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भरी अदालत में भिड़े तहसीलदार और अधिवक्ता
Updated Mon, 21 Aug 2017 10:59 PM IST
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रुद्रपुर (देवरिया)। तहसीलदार कोर्ट में सोमवार को कानून के जानकार और न्यायिक अधिकारी इस कदर उलझ गए कि न्यायालय की मर्यादा तार-तार हो गई। भरी अदालत में अधिवक्ताओं का हंगामा काफी देर तक चलता रहा। न्यायालय में शोर सुन कर कचहरी आए लोगों से तहसीलदार मजिस्ट्रेट का कक्ष पूरी तरह भर गया। एक अधिवक्ता ने पीठासीन अधिकारी पर बदसलूकी का आरोप लगाया। तहसीलदार अधिवक्ता पर अनाधिकृत रूप से मुकदमे की एक फाइल में हस्तक्षेप करने का आरोप लगा रहे हैं।
दोपहर एक बजे तहसीलदार न्यायालय में मुकदमों की सुनवाई चल रही थी। तहसीलदार सूर्यभान गिरी एक मुकदमे की फाइल में अधिवक्ता की बहस सुन रहे थे। इस दौरान दूसरे अधिवक्ता के बीच में बोलने पर उन्होंने उन्हें न्यायालय के बाहर जाने का आदेश दिया। इस बात को लेकर अधिवक्ता आनंद सिंह और तहसीलदार में तीखी बहस होने लगी। मर्यादा भूल कर कोर्ट में लोग अमर्यादित शब्दों का प्रयोग शुरू कर दिए। जोर-जोर से चिल्ला रहे अधिवक्ताओं की आवाज सुन कचहरी में आए लोग तहसीलदार कोर्ट में जुट गए। कुछ वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने बीच बचाव कर दोनों पक्ष को शांत कराया। अधिवक्ता आनंद सिंह ने कहा कि मजिस्ट्रेट ने भरी अदालत में अपमानित किया। वह मुवक्किल के पक्ष में कानूनी तर्क दे रहे थे। तहसीलदार सूर्यभान गिरी ने कहा कि आरोप निराधार है। अधिवक्ता ने अनुशासनहीनता किया। वह दूसरी फाइल में अनाधिकृत रूप से बोल रहे थे, ऐसा करने पर उन्हें मना किया गया।
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दोपहर एक बजे तहसीलदार न्यायालय में मुकदमों की सुनवाई चल रही थी। तहसीलदार सूर्यभान गिरी एक मुकदमे की फाइल में अधिवक्ता की बहस सुन रहे थे। इस दौरान दूसरे अधिवक्ता के बीच में बोलने पर उन्होंने उन्हें न्यायालय के बाहर जाने का आदेश दिया। इस बात को लेकर अधिवक्ता आनंद सिंह और तहसीलदार में तीखी बहस होने लगी। मर्यादा भूल कर कोर्ट में लोग अमर्यादित शब्दों का प्रयोग शुरू कर दिए। जोर-जोर से चिल्ला रहे अधिवक्ताओं की आवाज सुन कचहरी में आए लोग तहसीलदार कोर्ट में जुट गए। कुछ वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने बीच बचाव कर दोनों पक्ष को शांत कराया। अधिवक्ता आनंद सिंह ने कहा कि मजिस्ट्रेट ने भरी अदालत में अपमानित किया। वह मुवक्किल के पक्ष में कानूनी तर्क दे रहे थे। तहसीलदार सूर्यभान गिरी ने कहा कि आरोप निराधार है। अधिवक्ता ने अनुशासनहीनता किया। वह दूसरी फाइल में अनाधिकृत रूप से बोल रहे थे, ऐसा करने पर उन्हें मना किया गया।
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