकौना थाने के अनुसा गांव में आंधी से पेड़ उखड़ कर एक 12 साल के बालक पर गिर गया जिससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। उसका शव जमीन में दब गया था।
दुग्धेश्वरनाथ वार्ड स्थित मिशन स्कूल के पीछे भैस चरा रहे अधेड़ किसान की बिजली गिरने से मौत हो गई। 50 वर्षीय काशी यादव मैदान में भैस चरा रहे थे। बादलों की तेजी से गरजने पर वह जानवरों को लेकर घर की ओर आ रहे थे। इसी दौरान बिजली उनके ऊपर गिर गई। घटना शाम 6:30 बजे की है। रोज की तरह दोपहर को जानवरों को लेकर काशी मिशन स्कूल के पीछे गढ़ही की तरफ चराने गए थे। आंधी आने के बाद एकाएक बारिश शुरू हो गई। इसी दौरान बड़ी तेजी से बिजली कड़की। काशी पशुओं को लेकर भाग ही रहे थे कि उनके ऊपर बिजली गिर गई। पशुपालक के बाएं कान में बिजली का आघात लगा और उनके कान से खून निकलने लगा जिससे मौके पर ही वह तड़पते हुए मर गए।
घटना की सूचना पर घर वाले उन्हें उठाकर अस्पताल ले गए लेकिन उनका दम निकल चुका था। घटना की जानकारी होने पर नायब तहसीलदार डॉ. संजीव कुमार दीक्षित मौके पर पहुंच कर किसान का पूरा ब्योरा लिए। किसान
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के शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक किसान अपने पीछे दो बेटे बेटियों को छोड़ गए हैं। उनकी मौत से परिवार में शोक की लहर है।
एकौना के अनुसा गांव में शाम को आई आंधी में पेड़ गिरने से 12 वर्ष के एक बालक की मौत हो गई। वह कक्षा 7वीं का छात्र था। आंधी के दौरान घर के पीछे बगीचे में आम चुनने गया था। इसी दौरान एक मोटा पेड़ उखड़ कर उसके ऊपर गिर गया। बालक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
अनुसा निवासी शिवशंकर गौड़ का बेटा मंगल शाम को तेज हवा बहने के बाद कुछ साथियों के साथ उसके घर के पीछे बगीचे में आम बीनने गया था। इसी दौरान तेज आंधी से पेड़ उखड़ कर गिरने लगे। एक पेड़ की मोटी डाली टूट गई। यह देख सभी बच्चे भागने लगे। मंगल भी भाग ही रहा था कि बागीचे में एक मोटा पेड़ जड़ से उखड़ कर गिर गया। मंगल उस पेड़ की एक मोटी डाल की चपेट में आ गया। पेड़ की डाल उस पर गिर गई। लिहाजा उससे दब कर जमीन में धस गया। घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। गांववालों ने जमीन खोद कर उसका शव बाहर निकाला।
बेटे की मौत पर शिवशंकर के परिवार में एकाएक शोक व सन्नाटा है। उसकी मां उषा देवी छाती पीट पीटकर रोने लगी। उसका छोटा भाई मयंक और दो बहनों नेहा और स्नेहा का रो रोकर बुरा हाल हो रहा था। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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दुग्धेश्वरनाथ वार्ड स्थित मिशन स्कूल के पीछे भैस चरा रहे अधेड़ किसान की बिजली गिरने से मौत हो गई। 50 वर्षीय काशी यादव मैदान में भैस चरा रहे थे। बादलों की तेजी से गरजने पर वह जानवरों को लेकर घर की ओर आ रहे थे। इसी दौरान बिजली उनके ऊपर गिर गई। घटना शाम 6:30 बजे की है। रोज की तरह दोपहर को जानवरों को लेकर काशी मिशन स्कूल के पीछे गढ़ही की तरफ चराने गए थे। आंधी आने के बाद एकाएक बारिश शुरू हो गई। इसी दौरान बड़ी तेजी से बिजली कड़की। काशी पशुओं को लेकर भाग ही रहे थे कि उनके ऊपर बिजली गिर गई। पशुपालक के बाएं कान में बिजली का आघात लगा और उनके कान से खून निकलने लगा जिससे मौके पर ही वह तड़पते हुए मर गए।
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घटना की सूचना पर घर वाले उन्हें उठाकर अस्पताल ले गए लेकिन उनका दम निकल चुका था। घटना की जानकारी होने पर नायब तहसीलदार डॉ. संजीव कुमार दीक्षित मौके पर पहुंच कर किसान का पूरा ब्योरा लिए। किसान
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के शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक किसान अपने पीछे दो बेटे बेटियों को छोड़ गए हैं। उनकी मौत से परिवार में शोक की लहर है।
एकौना के अनुसा गांव में शाम को आई आंधी में पेड़ गिरने से 12 वर्ष के एक बालक की मौत हो गई। वह कक्षा 7वीं का छात्र था। आंधी के दौरान घर के पीछे बगीचे में आम चुनने गया था। इसी दौरान एक मोटा पेड़ उखड़ कर उसके ऊपर गिर गया। बालक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
अनुसा निवासी शिवशंकर गौड़ का बेटा मंगल शाम को तेज हवा बहने के बाद कुछ साथियों के साथ उसके घर के पीछे बगीचे में आम बीनने गया था। इसी दौरान तेज आंधी से पेड़ उखड़ कर गिरने लगे। एक पेड़ की मोटी डाली टूट गई। यह देख सभी बच्चे भागने लगे। मंगल भी भाग ही रहा था कि बागीचे में एक मोटा पेड़ जड़ से उखड़ कर गिर गया। मंगल उस पेड़ की एक मोटी डाल की चपेट में आ गया। पेड़ की डाल उस पर गिर गई। लिहाजा उससे दब कर जमीन में धस गया। घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। गांववालों ने जमीन खोद कर उसका शव बाहर निकाला।
बेटे की मौत पर शिवशंकर के परिवार में एकाएक शोक व सन्नाटा है। उसकी मां उषा देवी छाती पीट पीटकर रोने लगी। उसका छोटा भाई मयंक और दो बहनों नेहा और स्नेहा का रो रोकर बुरा हाल हो रहा था। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।