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लाई डिटेक्टर टेस्ट पर नहीं हो सका फैसला
Updated Sat, 29 Sep 2018 10:25 PM IST
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देवरिया। बालिका गृह कांड में आरोपियों के लाई डिटेक्टर टेस्ट पर फैसला शनिवार को भी नहीं हो पाया। देर शाम तक एसआईटी टीम कोर्ट परिसर में जमी रही। अब सुनवाई एक अक्तूबर को होगी।
मां विंध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण एवं समाज सेवा संस्थान के अंतर्गत संचालित बालिका संरक्षण गृह में देह व्यापार, लड़कियों की तस्करी, बाल अधिकारों के उल्लंघन सहित अन्य आरोपों की एसआईटी जांच कर रही है। पिछले डेढ़ माह से छानबीन में जुटी एसआईटी को आरोपियों से पूछताछ में कोई खास जानकारी नहीं मिल पाई है। जांच अधिकारी को आशंका है कि आरोपी सच्चाई छिपा रहे हैं। वह बार-बार गलत बयान दे रहे हैं। मामले की हकीकत सामने लाने के लिए एसआईटी ने संचालिका गिरिजा त्रिपाठी, अधीक्षिका कंचनलता व मोहन त्रिपाठी का लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने की अनुमति मांगी है। पाक्सो कोर्ट में उन्होंने अपील दायर की थी। शुक्रवार को इस पर बहस के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। शनिवार को फैसला आने की उम्मीद में एसआईटी के सदस्य कोर्ट परिसर में जमे रहे, मगर देर शाम उन्हें निराश लौटना पड़ा। अब सोमवार को इस मामले में कोर्ट का रुख स्पष्ट होगा।
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मां विंध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण एवं समाज सेवा संस्थान के अंतर्गत संचालित बालिका संरक्षण गृह में देह व्यापार, लड़कियों की तस्करी, बाल अधिकारों के उल्लंघन सहित अन्य आरोपों की एसआईटी जांच कर रही है। पिछले डेढ़ माह से छानबीन में जुटी एसआईटी को आरोपियों से पूछताछ में कोई खास जानकारी नहीं मिल पाई है। जांच अधिकारी को आशंका है कि आरोपी सच्चाई छिपा रहे हैं। वह बार-बार गलत बयान दे रहे हैं। मामले की हकीकत सामने लाने के लिए एसआईटी ने संचालिका गिरिजा त्रिपाठी, अधीक्षिका कंचनलता व मोहन त्रिपाठी का लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने की अनुमति मांगी है। पाक्सो कोर्ट में उन्होंने अपील दायर की थी। शुक्रवार को इस पर बहस के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। शनिवार को फैसला आने की उम्मीद में एसआईटी के सदस्य कोर्ट परिसर में जमे रहे, मगर देर शाम उन्हें निराश लौटना पड़ा। अब सोमवार को इस मामले में कोर्ट का रुख स्पष्ट होगा।
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