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Deoria News: गो आश्रम में चारे का संकट, कड़ाके की ठंड में ठिठुर रहे गोवंश
Mon, 22 Dec 2025 11:54 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 22 Dec 2025 11:54 PM IST
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भटनी। क्षेत्र के जिगिना दीक्षित गांव स्थित अनाथ गो आश्रम में गोवंश के लिए चारे की भारी किल्लत सामने आई है। कड़ाके की ठंड के बीच पर्याप्त चारा और ठंड से बचाव के इंतजाम न होने से रविवार को पशु ठिठुरते नजर आए। गोवंश की बदहाल स्थिति ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
भटनी के जिगिना दीक्षित गांव में अनाथ गो आश्रम संचालित है। आश्रम में मौजूद गोवंश के लिए न तो पर्याप्त सूखा-हरा चारा उपलब्ध है और न ही ठंड से बचाने के लिए पर्याप्त बिछावन या तिरपाल की व्यवस्था। स्थानीय लोगों का कहना है कि ठंड बढ़ने के साथ ही पशुओं की हालत और खराब होती जा रही है।
आश्रम के अध्यक्ष मुकेश दीक्षित ने बताया कि आश्रम को मिलने वाली आर्थिक सहायता समय से नहीं पहुंच पा रही है। उन्होंने कहा कि पैसे के अभाव में चारे की समस्या गंभीर होती जा रही है और सीमित संसाधनों में किसी तरह व्यवस्था चलानी पड़ रही है।
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उधर, घांटी बाजार स्थित गोशाला में भी हालात कुछ बेहतर नहीं दिखे। यहां भी पशुओं को ठंड से बचाने के लिए कोई ठोस इंतजाम नजर नहीं आया। न पर्याप्त बिछावन था और न ही ठंड से बचाव के अन्य उपाय किए गए थे। इससे गोवंश के बीमार पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
इस मामले में प्रभारी पशु चिकित्साधिकारी भटनी सुनील कुमार ने बताया कि गोशालाओं से जुड़ी शिकायतों को संज्ञान में लिया गया है। उन्होंने कहा कि संबंधित गोशालाओं का निरीक्षण कराया जाएगा और कमियां पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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भटनी के जिगिना दीक्षित गांव में अनाथ गो आश्रम संचालित है। आश्रम में मौजूद गोवंश के लिए न तो पर्याप्त सूखा-हरा चारा उपलब्ध है और न ही ठंड से बचाने के लिए पर्याप्त बिछावन या तिरपाल की व्यवस्था। स्थानीय लोगों का कहना है कि ठंड बढ़ने के साथ ही पशुओं की हालत और खराब होती जा रही है।
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आश्रम के अध्यक्ष मुकेश दीक्षित ने बताया कि आश्रम को मिलने वाली आर्थिक सहायता समय से नहीं पहुंच पा रही है। उन्होंने कहा कि पैसे के अभाव में चारे की समस्या गंभीर होती जा रही है और सीमित संसाधनों में किसी तरह व्यवस्था चलानी पड़ रही है।
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उधर, घांटी बाजार स्थित गोशाला में भी हालात कुछ बेहतर नहीं दिखे। यहां भी पशुओं को ठंड से बचाने के लिए कोई ठोस इंतजाम नजर नहीं आया। न पर्याप्त बिछावन था और न ही ठंड से बचाव के अन्य उपाय किए गए थे। इससे गोवंश के बीमार पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
इस मामले में प्रभारी पशु चिकित्साधिकारी भटनी सुनील कुमार ने बताया कि गोशालाओं से जुड़ी शिकायतों को संज्ञान में लिया गया है। उन्होंने कहा कि संबंधित गोशालाओं का निरीक्षण कराया जाएगा और कमियां पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।