{"_id":"5a57a7404f1c1b24198b46c0","slug":"sdm-caught-invalid-hospital","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसडीएम ने पकड़ा अवैध अस्पताल, संचालिका फरार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
एसडीएम ने पकड़ा अवैध अस्पताल, संचालिका फरार
deotia
Updated Thu, 11 Jan 2018 11:34 PM IST
विज्ञापन
अवैध अस्पताल में छापेमारी करती टीम।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रुद्रपुर।
नगर में अवैध अस्पतालों का संचालन नहीं रुक रहा है। गुरुवार को एक बार फिर रानी के बाग में छापामार कर एसडीएम रामविलास ने अवैध अस्पताल पकड़ा। वहां एक महिला अवैध अस्पताल चला रही थी। छापेमारी के दौरान संचालिका फरार हो गई। एसडीएम ने अस्पताल को सील कर संचालिका और मकान मालिक के खिलाफ केस दर्ज करने का स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए।
जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम शाम पांच बजे अवैध अस्पताल की जांच करने पहुंचे। अवैध अस्पताल के संबंध में किसी ने डीएम से शिकायत की थी। वहां मकान में मरीज भर्ती कक्ष बनाकर एक प्रसूता को भर्ती किया गया था। उसे ड्रिप चढ़ाई जा रही थी। भर्ती मरीज लीलापुर गांव की किरन ने ऑपरेशन से बच्चे को जन्म दिया है। उससे संचालिका ने बच्चा पैदा कराने के एवज में दस हजार रुपये लिए हैं। भर्ती मरीज को उसकी हाल पर छोड़कर संचालिका फरार थी। एसडीएम ने बताया कि सुषमा नाम की महिला कई साल से अस्पताल चला रही है। बीते दिनों वह दूसरे मकान में अस्पताल चला रही थी। जिसे पहले ही सील कर दिया गया है। अब वह उसी मकान के बगल की मकान में अस्पताल चलाने लगी। उसने ऑपरेशन थियेटर और मरीज भर्ती करने का कक्ष बनाया है। अस्पताल की जांच में कोई वैध कागजात नहीं मिले। जांच के दौरान सीएचसी के चिकित्साधिकारी डॉ. अनिरुद्ध गुप्ता, कोतवाली प्रभारी छोटेलाल मौजूद रहे। एसडीएम ने अवैध अस्पताल को सील कर संचालिका और दोनों मकानों के मालिक के खिलाफ चिकित्सा अधिनियम की धाराओं और धोखाधड़ी के मामले में केस दर्ज करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
नगर में अवैध अस्पतालों का संचालन नहीं रुक रहा है। गुरुवार को एक बार फिर रानी के बाग में छापामार कर एसडीएम रामविलास ने अवैध अस्पताल पकड़ा। वहां एक महिला अवैध अस्पताल चला रही थी। छापेमारी के दौरान संचालिका फरार हो गई। एसडीएम ने अस्पताल को सील कर संचालिका और मकान मालिक के खिलाफ केस दर्ज करने का स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए।
जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम शाम पांच बजे अवैध अस्पताल की जांच करने पहुंचे। अवैध अस्पताल के संबंध में किसी ने डीएम से शिकायत की थी। वहां मकान में मरीज भर्ती कक्ष बनाकर एक प्रसूता को भर्ती किया गया था। उसे ड्रिप चढ़ाई जा रही थी। भर्ती मरीज लीलापुर गांव की किरन ने ऑपरेशन से बच्चे को जन्म दिया है। उससे संचालिका ने बच्चा पैदा कराने के एवज में दस हजार रुपये लिए हैं। भर्ती मरीज को उसकी हाल पर छोड़कर संचालिका फरार थी। एसडीएम ने बताया कि सुषमा नाम की महिला कई साल से अस्पताल चला रही है। बीते दिनों वह दूसरे मकान में अस्पताल चला रही थी। जिसे पहले ही सील कर दिया गया है। अब वह उसी मकान के बगल की मकान में अस्पताल चलाने लगी। उसने ऑपरेशन थियेटर और मरीज भर्ती करने का कक्ष बनाया है। अस्पताल की जांच में कोई वैध कागजात नहीं मिले। जांच के दौरान सीएचसी के चिकित्साधिकारी डॉ. अनिरुद्ध गुप्ता, कोतवाली प्रभारी छोटेलाल मौजूद रहे। एसडीएम ने अवैध अस्पताल को सील कर संचालिका और दोनों मकानों के मालिक के खिलाफ चिकित्सा अधिनियम की धाराओं और धोखाधड़ी के मामले में केस दर्ज करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन