{"_id":"5b88216e42c7924656043b2e","slug":"21535648110-deoria-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसआईटी बंद कमरे में अभिलेखों का किया अवलोकन","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
एसआईटी बंद कमरे में अभिलेखों का किया अवलोकन
Updated Thu, 30 Aug 2018 10:25 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवरिया बालिकागृह कांड
-------------------------
एसआईटी ने बंद कमरे में की अभिलेखों की पड़ताल
प्वाइंटर
- प्रोबेशन कार्यालय से जरूरत के अनुसार मंगाए गए अभिलेख
- एक ही सवाल बार-बार करने पर अलग-अलग मिल रहे जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। बालगृह बालिका कांड में एसआईटी संस्था के कर्मचारियों-कार्यकर्ताओं से बार-बार एक तरह के सवाल ही पूछ रही है, लेकिन हर बार जवाब अलग-अलग मिल रहे हैं। सच सामने लाने के लिए बालगृह के कर्मचारियों को बार-बार पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है। जिला प्रोबेशन कार्यालय से कुछ जरूरी अभिलेख गुरुवार को भी मंगाए गए।
बालगृह बालिका कांड की जांच कर रही एसआईटी विभागीय और घटना संबंधित जरूरी अभिलेख अपने कब्जे में लेने के बाद अब वहां काम करने वालेे कार्यकर्ताओं से पूछताछ कर रही है। पूर्व में सीडब्ल्यूसी की सदस्य और संस्था संचालिका गिरिजा त्रिपाठी की करीबी महिला को एसआईटी ने लगातार तीन दिन बुलाया और पूछताछ की। टीम की मानें तो यह महिला गिरिजा के यहां वर्कर के रूप में कार्य करती थी। वह एक ही सवाल के बार-बार अलग-अलग जवाब दे रही है। इसको लेकर एसआईटी असमंजस में है और हकीकत जानने के लिए बार-बार कर्मचारियों को बुला रही है। इसमें कई ऐसे हैं जिनका अभी तक पता नहीं चल सका है और उनका मोबाइल लगातार स्विच ऑफ है।
गुरुवार को टीम ने पुलिस लाइन में पूरे दिन अभिलेखों की पड़ताल की। जरूरत पड़ने पर प्रोबेशन कार्यालय से जरूरी कागजात भी मंगाए। पूछताछ के लिए जा रहीं संस्था की महिला कार्यकर्ताओं का कहना है कि एसआईटी में शामिल सदस्य एक ही सवाल कई बार पूछ रहे हैं। सुबह 10 बजे से बुलाकर शाम चार बजे तक पूछताछ कर रहे हैं। फिलहाल एसआईटी मामले की तह तक पहुंचने की जुगत में है।
विज्ञापन
विज्ञापन
-------------------------
एसआईटी ने बंद कमरे में की अभिलेखों की पड़ताल
प्वाइंटर
- प्रोबेशन कार्यालय से जरूरत के अनुसार मंगाए गए अभिलेख
- एक ही सवाल बार-बार करने पर अलग-अलग मिल रहे जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। बालगृह बालिका कांड में एसआईटी संस्था के कर्मचारियों-कार्यकर्ताओं से बार-बार एक तरह के सवाल ही पूछ रही है, लेकिन हर बार जवाब अलग-अलग मिल रहे हैं। सच सामने लाने के लिए बालगृह के कर्मचारियों को बार-बार पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है। जिला प्रोबेशन कार्यालय से कुछ जरूरी अभिलेख गुरुवार को भी मंगाए गए।
बालगृह बालिका कांड की जांच कर रही एसआईटी विभागीय और घटना संबंधित जरूरी अभिलेख अपने कब्जे में लेने के बाद अब वहां काम करने वालेे कार्यकर्ताओं से पूछताछ कर रही है। पूर्व में सीडब्ल्यूसी की सदस्य और संस्था संचालिका गिरिजा त्रिपाठी की करीबी महिला को एसआईटी ने लगातार तीन दिन बुलाया और पूछताछ की। टीम की मानें तो यह महिला गिरिजा के यहां वर्कर के रूप में कार्य करती थी। वह एक ही सवाल के बार-बार अलग-अलग जवाब दे रही है। इसको लेकर एसआईटी असमंजस में है और हकीकत जानने के लिए बार-बार कर्मचारियों को बुला रही है। इसमें कई ऐसे हैं जिनका अभी तक पता नहीं चल सका है और उनका मोबाइल लगातार स्विच ऑफ है।
विज्ञापन
गुरुवार को टीम ने पुलिस लाइन में पूरे दिन अभिलेखों की पड़ताल की। जरूरत पड़ने पर प्रोबेशन कार्यालय से जरूरी कागजात भी मंगाए। पूछताछ के लिए जा रहीं संस्था की महिला कार्यकर्ताओं का कहना है कि एसआईटी में शामिल सदस्य एक ही सवाल कई बार पूछ रहे हैं। सुबह 10 बजे से बुलाकर शाम चार बजे तक पूछताछ कर रहे हैं। फिलहाल एसआईटी मामले की तह तक पहुंचने की जुगत में है।
विज्ञापन