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82 स्क्रीनिंग हुई
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भर्ती युवक की सेहत में सुधार, 82 की हुई स्क्रीनिंग
प्रभावित देशों से 90 लोगों के जिले में आने की स्वास्थ्य विभाग को थी सूचना
लार इलाके में सऊदी से आए युवकों के घर पहुंची टीम, सामान्य मिले दोनों युवक
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। स्वास्थ्य विभाग को जिले में प्रभावित देशों से आए 90 लोगों में अभी तक 82 लोगों की स्क्रीनिंग डब्लूएचओ और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से किया है। किसी में कोरोना वायरस के लक्षण नहीं पाए गए। सोमवार को लार इलाके में सूचना पर पहुंची स्वास्थ्य टीम को सऊदी से आए युवक बुखार व गर्दन दर्द से पीड़ित मिले।
शहर से लेकर गांव तक लोगों को कोरोना वायरस का भय सता रहा है। हालत यह है कि लोग एक पास खड़े होने से परहेज कर रहे हैं। दुकानों पर मॉस्क और सेनेटाइजर तक नहीं मिल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम को सूचना मिली कि लार इलाके में दो लोग सऊदी से आए हैं और सर्दी-जुकाम से पीड़ित हैं, लेकिन वे इलाज नहीं करा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग टीम सोमवार को लार नगर के एक वार्ड में पहुंची। सऊदी से आया युवक घर पर मिला। उसकी गर्दन में दर्द था और सर्दी जुकाम नहीं हुआ था। इसके बाद टीम एक गांव में गई। वहां पर भी सऊदी से आए युवक से मुलाकात हुई। युवक बुखार से पीड़ित था। सर्दी जुकाम नहीं हुआ था। दोनों युवक के घर करीब दो घंटे तक टीम जमी रही। एक-एक बिंदुओं पर जांच की, लेकिन कही से कोई संदेह वाला लक्षण नहीं मिला। वहीं, जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती संदिग्ध मरीज में टायफायड की पुष्टि हुई है और उसकी सेहत में सुधार है। वार्ड के बाहर स्टाफ नर्स समेत दो कर्मचारियों की निगरानी के लिए ड्यूटी लगाई गई है। प्रभारी सीएमओ डॉ. डीबी शाही ने बताया कि जिले में प्रभावित देशों से 90 लोगों के आने की सूचना थी। आठ लोगों का नाम रिपीट हो गया था। 82 लोगों की स्क्रीनिंग कर ली गई है। किसी में कोराना वायरस के लक्षण नहीं मिले हैं।
कर्मचारियों को सता रहा कोरोना का खौफ, 20 घंटे बाद भेजा गया सैंपल
देवरिया। कोरोना वायरस को लेकर स्वास्थ्य महकमा लापरवाही बरत रहा है। आइसोलेसन वार्ड में भर्ती संदिग्ध मरीज का सैंपल 20 घंटे बाद जांच के लिए बीएचयू भेजा गया। इसकी जानकारी होने पर सीएमओ ने जिम्मेदारों को हिदायत दी तो आनन-फानन चपरासी सैंपल लेकर चालक के साथ वाराणसी के लिए रवाना हुआ।
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लार इलाके में ओमान से आया एक व्यक्ति बुखार से पीड़ित है। संदेह के आधार पर युवक को जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रविवार को भर्ती किया गया। शाम को ही इसका सैंपल रैपिड रेसपांस टीम ने लिया। जांच के लिए सैंपल लेकर बीएचयू जाना था। इसके लिए कए कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई थी कि रविवार की शाम ट्रेन से सैंपल लेकर बीएचयू के लिए रवाना होगा, लेकिन डर के कारण शाम को अचानक कर्मचारी सैंपल लेकर जाने से मना कर दिया। पूरी रात उसी तरह सैंपल पड़ा रहा। सुबह सीएमओ डॉ. आलोक कुमार पांडेय को जानकारी हुई तो वह भड़क गए। जिम्मेदारों को फोन कर खरी-खोटी सुनाई और अविलंब सैंपल भेजने के निर्देश दिए। इसको लेकर सुबह एक घंटे तक सीएमओ कार्यालय में कर्मचारी परेशान नजर आए। डर की वजह से कोई कर्मचारी सैंपल लेकर जाने को तैयार नहीं हो रहा था। काफी समझाने के बाद चपरासी भरत और चालक संजय बोलेरो से सैंपल लेकर बीएचयू के लिए रवाना हुए। इस बाबत प्रभारी सीएमओ डॉ. डीबी शाही ने बताया कि सैंपल बॉक्स में सुरक्षित था। रात को ही उसे लैब तक पहुंचा देना चाहिए था। यह कर्मचारियों की लापरवाही है। सुबह दो कर्मचारियों को सैंपल लेकर बीएचयू भेजा गया है।
जेल में आने वाले बंदियों की डॉक्टर कर रहे स्क्रीनिंग
देवरिया। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण से बंदियों में भी दहशत है। वायरस से बचाव के लिए जेल प्रशासन द्वारा तरह-तरह का इंतजाम किया गया है। कोरोना दहशत से बंदियों की दिनचर्या बदल गई है। जेल प्रशासन ने जेल के नियमों में बदलाव किया हैं। बाराबंकी की जेल से दो हजार मॉस्क बंदियों के लिए मंगाया जा रहा है। पेशी से लौटने वाले बंदियों के हाथों को सैनिटाइज कराया जा रहा है।
जेल में 1516 बंदी बंद है। कोरोना से उनकी सुरक्षा को लेकर जेल प्रशासन चिंतिंत है। जेलर जितेंद्र प्रताप तिवारी के अनुसार जेल के कंबल की धुलाई कराई जा रही हैं। साफ-सफाई पर खास ध्यान दिया जा रहा है। सभी बैरकों में बंदियों के सोने में दूरी बनाए जाने एवं सर्दी, जुकाम वाले बंदियों से दूरी बनाए जाने के निर्देश दिए गए हैं। वरिष्ठ जेल अधीक्षक केपी त्रिपाठी ने बताया कि पेेशी पर गए बंदियों को लौटने के बाद सेनेटाइजर से हाथ धुलवाने के बाद ही जेल में प्रवेश लिया जा रहा है। प्रतिदिन बंदियों एवं मुलाकातियों की स्क्रीनिंग कराई जा रही है। खास कर विदेश से हाल ही में लौटे मुलाकातियों पर सतर्क दृष्टि रखी जा रही है। नए बंदियों के लिए अलग बैरक की व्यवस्था की गई है। ताकि उनका परीक्षण होने तक किसी पुराने बंदी के संपर्क में वह नहीं आ सके। पुराने बंदियों की भी स्क्रीनिंग कराई जा रही है।
इनसेट
सीएमओ से जेल प्रशासन ने मांगी मदद
जेल प्रशासन ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र लिखकर टीम गठित करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि बंदियों की संख्या अधिक होने की वजह से स्वास्थ्य विभाग की एक टीम भेजा जाना आवश्यक है। जेल प्रशासन कोरोना को देखते हुए दो हजार मॉस्क बाराबंकी जेल से मंगा रहा है और पेशी से लौटने वाले बंदियों को सेनेटाइजर से हाथ धुलवाने के बाद ही जेल में प्रवेश लिया जा रहा है।
कोट:
कोरोना वायरस से बंदियों के बचाव के सभी उपाय किये जा रहे हैं। कोरोना से बंदियों को सावधानी जरूर बरतने के निर्देश दिए गए हैं। बंदियों के बचाव के लिए मॉस्क मंगाए जा रहे हैं। भोजन से पहले बंदियों की कलाई धोने और अलग से तौलिया का इस्तेमाल करने को कहा गया है। नए बंदियों की स्क्रीनिंग के बाद ही बैरकों में भेजा जा रहा है।
