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हादसे में एंबुलेंस चालक की मौत
Updated Sun, 26 Aug 2018 10:49 PM IST
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शैलेश की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
देवरिया। महुआडीह चौकी क्षेत्र के एक गांव के युवक की कुशीनगर के हाटा में हुए हादसे में मौत हो गई। खबर मिलते ही परिवारवालों में कोहराम मच गया। हादसे का शिकार युवक रामपुर कारखाना के हरैया बसंतपुर गांव का रहने वाला शैलेश प्राइवेट एंबुलेंस चालक था।
रामपुर कारखाना के महुआडीह चौकी क्षेत्र के हरैया बसंतपुर गांव के शैलेष सिंह कुशीनगर-पडरौना जिला अस्पताल के पास प्राइवेट एंबुलेंस चलाता था। एंबुलेंस कसया के एक व्यक्ति का था। शनिवार की रात जिला अस्पताल से रेफर एक मरीज को लेकर वह गोरखपुर गया। मरीज को एक अस्पताल में छोड़कर वह वापस पडरौना जा रहा था। रात डेढ़ बजे के करीब वह कुशीनगर के हाटा कोतवाली के करीब पहुंचा था कि सामने से आ रहे एक ट्रक ने अनियंत्रित होकर एंबुलेंस में टक्कर मार दिया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर पहुंची हाटा कोतवाली पुलिस ने उसे गाड़ी से निकालकर हाटा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाकर परिजनों को सूचना दी। गंभीर हालत देख डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कालेज के लिए रेफर कर दिया। परिजन उसे लेकर अभी कस्बा पार किए थे कि उसकी मौत हो गई। शव को पुलिस ने कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेज दिया। गाड़ी में बैठा उसका एक साथी बच गया। उसे मामूली चोट लगी है। शैलेश तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। उसकी मौत से परिवार में कोहराम मच गया। माता कटोरा देवी और पिता महिमा सिंह को इसकी खबर नहीं है। पत्नी शकुंतला देवी अपने दो बेटों मनीष और मुकेश के साथ बदहवाश थी।
गम में बदली बहन की खुशी
देवरिया। भाई-बहन के पवित्र प्रेम के प्रतीक रक्षाबंधन के त्योहार पर राखी बांधने के लिए शैलेश की बहन किरन बड़े ही उत्साह के साथ हरैया बसंतपुर भाई के घर पहुंची थी। उसे बेसब्री के साथ रविवार की उस सुबह का इंतजार था जब वह अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसका मुंह मीठा कराती और अपनी सुरक्षा का वचन लेती। मगर उसकी यह हसरत अधूरी रह गई। राखी धरी की धरी रह गई। बहन से राखी बंधवाने के पहले ही शैलेश सारे बंधनों को तोड़कर काल के गाल में समा गया। नियति के इस खेल ने छोटी बहन के अरमानों पर पानी फेर दिया। उसे अपने भाई की मौत पर विश्वास नहीं हो रहा। वह रह-रहकर बेसुध हो जा रही थी।
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रामपुर कारखाना के महुआडीह चौकी क्षेत्र के हरैया बसंतपुर गांव के शैलेष सिंह कुशीनगर-पडरौना जिला अस्पताल के पास प्राइवेट एंबुलेंस चलाता था। एंबुलेंस कसया के एक व्यक्ति का था। शनिवार की रात जिला अस्पताल से रेफर एक मरीज को लेकर वह गोरखपुर गया। मरीज को एक अस्पताल में छोड़कर वह वापस पडरौना जा रहा था। रात डेढ़ बजे के करीब वह कुशीनगर के हाटा कोतवाली के करीब पहुंचा था कि सामने से आ रहे एक ट्रक ने अनियंत्रित होकर एंबुलेंस में टक्कर मार दिया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर पहुंची हाटा कोतवाली पुलिस ने उसे गाड़ी से निकालकर हाटा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाकर परिजनों को सूचना दी। गंभीर हालत देख डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कालेज के लिए रेफर कर दिया। परिजन उसे लेकर अभी कस्बा पार किए थे कि उसकी मौत हो गई। शव को पुलिस ने कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेज दिया। गाड़ी में बैठा उसका एक साथी बच गया। उसे मामूली चोट लगी है। शैलेश तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। उसकी मौत से परिवार में कोहराम मच गया। माता कटोरा देवी और पिता महिमा सिंह को इसकी खबर नहीं है। पत्नी शकुंतला देवी अपने दो बेटों मनीष और मुकेश के साथ बदहवाश थी।
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गम में बदली बहन की खुशी
देवरिया। भाई-बहन के पवित्र प्रेम के प्रतीक रक्षाबंधन के त्योहार पर राखी बांधने के लिए शैलेश की बहन किरन बड़े ही उत्साह के साथ हरैया बसंतपुर भाई के घर पहुंची थी। उसे बेसब्री के साथ रविवार की उस सुबह का इंतजार था जब वह अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसका मुंह मीठा कराती और अपनी सुरक्षा का वचन लेती। मगर उसकी यह हसरत अधूरी रह गई। राखी धरी की धरी रह गई। बहन से राखी बंधवाने के पहले ही शैलेश सारे बंधनों को तोड़कर काल के गाल में समा गया। नियति के इस खेल ने छोटी बहन के अरमानों पर पानी फेर दिया। उसे अपने भाई की मौत पर विश्वास नहीं हो रहा। वह रह-रहकर बेसुध हो जा रही थी।
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