{"_id":"577a9c284f1c1b6f0c7fa08f","slug":"bsf-jawan-killed-during-treatment","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीएसएफ जवान की इलाज के दौरान मौत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बीएसएफ जवान की इलाज के दौरान मौत
देवरिया
Updated Mon, 04 Jul 2016 10:56 PM IST
विज्ञापन
तिम संस्कार गौरा घाट स्थित शमशान घाट पर सैनिक सम्मान के साथ किया गया।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरहज/मगहरा। बीएसएफ में कांस्टेबल पद पर तैनात रहे जवान की एक जुलाई को जैसलमेर में मौत हो गई। वह कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। सोमवार को उनका अंतिम संस्कार सैनिक सम्मान के साथ सरयू तट पर किया गया।
खुखुंदू थानाक्षेत्र के सुकरौली गांव निवासी रामायन तिवारी के 46 वर्षीय बेटे सत्येंद्र तिवारी बीएसएफ की 194वीं बटालियन जैसलमेर में बतौर कांस्टेबल पद पर तैनात थे। पिछले माह वह घर छुट्टी पर आए थे।
ड्यूटी पर लौटने के बाद उन्हें सांस लेने में तकलीफ की शिकायत हुई। विभाग के अस्पताल में उनका इलाज शुरू हुआ। जहां इलाज के दौरान एक जुलाई को उनकी मौत हो गई।
विज्ञापन
मौत के बाद अधिकारियों ने घटना की सूचना घरवालों को दी। जानकारी मिलते ही घर में कोहराम मच गया। विभागीय कार्रवाई के बाद जैसलमेर से उनका शव पटना लाया गया। जहां से एनडीआरएफ के वाहन में सोमवार की सुबह घर पहुंचा। उनका अंतिम संस्कार गौरा घाट स्थित शमशान घाट पर सैनिक सम्मान के साथ किया गया।
जहां शव के साथ आए एसएसआई मोहनलाल सैनी व एनडीआरएफ के सब इंस्पेक्टर कमलेश कुमार ने अन्य सैनिकों के साथ ‘गार्ड ऑफ आनर’ देते हुए अंतिम विदाई दी। मुखाग्नि इकलौते बेटे प्रभाकर ने दी।
इस दौरान तहसीलदार तिलेश्वर प्रसाद, एसओ राजेंद्र सिंह यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष महेंद्र यादव, जिला पंचायत सदस्य गिरेंद्र यादव, ग्राम प्रधान दुर्गा शरण तिवारी, धनंजय तिवारी, रामप्रवेश यादव, ओंकार नाथ तिवारी सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
खुखुंदू थानाक्षेत्र के सुकरौली गांव निवासी रामायन तिवारी के 46 वर्षीय बेटे सत्येंद्र तिवारी बीएसएफ की 194वीं बटालियन जैसलमेर में बतौर कांस्टेबल पद पर तैनात थे। पिछले माह वह घर छुट्टी पर आए थे।
विज्ञापन
ड्यूटी पर लौटने के बाद उन्हें सांस लेने में तकलीफ की शिकायत हुई। विभाग के अस्पताल में उनका इलाज शुरू हुआ। जहां इलाज के दौरान एक जुलाई को उनकी मौत हो गई।
विज्ञापन
मौत के बाद अधिकारियों ने घटना की सूचना घरवालों को दी। जानकारी मिलते ही घर में कोहराम मच गया। विभागीय कार्रवाई के बाद जैसलमेर से उनका शव पटना लाया गया। जहां से एनडीआरएफ के वाहन में सोमवार की सुबह घर पहुंचा। उनका अंतिम संस्कार गौरा घाट स्थित शमशान घाट पर सैनिक सम्मान के साथ किया गया।
जहां शव के साथ आए एसएसआई मोहनलाल सैनी व एनडीआरएफ के सब इंस्पेक्टर कमलेश कुमार ने अन्य सैनिकों के साथ ‘गार्ड ऑफ आनर’ देते हुए अंतिम विदाई दी। मुखाग्नि इकलौते बेटे प्रभाकर ने दी।
इस दौरान तहसीलदार तिलेश्वर प्रसाद, एसओ राजेंद्र सिंह यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष महेंद्र यादव, जिला पंचायत सदस्य गिरेंद्र यादव, ग्राम प्रधान दुर्गा शरण तिवारी, धनंजय तिवारी, रामप्रवेश यादव, ओंकार नाथ तिवारी सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।