-केपी त्रिपाठी, वरिष्ठ जेल अधीक्षक।
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प्रभावित देशों से 90 लोगों के जिले में आने की स्वास्थ्य विभाग को थी सूचना
लार इलाके में सऊदी से आए युवकों के घर पहुंची टीम, सामान्य मिले दोनों युवक
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। स्वास्थ्य विभाग को जिले में प्रभावित देशों से आए 90 लोगों में अभी तक 82 लोगों की स्क्रीनिंग डब्लूएचओ और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से किया है। किसी में कोरोना वायरस के लक्षण नहीं पाए गए। सोमवार को लार इलाके में सूचना पर पहुंची स्वास्थ्य टीम को सऊदी से आए युवक बुखार व गर्दन दर्द से पीड़ित मिले।
शहर से लेकर गांव तक लोगों को कोरोना वायरस का भय सता रहा है। हालत यह है कि लोग एक पास खड़े होने से परहेज कर रहे हैं। दुकानों पर मॉस्क और सेनेटाइजर तक नहीं मिल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम को सूचना मिली कि लार इलाके में दो लोग सऊदी से आए हैं और सर्दी-जुकाम से पीड़ित हैं, लेकिन वे इलाज नहीं करा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग टीम सोमवार को लार नगर के एक वार्ड में पहुंची। सऊदी से आया युवक घर पर मिला। उसकी गर्दन में दर्द था और सर्दी जुकाम नहीं हुआ था। इसके बाद टीम एक गांव में गई। वहां पर भी सऊदी से आए युवक से मुलाकात हुई। युवक बुखार से पीड़ित था। सर्दी जुकाम नहीं हुआ था। दोनों युवक के घर करीब दो घंटे तक टीम जमी रही। एक-एक बिंदुओं पर जांच की, लेकिन कही से कोई संदेह वाला लक्षण नहीं मिला। वहीं, जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती संदिग्ध मरीज में टायफायड की पुष्टि हुई है और उसकी सेहत में सुधार है। वार्ड के बाहर स्टाफ नर्स समेत दो कर्मचारियों की निगरानी के लिए ड्यूटी लगाई गई है। प्रभारी सीएमओ डॉ. डीबी शाही ने बताया कि जिले में प्रभावित देशों से 90 लोगों के आने की सूचना थी। आठ लोगों का नाम रिपीट हो गया था। 82 लोगों की स्क्रीनिंग कर ली गई है। किसी में कोराना वायरस के लक्षण नहीं मिले हैं।
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कर्मचारियों को सता रहा कोरोना का खौफ, 20 घंटे बाद भेजा गया सैंपल
देवरिया। कोरोना वायरस को लेकर स्वास्थ्य महकमा लापरवाही बरत रहा है। आइसोलेसन वार्ड में भर्ती संदिग्ध मरीज का सैंपल 20 घंटे बाद जांच के लिए बीएचयू भेजा गया। इसकी जानकारी होने पर सीएमओ ने जिम्मेदारों को हिदायत दी तो आनन-फानन चपरासी सैंपल लेकर चालक के साथ वाराणसी के लिए रवाना हुआ।
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लार इलाके में ओमान से आया एक व्यक्ति बुखार से पीड़ित है। संदेह के आधार पर युवक को जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रविवार को भर्ती किया गया। शाम को ही इसका सैंपल रैपिड रेसपांस टीम ने लिया। जांच के लिए सैंपल लेकर बीएचयू जाना था। इसके लिए कए कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई थी कि रविवार की शाम ट्रेन से सैंपल लेकर बीएचयू के लिए रवाना होगा, लेकिन डर के कारण शाम को अचानक कर्मचारी