जमीनी कारोबारी और निजी सुरक्षाकर्मी पर भी मुकदमा
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सपा नेता के दरवाजे पर चढ़कर फायरिंग के आरोपी जमीनी कारोबारी और उनके निजी सुरक्षाकर्मी के खिलाफ पुलिस ने हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया है।
फायरिंग के मामले में दोनों तरफ से केस दर्ज होने के बाद पुलिस उनकी गिरफ्तारी से बच रही है। वर्चश्व को लेकर दोनों गुटों के बीच ताबड़तोड़ फायरिंग से टकराहट की आशंका बढ़ गई है।
मामला हाईप्रोफाइल और सत्तापक्ष से जुड़ा होने के कारण खुफिया विभाग भी सतर्क हो गया है। पुलिस महकमे में सरगर्मी बढ़ गई है।
कोतवाली, सीसी रोड के सपा नेता कमला यादव शुक्रवार की शाम अपने दरवाजे पर थे। जमीनी कारोबारी प्रेम कुशवाहा, उनके निजी सुरक्षाकर्मी रामभवन कुशवाहा और रजला निवासी एक सपा नेता के साथ कमला यादव के दरवाजे पर पहुंचे थे और कमला के भाई से बातचीत करने लगे।
दोनों पक्षों के बीच विवाद के बाद फायरिंग शुरू हो गई। पुलिस ने मामले को शांत कराया। विवाद के बाद कमला यादव के दरवाजे पर कुछ लोग पहुंचे और असलहों का प्रदर्शन किया।
घटना के बाद सपा नेता कमला यादव ने एसपी से मामले की शिकायत की। उनका आरोप था कि जमीनी कारोबारी प्रेमचंद कुशवाहा और उनके निजी सुरक्षाकर्मी रामभवन पुराने विवाद में दरवाजे पर चढ़ गए। हत्या की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस ने कमला यादव की तहरीर पर प्रेम कुशवाहा और रामभवन कुशवाहा के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया। इस मामले में पुलिस ने रामभवन की तहरीर पर सपा नेता सहित चार के खिलाफ पहले ही संबंधित धारा में केस दर्ज कर चुकी है।
मामले में क्रास केस दर्ज होने से पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। सूत्रों का कहना है कि फायरिंग के बाद दो फाट हुई नेताओं ने घटना के बाद अपनी ताकत का इस्तेमाल किया। चर्चा है कि पूर्व सांसद ने घटना को लेकर लखनऊ में पुलिस के अधिकारियों से बात की थी।
इसके चलते पुलिस बैकफुट पर आ गई। केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने किसी को गिरफ्तार नहीं किया है। कोतवाल गोपाल त्रिपाठी ने बताया कि कमला यादव की तहरीर पर प्रेम और रामभवन के खिलाफ केस दर्ज हुआ है।