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लॉकअप में युवक की पिटाई
देवरिया
Updated Wed, 24 May 2017 10:40 PM IST
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यूपी पुलिस
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देवरिया। तरकुलवा पुलिस ने छेड़खानी के आरोप में एक युवक की लॉकअप में बंद कर बेरहमी से पिटाई कर दी। हालत खराब होने पर उसे स्थानीय पीएचसी पथरदेवा ले जाया गया। बाद में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस पर पिटाई और रुपये का आरोप लगते ही सीओ सिटी अस्पताल पहुंच कर मामले की जांच में जुट गए।
तरकुलवा पुलिस मारपीट की घटना से इनकार कर रही है। तरकुलवा थाना के जगदीश महुरी गांव निवासी सुभाष कन्नौजिया 19 मई को यूपी-100 की गाड़ी पकड़कर थाने लगे गई। फिर छोड़ने के लिए रकम की मांग शुरू हुई। आरोप है कि रुपये नहीं देने पर लॉकअप में ले जाकर पीटा गया। सोमवार सुबह तीन हजार रुपये देने के बाद पुलिस ने सुभाष की शांतिभंग की चालान रिपोर्ट तैयार की। घरवालों का कहना है कि तरकुलवा इंस्पेक्टर राजाराम की मौजूदगी में पुलिसकर्मियों ने पीड़ित के साथ मारपीट की। इंस्पेक्टर भी खामोश रहे।
बुधवार की सुबह सुभाष की हालत खराब हुई। आनन-फानन में इंस्पेक्टर राजराम यादव पीड़ित को गाड़ी में बैठाकर पथरदेवा पीएचसी पर ले गए। उल्टी बंद नहीं होने पर डॉक्टर ने घायल सुभाष को रेफर कर दिया। फिर घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। मजिस्ट्रेट के सामने पीड़ित पक्ष के लोगों ने उपस्थिति होकर आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। इस बात की जानकारी जब पुलिस के उच्चाधिकारियों को हुई तो हड़कंप मच गया। सीओ सिटी अजय कुमार सिंह जिला अस्पताल पहुंचे और सुभाष का बयान लिया।
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प्रारंभिक जांच में उसके शरीर पर गंभीर चोट के निशान नहीं मिले। सीओ ने एक्सरे कराने को कहा। सीओ सिटी का कहना है कि सुभाष के ऊपर मारपीट और छेड़खानी का केस दर्ज है। पिटाई और रुपये लेने का आरोप लगा है। जांच की जा रही है। आवश्कय कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया जाएगा।
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तरकुलवा पुलिस मारपीट की घटना से इनकार कर रही है। तरकुलवा थाना के जगदीश महुरी गांव निवासी सुभाष कन्नौजिया 19 मई को यूपी-100 की गाड़ी पकड़कर थाने लगे गई। फिर छोड़ने के लिए रकम की मांग शुरू हुई। आरोप है कि रुपये नहीं देने पर लॉकअप में ले जाकर पीटा गया। सोमवार सुबह तीन हजार रुपये देने के बाद पुलिस ने सुभाष की शांतिभंग की चालान रिपोर्ट तैयार की। घरवालों का कहना है कि तरकुलवा इंस्पेक्टर राजाराम की मौजूदगी में पुलिसकर्मियों ने पीड़ित के साथ मारपीट की। इंस्पेक्टर भी खामोश रहे।
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बुधवार की सुबह सुभाष की हालत खराब हुई। आनन-फानन में इंस्पेक्टर राजराम यादव पीड़ित को गाड़ी में बैठाकर पथरदेवा पीएचसी पर ले गए। उल्टी बंद नहीं होने पर डॉक्टर ने घायल सुभाष को रेफर कर दिया। फिर घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। मजिस्ट्रेट के सामने पीड़ित पक्ष के लोगों ने उपस्थिति होकर आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। इस बात की जानकारी जब पुलिस के उच्चाधिकारियों को हुई तो हड़कंप मच गया। सीओ सिटी अजय कुमार सिंह जिला अस्पताल पहुंचे और सुभाष का बयान लिया।
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प्रारंभिक जांच में उसके शरीर पर गंभीर चोट के निशान नहीं मिले। सीओ ने एक्सरे कराने को कहा। सीओ सिटी का कहना है कि सुभाष के ऊपर मारपीट और छेड़खानी का केस दर्ज है। पिटाई और रुपये लेने का आरोप लगा है। जांच की जा रही है। आवश्कय कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया जाएगा।