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चिट फंड कंपनी दफ्तर पर ताला लगा, हंगामा
देविररिया/ ब्यूरो
Updated Fri, 20 May 2016 11:59 PM IST
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काला पीलिया
- फोटो : amar ujala
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बरहज, नगर के बस स्टैंड पर खुले चिट फंड बैंक के फरार होने का मामला प्रकाश में आया है। करीब 20 दिनों से बैंक में ताला लटकने की जानकारी मिलने पर शुक्रवार को बैंक के बाहर खड़े दर्जनों खाताधारकों ने हल्ला मचाया।
उनका आरोप था कि उनके रुपये लेकर कर्मचारी गायब हो गए हैं। जमाकर्ताओं ने पुलिस को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
बस स्टैंड पर एक सपा नेता के मकान में एक चिट फंड बैंक वर्ष 2011 से काम कर रहा था। इसमें नगर के अलावा गांव के युवा, बतौर अभिकर्ता के रूप में कार्य कर रहे थे।
दुकानदारों के अलावा मजदूरों के नकद जमा कराए गए हैं। पिछले वर्ष नवंबर माह तक बैंक का लेन-देन ग्राहकों से ठीक रहा। दिसंबर से बैंक के कर्मचारी ग्राहकों के पैसे भुगतान करना बंद कर दिए।
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बिना ग्राहकों को जमा धन लौटाए बैंक प्रतिदिन खुलता रहा। इधर, एक मई से बैंक में ताला बंद कर कर्मचारी गायब हैं। बताया जाता है अधिकांश कर्मचारी नगर और आसपास गांवों के हैं। अधिकांश लोगों को बैंक बंद होने की जानकारी नहीं थी।
शुक्रवार को जब बैंक के बंद होने की जानकारी पर जमाकर्ताओं की भीड़ जुट गई। सभी लोग लाखों रुपये लेकर बैंक के भाग जाने की बात कर रहे थे। योगेंद्र प्रजापति, गजानंद मौर्या, अभिमन्यु गोंड, रमेश पाल, मनोज सिंह, अखिलानंद पांडेय आदि ने बताया कि बैंक हम निवेशकों के रुपये लेकर बंद हो गया है। बैंक के कर्मचारी स्थानीय हैं।
जिनके कहने पर रुपये निवेश हुए हैं। इनके खिलाफ पुलिस को तहरीर दी गई है। एसओ ने बताया कि तहरीर मिली है। मामले की जांच की जा रही है।
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उनका आरोप था कि उनके रुपये लेकर कर्मचारी गायब हो गए हैं। जमाकर्ताओं ने पुलिस को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
बस स्टैंड पर एक सपा नेता के मकान में एक चिट फंड बैंक वर्ष 2011 से काम कर रहा था। इसमें नगर के अलावा गांव के युवा, बतौर अभिकर्ता के रूप में कार्य कर रहे थे।
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दुकानदारों के अलावा मजदूरों के नकद जमा कराए गए हैं। पिछले वर्ष नवंबर माह तक बैंक का लेन-देन ग्राहकों से ठीक रहा। दिसंबर से बैंक के कर्मचारी ग्राहकों के पैसे भुगतान करना बंद कर दिए।
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बिना ग्राहकों को जमा धन लौटाए बैंक प्रतिदिन खुलता रहा। इधर, एक मई से बैंक में ताला बंद कर कर्मचारी गायब हैं। बताया जाता है अधिकांश कर्मचारी नगर और आसपास गांवों के हैं। अधिकांश लोगों को बैंक बंद होने की जानकारी नहीं थी।
शुक्रवार को जब बैंक के बंद होने की जानकारी पर जमाकर्ताओं की भीड़ जुट गई। सभी लोग लाखों रुपये लेकर बैंक के भाग जाने की बात कर रहे थे। योगेंद्र प्रजापति, गजानंद मौर्या, अभिमन्यु गोंड, रमेश पाल, मनोज सिंह, अखिलानंद पांडेय आदि ने बताया कि बैंक हम निवेशकों के रुपये लेकर बंद हो गया है। बैंक के कर्मचारी स्थानीय हैं।
जिनके कहने पर रुपये निवेश हुए हैं। इनके खिलाफ पुलिस को तहरीर दी गई है। एसओ ने बताया कि तहरीर मिली है। मामले की जांच की जा रही है।