सैंपल लेकर जाने से मना कर दिया। पूरी रात उसी तरह सैंपल पड़ा रहा। सुबह सीएमओ डॉ. आलोक कुमार पांडेय को जानकारी हुई तो वह भड़क गए। जिम्मेदारों को फोन कर खरी-खोटी सुनाई और अविलंब सैंपल भेजने के निर्देश दिए। इसको लेकर सुबह एक घंटे तक सीएमओ कार्यालय में कर्मचारी परेशान नजर आए। डर की वजह से कोई कर्मचारी सैंपल लेकर जाने को तैयार नहीं हो रहा था। काफी समझाने के बाद चपरासी भरत और चालक संजय बोलेरो से सैंपल लेकर बीएचयू के लिए रवाना हुए। इस बाबत प्रभारी सीएमओ डॉ. डीबी शाही ने बताया कि सैंपल बॉक्स में सुरक्षित था। रात को ही उसे लैब तक पहुंचा देना चाहिए था। यह कर्मचारियों की लापरवाही है। सुबह दो कर्मचारियों को सैंपल लेकर बीएचयू भेजा गया है।
जेल में आने वाले बंदियों की डॉक्टर कर रहे स्क्रीनिंग
देवरिया। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण से बंदियों में भी दहशत है। वायरस से बचाव के लिए जेल प्रशासन द्वारा तरह-तरह का इंतजाम किया गया है। कोरोना दहशत से बंदियों की दिनचर्या बदल गई है। जेल प्रशासन ने जेल के नियमों में बदलाव किया हैं। बाराबंकी की जेल से दो हजार मॉस्क बंदियों के लिए मंगाया जा रहा है। पेशी से लौटने वाले बंदियों के हाथों को सैनिटाइज कराया जा रहा है।
जेल में 1516 बंदी बंद है। कोरोना से उनकी सुरक्षा को लेकर जेल प्रशासन चिंतिंत है। जेलर जितेंद्र प्रताप तिवारी के अनुसार जेल के कंबल की धुलाई कराई जा रही हैं। साफ-सफाई पर खास ध्यान दिया जा रहा है। सभी बैरकों में बंदियों के सोने में दूरी बनाए जाने एवं सर्दी, जुकाम वाले बंदियों से दूरी बनाए जाने के निर्देश दिए गए हैं। वरिष्ठ जेल अधीक्षक केपी त्रिपाठी ने बताया कि पेेशी पर गए बंदियों को लौटने के बाद सेनेटाइजर से हाथ धुलवाने के बाद ही जेल में प्रवेश लिया जा रहा है। प्रतिदिन बंदियों एवं मुलाकातियों की स्क्रीनिंग कराई जा रही है। खास कर विदेश से हाल ही में लौटे मुलाकातियों पर सतर्क दृष्टि रखी जा रही है। नए बंदियों के लिए अलग बैरक की व्यवस्था की गई है। ताकि उनका परीक्षण होने तक किसी पुराने बंदी के संपर्क में वह नहीं आ सके। पुराने बंदियों की भी स्क्रीनिंग कराई जा रही है।
इनसेट
सीएमओ से जेल प्रशासन ने मांगी मदद
जेल प्रशासन ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र लिखकर टीम गठित करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि बंदियों की संख्या अधिक होने की वजह से स्वास्थ्य विभाग की एक टीम भेजा जाना आवश्यक है। जेल प्रशासन कोरोना को देखते हुए दो हजार मॉस्क बाराबंकी जेल से मंगा रहा है और पेशी से लौटने वाले बंदियों को सेनेटाइजर से हाथ धुलवाने के बाद ही जेल में प्रवेश लिया जा रहा है।
कोट:
कोरोना वायरस से बंदियों के बचाव के सभी उपाय किये जा रहे हैं। कोरोना से बंदियों को सावधानी जरूर बरतने के निर्देश दिए गए हैं। बंदियों के बचाव के लिए मॉस्क मंगाए जा रहे हैं। भोजन से पहले बंदियों की कलाई धोने और अलग से तौलिया का इस्तेमाल करने को कहा गया है। नए बंदियों की स्क्रीनिंग के बाद ही बैरकों में भेजा जा रहा है।
-केपी त्रिपाठी, वरिष्ठ जेल अधीक्षक।