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सुनियोजित हत्या का आरोप
ब्यूरो अमर उजाला/ देवरिया
Updated Mon, 16 May 2016 12:41 AM IST
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मृत देहअ
- फोटो : डेमो फोटो
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वाराणसी में प्रेमिका के गांव में गोली मारकर खुदकुशी करने वाले सेना के सिपाही के मामले में नया मोड़ आ गया है। परिवारवालों ने बड़ागांव एसओ की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करते हुए प्रेमिका और उसके घर वालों पर सुनियोजित तरीके से हत्या करने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने डीजीपी, आईजी वाराणसी समेत अन्य अफसरों के पास शिकायती पत्र भेजा है।
देवरिया जिले के मईल के करौता गांव निवासी विजय बहादुर सिंह सेना में सिपाही के पद पर जयपुर में तैनात थे। वाराणसी के बड़ागांव थाना क्षेत्र के धनेसरी गांव की एक लड़की से उसकी दोस्ती हो गई। चार माह पूर्व लड़की के अपहरण के मामले में उसे जेल जाना पड़ा। 14 अप्रैल को वह जेल से जमानत पर छूटा। परिवारवालों ने आरोप लगाया है कि बड़ागांव एसओ शशिभूषण राय ने जेल जाते समय जमा किए गए सामानों को देने के लिए कई बार फोन किया था। विजय बहादुर चार बार थाने पर गया, लेकिन सामान नहीं दिया गया। जब भी पहुंचा युवती के घर वाले थाने पर मौजूद मिले।
11 मई को वह रेल टिकट बुक कराने की बात कहकर घर से निकला। उसी दिन शाम को प्रेमिका के गांव के बाहर खून से सनी हुई उसकी लाश मिलने की जानकारी दी गई। लेकिन पिता कैलाश के पहुंचने से पूर्व पुलिस ने लाश को सील कर दिया था। पुलिस ने गोली मारकर खुदकुशी करने की बात कही। बड़ागांव एसओ शशिभूषण राय ने जवान के पिता से चार सादे पन्ने पर हस्ताक्षर करा लिया। आरोप लगाया कि पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया। वाराणसी के एसपी आकाश कुलहरी ने बताया कि अभी कोई ऐसी शिकायत नहीं मिली है। शिकायती पत्र मिलने पर मामले की जांच कराई जाएगी।
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देवरिया जिले के मईल के करौता गांव निवासी विजय बहादुर सिंह सेना में सिपाही के पद पर जयपुर में तैनात थे। वाराणसी के बड़ागांव थाना क्षेत्र के धनेसरी गांव की एक लड़की से उसकी दोस्ती हो गई। चार माह पूर्व लड़की के अपहरण के मामले में उसे जेल जाना पड़ा। 14 अप्रैल को वह जेल से जमानत पर छूटा। परिवारवालों ने आरोप लगाया है कि बड़ागांव एसओ शशिभूषण राय ने जेल जाते समय जमा किए गए सामानों को देने के लिए कई बार फोन किया था। विजय बहादुर चार बार थाने पर गया, लेकिन सामान नहीं दिया गया। जब भी पहुंचा युवती के घर वाले थाने पर मौजूद मिले।
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11 मई को वह रेल टिकट बुक कराने की बात कहकर घर से निकला। उसी दिन शाम को प्रेमिका के गांव के बाहर खून से सनी हुई उसकी लाश मिलने की जानकारी दी गई। लेकिन पिता कैलाश के पहुंचने से पूर्व पुलिस ने लाश को सील कर दिया था। पुलिस ने गोली मारकर खुदकुशी करने की बात कही। बड़ागांव एसओ शशिभूषण राय ने जवान के पिता से चार सादे पन्ने पर हस्ताक्षर करा लिया। आरोप लगाया कि पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया। वाराणसी के एसपी आकाश कुलहरी ने बताया कि अभी कोई ऐसी शिकायत नहीं मिली है। शिकायती पत्र मिलने पर मामले की जांच कराई जाएगी।
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