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डबल गोलीकांड के जड़ में पहुंची पुलिस, शूटरों की तलाश
Updated Sun, 09 Jul 2017 06:19 PM IST
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देवरिया। शहर में शनिवार की रात हुए दोहरे गोलीकांड के जड़ तक पुलिस पहुंच चुकी है। पूरे मामले के पीछे प्रेम प्रसंग की बात सामने आई है। आरोपी ने इसी के चलते दोनों जगह हत्या के इरादे से फायरिंग की। मामले की पर्तें खोलने के लिए पुलिस रात में ही वारदात के मुख्य आरोपी के भाई और बहन को घर से उठा लिया है। उनसे गोपनीय स्थान पर पूछताछ की जा रही है। पुलिस कप्तान ने बदमाशों को पकड़ने के लिए तीन टीमें गठित की हैं। जो जिले के विभिन्न स्थानों समेत कुशीनगर जिले में भी बदमाशों की खोज में लगी है।
फायरिंग में घायल हुए एलआईसी एजेंट अरविंद विश्वकर्मा ने पुलिस को आलम और उसके दो अज्ञात साथियों द्वारा गोली चलाने की जानकारी दी थी, जिसके आधार पर दबिश देते हुए आरोपी और उसकी एक बहन से पूछताछ की जा रही है।
सूत्रों की माने तो एलआईसी एजेंट अरविंद और फायरिंग में मारे गए स्टूडियो संचालक विद्या भास्कर जायसवाल के बेटे बाला में दोस्ती थी। इन दोनों का ही आरोपी के परिवार की दो लड़कियों से प्रेेम प्रसंग चल रहा था। इसको लेकर दस दिन पूर्व आरोपी की ओर से इन्हें धमकी भी मिल चुकी थी। घटना वाले दिन बदमाश बाला को ही पूछते हुए दुकान पर ही आए थे और बाला के न मिलने पर उसके पिता विद्या भास्कर जायसवाल को गोली मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई। आरोरियों ने अरविंद को भी हत्या के नियत से ही गोली मारी थी। हालांकि अरविंद विश्वकर्मा के परिवार के तरफ से कोई तहरीर नहीं दी गई है। मृतक विद्या भास्कर जायसवाल के भाई प्रमोद कुमार जायसवाल ने भी पुलिस को दिए नामजद तहरीर में आलम को ही आरोपित किया है, जिसका नाम अरविंद ने लिया था। वारदात को अंजाम देने के लिए भाड़े के शूटरों को भी शामिल किया गया था। पुलिस मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश में जुटी है।
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शनिवार की रात 20 मिनट के अंदर हुई दो घटनाओं ने पुलिस के होश उड़ा दिए। शहर के बांस देवरिया मुहल्ला निवासी 55 वर्षीय विद्या भास्कर जायसवाल की तहसील चौक पर फोटो स्टूडियो की दुकान में गोली मार कर हत्या कर दी गई। गोरखपुर ओवरब्रिज के समीप एलआईसी एजेंट अरविंद विश्वकर्मा को गोली मार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। उनका इलाज गोरखपुर मेडिकल कालेज में चल रहा है।
कोट्स-
एसओजी टीम, क्राइम ब्रांच व सीओ के नेतृत्व में पुलिस टीम शूटरों की तलाश में जुटी है। एक टीम ने कुशीनगर में डेरा डाल रखा है, जबकि दो टीमें अलग-अलग स्थानों पर आरोपियों के ठिकाने पर दबिश डाल रही हैं। बाहरहाल आरोपी पुलिस पकड़ से बाहर है।
- चिरंजीव नाथ सिन्हा, एएसपी, देवरिया
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फायरिंग में घायल हुए एलआईसी एजेंट अरविंद विश्वकर्मा ने पुलिस को आलम और उसके दो अज्ञात साथियों द्वारा गोली चलाने की जानकारी दी थी, जिसके आधार पर दबिश देते हुए आरोपी और उसकी एक बहन से पूछताछ की जा रही है।
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सूत्रों की माने तो एलआईसी एजेंट अरविंद और फायरिंग में मारे गए स्टूडियो संचालक विद्या भास्कर जायसवाल के बेटे बाला में दोस्ती थी। इन दोनों का ही आरोपी के परिवार की दो लड़कियों से प्रेेम प्रसंग चल रहा था। इसको लेकर दस दिन पूर्व आरोपी की ओर से इन्हें धमकी भी मिल चुकी थी। घटना वाले दिन बदमाश बाला को ही पूछते हुए दुकान पर ही आए थे और बाला के न मिलने पर उसके पिता विद्या भास्कर जायसवाल को गोली मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई। आरोरियों ने अरविंद को भी हत्या के नियत से ही गोली मारी थी। हालांकि अरविंद विश्वकर्मा के परिवार के तरफ से कोई तहरीर नहीं दी गई है। मृतक विद्या भास्कर जायसवाल के भाई प्रमोद कुमार जायसवाल ने भी पुलिस को दिए नामजद तहरीर में आलम को ही आरोपित किया है, जिसका नाम अरविंद ने लिया था। वारदात को अंजाम देने के लिए भाड़े के शूटरों को भी शामिल किया गया था। पुलिस मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश में जुटी है।
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शनिवार की रात 20 मिनट के अंदर हुई दो घटनाओं ने पुलिस के होश उड़ा दिए। शहर के बांस देवरिया मुहल्ला निवासी 55 वर्षीय विद्या भास्कर जायसवाल की तहसील चौक पर फोटो स्टूडियो की दुकान में गोली मार कर हत्या कर दी गई। गोरखपुर ओवरब्रिज के समीप एलआईसी एजेंट अरविंद विश्वकर्मा को गोली मार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। उनका इलाज गोरखपुर मेडिकल कालेज में चल रहा है।
कोट्स-
एसओजी टीम, क्राइम ब्रांच व सीओ के नेतृत्व में पुलिस टीम शूटरों की तलाश में जुटी है। एक टीम ने कुशीनगर में डेरा डाल रखा है, जबकि दो टीमें अलग-अलग स्थानों पर आरोपियों के ठिकाने पर दबिश डाल रही हैं। बाहरहाल आरोपी पुलिस पकड़ से बाहर है।
- चिरंजीव नाथ सिन्हा, एएसपी, देवरिया