{"_id":"571d0c7c4f1c1bf9288b53a1","slug":"neonatal-death-chaos-jammed","type":"story","status":"publish","title_hn":"नवजात की मौत, हंगामा, जाम","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
नवजात की मौत, हंगामा, जाम
ब्यूरो अमर उजाला/ देवरिया
Updated Sun, 24 Apr 2016 11:42 PM IST
विज्ञापन
शहर के एक बाल रोग चिकित्सालय पर नवजात की मौत के बाद लोगों ने चिकित्सालय के सामने सडक जाम कर दिया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवरिया में इलाज में लापरवाही से नवजात की मौत से नाराज परिवारवालों ने हंगामा शुरू कर दिया। मामला शहर के ट्यूबवेल कॉलोनी चौक स्थित क्लीनिक का है। परिवारवालों ने अस्पताल में तोड़फोड़ की कोशिश की। बाद में ट्यूबवेेल कॉलोनी की सड़क जाम कर दिया। पीड़ित परिवार का आरोप था कि डॉक्टर ने इमरजेंसी फीस लिया लेकिन इलाज कंपाउंडर से कराया। कोतवाल के कार्रवाई के आश्वासन पर मामला शांत हुआ। करीब दो घंटे तक अस्पताल में अफरातफरी का माहौल रहा।
बिहार, गोपालगंज के विजयीपुर इलाके के रहने वाले रिंकू दुुबे की पत्नी ने तीन दिन पहले एक बच्ची को जन्म दिया था। रविवार को बच्ची की तबियत अचानक खराब हो गई। परिवार के लोग उसे लेकर ट्यूवेल कॉलोनी में रहने वाले बाल रोग विशेषज्ञ की क्लीनिक पर पहुंचे। अस्पताल में मौजूद कर्मचारियों ने पांच सौ रुपये इमरजेंसी फीस लेकर डॉक्टर को दिखाने की बात कहीं।
पीड़ित परिवार ने डॉक्टर की इमरजेंसी फीस अदा कर दी। लेकिन इलाज कंपाउंडर ने किया। आरोप है कि एक सुई लगाने के बाद बच्ची की मौत हो गई। कर्मचारी के इलाज करने पर परिवार के लोग भड़क गए। आरोप है कि विरोध करने पर कर्मचारियों ने परिवारवालों के साथ मारपीट पर उतारू हो गए। जिससे अस्पताल में अफरातफरी मच गई। विवाद के दौरान कुछ कुर्सी टूट गई। पीड़ित परिवार बच्ची को लेकर क्लीनिक के सामने वाली सड़क पर बैठ गया। जिससे दोनों तरफ जाम लग गया।
विज्ञापन
रिंकू दुबे का कहना था कि डॉक्टर ने मरीज को क्यों नहीं देखा। मैने इमरजेंसी फीस दे दिया था। डाक्टर की लापरवाही और अनट्रेंड कर्मचारी ने बेटी की जान ले ली। विवाद की सूचना पर शहर कोतवाल फोर्स के साथ पहुंचे उन्होंने पीड़ित परिवार से बात की। तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई का भरोसा दिया। जिसके बाद जाम समाप्त हो सका।
विज्ञापन
बिहार, गोपालगंज के विजयीपुर इलाके के रहने वाले रिंकू दुुबे की पत्नी ने तीन दिन पहले एक बच्ची को जन्म दिया था। रविवार को बच्ची की तबियत अचानक खराब हो गई। परिवार के लोग उसे लेकर ट्यूवेल कॉलोनी में रहने वाले बाल रोग विशेषज्ञ की क्लीनिक पर पहुंचे। अस्पताल में मौजूद कर्मचारियों ने पांच सौ रुपये इमरजेंसी फीस लेकर डॉक्टर को दिखाने की बात कहीं।
विज्ञापन
पीड़ित परिवार ने डॉक्टर की इमरजेंसी फीस अदा कर दी। लेकिन इलाज कंपाउंडर ने किया। आरोप है कि एक सुई लगाने के बाद बच्ची की मौत हो गई। कर्मचारी के इलाज करने पर परिवार के लोग भड़क गए। आरोप है कि विरोध करने पर कर्मचारियों ने परिवारवालों के साथ मारपीट पर उतारू हो गए। जिससे अस्पताल में अफरातफरी मच गई। विवाद के दौरान कुछ कुर्सी टूट गई। पीड़ित परिवार बच्ची को लेकर क्लीनिक के सामने वाली सड़क पर बैठ गया। जिससे दोनों तरफ जाम लग गया।
विज्ञापन
रिंकू दुबे का कहना था कि डॉक्टर ने मरीज को क्यों नहीं देखा। मैने इमरजेंसी फीस दे दिया था। डाक्टर की लापरवाही और अनट्रेंड कर्मचारी ने बेटी की जान ले ली। विवाद की सूचना पर शहर कोतवाल फोर्स के साथ पहुंचे उन्होंने पीड़ित परिवार से बात की। तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई का भरोसा दिया। जिसके बाद जाम समाप्त हो सका।