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खदेड़े गए प्राइवेट बस, 11 वाहन सीज
Updated Wed, 28 Nov 2018 10:16 PM IST
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जिला प्रशासन ने रोडवेज के सामने से डग्गामार वाहनो को पकडा।
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। रोडवेज डिपो के सामने बसें खड़ी कर सवारियां भरने वाले प्राइवेट वाहनों पर बुधवार को पुलिस, प्रशासन और परिवहन विभाग ने संयुक्त कार्रवाई की। टीम ने प्राइवेट बसों को खदेड़ दिया। कई बसों का काफी दूर तक पीछा कर पकड़ा गया। इस दौरान पकड़े गए 11 प्राइवेट बसों को सीज कर दिया गया। कार्रवाई से बस संचालकों में खलबली मची रही। टीम ने कड़ी हिदायत दी है कि रोडवेज डिपो से एक किमी के दायरे में सवारियां न भरें। बता दें कि बस मालिक अनूप राय की हत्या में बस संचालन व सवारियों को भरने के विवाद में ही बस मालिक अनूप की पिछले दिनों हत्या कर दी गई थी। इसके बाद ‘अमर उजाला’ ने इस मामले को प्रमुखता से उठाते हुए बसों के मनमाने ढंग से संचालन में पुलिस, प्रशासन व परिवहन विभाग की सांठगांठ को उजागर किया था।
डीएम के निर्देश पर संयुक्त जांच टीम अचानक सक्रिय हुई। सदर एसडीएम रामकेश यादव, सीओ वरुण मिश्र के नेतृत्व में पहुंचे अफसरों ने रोडवेज डिपो के दोनों तरफ नजर गड़ा दी। सलेमपुर और गोरखपुर की ओर जाने वाले प्रवेश द्वार, सिविल लाइन क्षेत्र, जिला अस्पताल गेट के सामने, कचहरी चौराहे से पोस्टमार्टम चौराहा जाने वाले रोड, भटवलिया एवं स्टेडियम रोड जाने वाले स्थान पर जांच की गई। टीम ने शहर के प्रमुख मार्गों पर जाकर इनके खिलाफ कार्रवाई की। इस दौरान कई बस चालक जल्दी-जल्दी सवारियों को उतारकर भागने में लगे रहे तो उन्हें पीछा कर टीम ने पकड़ा। आधे घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान अफरातफरी मची रही। कुछ देर तक मौजूद लोग भी समझ नहीं पाए कि आखिर क्या हो रहा है। कार्रवाई से जहां प्राइवेट बस संचालक सकते में रहे, वहीं उनकी खींचतान से परेशान होने वाले यात्रियों ने भी राहत महसूस की।
चिह्नित किए गए हैं 45 बसें
एआरटीओ प्रशासन राजीव चतुर्वेदी व रोडवेज के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक आरबी विश्वकर्मा ने बताया कि शहर में अवैध रुप से चलने वाले 45 प्राइवेट बसों का चिन्हिकरण किया गया है। नियम है कि प्राइवेट बस वाले रोडवेज परिसर के एक किलोमीटर परिधि में सवारियां नहीं बैठाएंगे, लेकिन शहर में लगातार इनकी मनमानी बढ़ती जा रही है। जिलाधिकारी के निर्देश पर बुधवार को 11 प्राइवेट बसों के खिलाफ सीज की कार्रवाई की गई।
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अफसरों के पास आते रहे रसूखदारों के फोन
लार-देवरिया, सलेपुर-देवरिया-गोरखपुर, देवरिया-कसया सहित अन्य लोकल रूटों पर जिले के कई रसूखदार प्राइवेट बसों का संचालन कराते हैं। इसमें सत्ता पक्ष से जुड़े कई लोग भी शामिल हैं। पुलिस प्रशासन भी इन पर हाथ डालने में बचता है। बुधवार को हुई कार्रवाई के बाद अधिकारियों के मोबाइल पर इन्हें छोड़ने के लिए दबाव बनाया जाता रहा। कई लोगों ने तो यहां तक कहा कि वह अब रोडवेज में अनुबंध कराकर अपनी बसों का संचालन कराएंगे।
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डीएम के निर्देश पर संयुक्त जांच टीम अचानक सक्रिय हुई। सदर एसडीएम रामकेश यादव, सीओ वरुण मिश्र के नेतृत्व में पहुंचे अफसरों ने रोडवेज डिपो के दोनों तरफ नजर गड़ा दी। सलेमपुर और गोरखपुर की ओर जाने वाले प्रवेश द्वार, सिविल लाइन क्षेत्र, जिला अस्पताल गेट के सामने, कचहरी चौराहे से पोस्टमार्टम चौराहा जाने वाले रोड, भटवलिया एवं स्टेडियम रोड जाने वाले स्थान पर जांच की गई। टीम ने शहर के प्रमुख मार्गों पर जाकर इनके खिलाफ कार्रवाई की। इस दौरान कई बस चालक जल्दी-जल्दी सवारियों को उतारकर भागने में लगे रहे तो उन्हें पीछा कर टीम ने पकड़ा। आधे घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान अफरातफरी मची रही। कुछ देर तक मौजूद लोग भी समझ नहीं पाए कि आखिर क्या हो रहा है। कार्रवाई से जहां प्राइवेट बस संचालक सकते में रहे, वहीं उनकी खींचतान से परेशान होने वाले यात्रियों ने भी राहत महसूस की।
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चिह्नित किए गए हैं 45 बसें
एआरटीओ प्रशासन राजीव चतुर्वेदी व रोडवेज के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक आरबी विश्वकर्मा ने बताया कि शहर में अवैध रुप से चलने वाले 45 प्राइवेट बसों का चिन्हिकरण किया गया है। नियम है कि प्राइवेट बस वाले रोडवेज परिसर के एक किलोमीटर परिधि में सवारियां नहीं बैठाएंगे, लेकिन शहर में लगातार इनकी मनमानी बढ़ती जा रही है। जिलाधिकारी के निर्देश पर बुधवार को 11 प्राइवेट बसों के खिलाफ सीज की कार्रवाई की गई।
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अफसरों के पास आते रहे रसूखदारों के फोन
लार-देवरिया, सलेपुर-देवरिया-गोरखपुर, देवरिया-कसया सहित अन्य लोकल रूटों पर जिले के कई रसूखदार प्राइवेट बसों का संचालन कराते हैं। इसमें सत्ता पक्ष से जुड़े कई लोग भी शामिल हैं। पुलिस प्रशासन भी इन पर हाथ डालने में बचता है। बुधवार को हुई कार्रवाई के बाद अधिकारियों के मोबाइल पर इन्हें छोड़ने के लिए दबाव बनाया जाता रहा। कई लोगों ने तो यहां तक कहा कि वह अब रोडवेज में अनुबंध कराकर अपनी बसों का संचालन कराएंगे।