{"_id":"5ca39383bdec22145d384058","slug":"141554224003-deoria-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कर्मचारी ने वसूला पांच हजार, अफसरों को पता नहीं","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
कर्मचारी ने वसूला पांच हजार, अफसरों को पता नहीं
विज्ञापन
वाणिज्यकर कार्यालय में शिकायत करते व्यवसायी और मौजूद सेवक
- फोटो : अमर उजाला
देवरिया। सामान लेकर जा रहे एक व्यवसायी से रात को पांच हजार रुपये वसूलने और जबरन वाहन का कागज लेने का मामला प्रकाश में आया है। मंगलवार को वाणिज्यकर अफसर तक शिकायत पहुंची तो कर्मचारी का होश गुम हो गया। असिस्टेंट कमिश्नर ने प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।
लार थाना क्षेत्र के बरडीहा परशुराम गांव निवासी अखिलेश सिंह कागज का ग्लास और थाली बनाने का कारोबार करते हैं। सोमवार की रात इनका भाई अनिकेत सिंह पिकअप से कागज लेकर लार जा रहे थे। रात करीब 11.30 बजे खुखुंदू में वाणिज्यकर अधिकारी अजय श्रीवास्तव और इनके कर्मचारियों ने वाहन को रोका। आरोप है कि कागजात दिखाने के बाद एक कर्मचारी दुबारा आया और जीएसटी का कागजात अधूरा बताते हुए 15 हजार रुपये की मांग की। पांच हजार रुपये रात को लिया और सुबह 10 हजार और रुपये लेकर आने पर वाहन का कागज देने की बात कही। दोपहर में अखिलेश और अनिकेत दोनों भाई जिला पंचायत के वाणिज्यकर कार्यालय पहुंचे। कार्यालय के बाहर बुलाकर कर्मचारी ने रुपये मांगा। शोर मचाने पर कर्मचारी को जबरन लोग लेकर कार्यालय में पहुंचे। मामला बढ़ता देख उसने वाहन का कागज वापस दे दिया और रुपये नहीं लेने की बात कही। यह देख अफसर भी भौंचक रह गए। इसको लेकर कार्यालय में करीब आधे घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। असिस्टेंट कमिश्नर आशीष मिश्र ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है। प्रकरण की जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने पर कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
लार थाना क्षेत्र के बरडीहा परशुराम गांव निवासी अखिलेश सिंह कागज का ग्लास और थाली बनाने का कारोबार करते हैं। सोमवार की रात इनका भाई अनिकेत सिंह पिकअप से कागज लेकर लार जा रहे थे। रात करीब 11.30 बजे खुखुंदू में वाणिज्यकर अधिकारी अजय श्रीवास्तव और इनके कर्मचारियों ने वाहन को रोका। आरोप है कि कागजात दिखाने के बाद एक कर्मचारी दुबारा आया और जीएसटी का कागजात अधूरा बताते हुए 15 हजार रुपये की मांग की। पांच हजार रुपये रात को लिया और सुबह 10 हजार और रुपये लेकर आने पर वाहन का कागज देने की बात कही। दोपहर में अखिलेश और अनिकेत दोनों भाई जिला पंचायत के वाणिज्यकर कार्यालय पहुंचे। कार्यालय के बाहर बुलाकर कर्मचारी ने रुपये मांगा। शोर मचाने पर कर्मचारी को जबरन लोग लेकर कार्यालय में पहुंचे। मामला बढ़ता देख उसने वाहन का कागज वापस दे दिया और रुपये नहीं लेने की बात कही। यह देख अफसर भी भौंचक रह गए। इसको लेकर कार्यालय में करीब आधे घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। असिस्टेंट कमिश्नर आशीष मिश्र ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है। प्रकरण की जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने पर कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
विज्ञापन