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Deoria News: झोलाछाप पर शिकंजा, औषधि विभाग ने भी किए तेवर कड़े

Thu, 09 Apr 2026 12:15 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 09 Apr 2026 12:15 AM IST
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Crackdown on quacks, drug department also tightens its stance
परतावल। श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के नगर पंचायत परतावल में एक अप्रैल को हुई मासूम बच्ची की मौत के मामले में कार्रवाई का दायरा बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के बाद अब औषधि विभाग भी आरोपी झोलाछाप पर सख्त कदम उठाने की तैयारी में है।
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औषधि निरीक्षक नवीन कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि आरोपी संजय कुमार सिंह का विभाग में कोई पंजीकरण नहीं है। इसके बावजूद वह बड़े पैमाने पर अंग्रेजी दवाइयों का स्टॉक रखकर मरीजों का इलाज करता रहा। उन्होंने कहा कि बिना लाइसेंस दवा का भंडारण और बिक्री गंभीर अपराध है और जल्द ही उसके खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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बताया जा रहा है कि संजय सिंह ने वर्ष 2023 में सीएचसी परतावल से डी फार्मा का प्रशिक्षण जरूर पूरा किया था, मगर इससे पहले और उसके बाद भी वह बिना वैध डिग्री और लाइसेंस के चिकित्सा कार्य करता रहा। स्थानीय लोगों के अनुसार, संजय सिंह पिछले करीब 20 वर्षों से परतावल बाजार स्थित अपने निजी आवास में क्लीनिक संचालित कर रहा था।
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धीरे-धीरे उसने क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत कर ली थी और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में मरीज उसके यहां इलाज के लिए आते थे। आरोप है कि वह खुद को डॉक्टर बताकर इलाज करता और अंग्रेजी दवाइयों का प्रयोग करता था, जबकि उसने औषधि विभाग में पंजीकरण नहीं कराया था।

स्थानीय लोगों का कहना है कि उसने अपने क्लीनिक को ही मेडिकल स्टोर का रूप दे दिया था, जहां से वह मरीजों को सीधे दवाएं बेचता था। हैरानी की बात यह है कि इतने लंबे समय तक बिना लाइसेंस उसका यह अवैध धंधा चलता रहा और जिम्मेदार विभागों को इसकी भनक तक नहीं लगी।

सूत्रों के मुताबिक, ड्रग विभाग की कार्रवाई से बचने के लिए ही संजय सिंह ने जल्दबाजी में डी फार्मा का प्रशिक्षण लिया, मगर वह पंजीकरण नहीं करा सका। मासूम की मौत के बाद मामला तूल पकड़ चुका है। स्थानीय लोग भी प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

औषधि निरीक्षक नवीन कुमार सिंह ने बताया कि संजय सिंह ने औषधि विभाग में पंजीकरण नहीं कराया है। जल्द ही उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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