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बुजुर्ग को रातभर थाने में बैठाया
देवरिया
Updated Wed, 16 Nov 2016 10:44 PM IST
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शेषनाथ तिवारी
- फोटो : अमर उजाला
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रुद्रपुर। दिनदहाड़े गोलीबारी सहित कई घटनाओं को अंजाम देने वाले बदमाशों की परछाई तक नहीं छू पाने वाली पुलिस को 67 वर्षीय बुजुर्ग से शांतिभंग का खतरा सता रहा है।
मंगलवार को बेटी के घर जमीन विवाद में पिता को पुलिस ने रातभर थाने में बैठाए रखा। वह मधुमेह से पीड़ित हैं। दवा के अभाव में तबीयत बिगड़ने पर बुधवार को जमानत पर रिहा हुए। मदनपुर थाना के चकिया गांव के शेषनाथ तिवारी सेवानिवृत्त शिक्षक हैं।
वह मंगलवार को जोगिया गांव में बेटी सीमा के यहां गए थे। जमीन के विवाद को लेकर एक व्यक्ति ने कोतवाली में शिकायत की थी। वह बेटी के घर दरवाजे पर बैठे थे। पुलिस गांव आई। बेेटी के घर बैठकर बात कर रहे शिक्षक को पकड़ कर थाने ले गई। शेषनाथ तिवारी ने बताया कि पुलिस से डायबिटीज से पीड़ित होने की बात बताई, पर पुलिस सुनने को तैयार नहीं थी।
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रातभर में दवा नहीं ले पाने के कारण उनके सीने में दर्द होने लगा। बुजुर्ग की हालत बिगड़ती देख पुलिस ने उन्हें आनन फानन में शांतिभंग के आरोप में चालान कर दी। दोपहर तीन बजे तहसील से एसडीएम ने शिक्षक को जमानत दी।
पीड़ित ने मानवाधिकार आयोग में पुलिस की शिकायत करने को कहा। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि कागजी कार्रवाई होने के बाद उन्हें बुजुर्ग की उम्र और बीमारी के बारे में पता चला। उन्हें रातभर अच्छी तरह से सोने की व्यवस्था की गई। सुबह तहसील पर जमानत कराने के लिए भेज दिया गया।
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मंगलवार को बेटी के घर जमीन विवाद में पिता को पुलिस ने रातभर थाने में बैठाए रखा। वह मधुमेह से पीड़ित हैं। दवा के अभाव में तबीयत बिगड़ने पर बुधवार को जमानत पर रिहा हुए। मदनपुर थाना के चकिया गांव के शेषनाथ तिवारी सेवानिवृत्त शिक्षक हैं।
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वह मंगलवार को जोगिया गांव में बेटी सीमा के यहां गए थे। जमीन के विवाद को लेकर एक व्यक्ति ने कोतवाली में शिकायत की थी। वह बेटी के घर दरवाजे पर बैठे थे। पुलिस गांव आई। बेेटी के घर बैठकर बात कर रहे शिक्षक को पकड़ कर थाने ले गई। शेषनाथ तिवारी ने बताया कि पुलिस से डायबिटीज से पीड़ित होने की बात बताई, पर पुलिस सुनने को तैयार नहीं थी।
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रातभर में दवा नहीं ले पाने के कारण उनके सीने में दर्द होने लगा। बुजुर्ग की हालत बिगड़ती देख पुलिस ने उन्हें आनन फानन में शांतिभंग के आरोप में चालान कर दी। दोपहर तीन बजे तहसील से एसडीएम ने शिक्षक को जमानत दी।
पीड़ित ने मानवाधिकार आयोग में पुलिस की शिकायत करने को कहा। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि कागजी कार्रवाई होने के बाद उन्हें बुजुर्ग की उम्र और बीमारी के बारे में पता चला। उन्हें रातभर अच्छी तरह से सोने की व्यवस्था की गई। सुबह तहसील पर जमानत कराने के लिए भेज दिया गया।