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दो पूर्व प्रधान समेत चार पर जालसाजी का केस
deoria
Updated Tue, 03 May 2016 12:28 AM IST
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रामपुर कारखाना में बिना काम के ही मनरेगा के तहत करीब चार लाख रुपये गोलमाल मिलने पर डीएम ने दो पूर्व प्रधान सहित चार लोगों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है। बीडीओ की तहरीर पर पुलिस ने कार्रवाई की है। मामला माधोपुर गांव है। गांव के कुछ लोगों ने धाधली की शिकायत डीएम से की थी। आरोप सही मिलने पर कार्रवाई की गई।
रामपुर कारखाना के माधोपुर निवासी अकलेन्द्र राव ने डीएम से शिकायत की थी कि वर्ष 2010-13 तक माधोपुर गांव के पूर्व प्रधान कौशल्या देवी, पूर्व प्रधान राजू मद्धेशिया ने सेक्रेट्री देवकांत पाठक, सहायक राजेश सिंह के साथ धोखाधड़ी कर तीन लाख चौसठ हजार दो सौ बहत्तर रुपये का गबन कर लिया। सभी ने मिलकर नाली, सड़क पर मिट्टी का कार्य और सड़क निर्माण में भुगतान किया। डीएम ने पूरे प्रकरण की जांच कराई तो मामला सही मिला। इसी बीच आरोपी प्रधान सहित अधिकारी कोर्ट चले गए। इधर, डीएम के निर्देश पर बीडीओ ने रामपुर कारखाना थाने में तहरीर देकर सरकारी धन के गबन का आरोप लगाया।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर सभी आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी को केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। थानाध्यक्ष देवेन्द्र विक्रम सिंह ने बताया कि डीएम के आदेश पर बीडीओ ने तहरीर दी थी। मामले की जांच में सरकारी धन के दुरुपयोग की बात सामने आई थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोपी पक्ष कोर्ट में भी गया है। मामला अधिकारियों के संज्ञान में है।
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रामपुर कारखाना के माधोपुर निवासी अकलेन्द्र राव ने डीएम से शिकायत की थी कि वर्ष 2010-13 तक माधोपुर गांव के पूर्व प्रधान कौशल्या देवी, पूर्व प्रधान राजू मद्धेशिया ने सेक्रेट्री देवकांत पाठक, सहायक राजेश सिंह के साथ धोखाधड़ी कर तीन लाख चौसठ हजार दो सौ बहत्तर रुपये का गबन कर लिया। सभी ने मिलकर नाली, सड़क पर मिट्टी का कार्य और सड़क निर्माण में भुगतान किया। डीएम ने पूरे प्रकरण की जांच कराई तो मामला सही मिला। इसी बीच आरोपी प्रधान सहित अधिकारी कोर्ट चले गए। इधर, डीएम के निर्देश पर बीडीओ ने रामपुर कारखाना थाने में तहरीर देकर सरकारी धन के गबन का आरोप लगाया।
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पुलिस ने तहरीर के आधार पर सभी आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी को केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। थानाध्यक्ष देवेन्द्र विक्रम सिंह ने बताया कि डीएम के आदेश पर बीडीओ ने तहरीर दी थी। मामले की जांच में सरकारी धन के दुरुपयोग की बात सामने आई थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोपी पक्ष कोर्ट में भी गया है। मामला अधिकारियों के संज्ञान में है।
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