Deoria News: गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे में भी मुआवजे का फंस सकता है पेच, किसानों को सर्किल रेट मंजूर नहीं
गोरखपुर- सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने नोटिस भेजना शुरू कर दिया है। वहीं मुआवजे को लेकर किसानों के भीतर गुस्सा है। किसानों का कहना है कि सर्किल रेट के हिसाब से मुआवजा लेकर औने-पौने दाम पर भूमि नहीं दी जाएगी। अगर बाजार भाव से कम रेट मिला तो जमीन का टुकड़ा तक नहीं दिया जाएगा। जबकि करीब ढाई माह पहले सीमांकन भी बिना बताए कर दिया गया है। पहले किसानों से भूमि लेने के लिए सहमित पत्र पर हस्ताक्षर कराना चाहिए।
जिले के बारह ग्राम सभाओं की भूमि से गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे गुजरेगा। करीब पांच सौ तीन किसानों की 150 हेक्टेयर भूमि ली जानी है। करीब दस किलोमीटर हिस्सा जिले का है। यहां से देवरिया के बाद कुशीनगर जनपद का हिस्सा पड़ेगा। चार लेन वाले इस एक्सप्रेस-वे की शुरुआत गोरखपुर में प्रस्तावित रिंग रोड के कनेक्टिंग प्वाइंट गोरखपुर जिले के जगदीशपुर से होगी, जो बिहार के गोपालगंज जनपद में प्रवेश करेगी।
इसके बाद सिवान, छपरा, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, सहरसा, पूर्णिया व किशनगंज होते हुए पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक पहुंचेगी। मई 2022 में इसके लिए सर्वे कराया गया था और सीमांकन भी किया था। अब अधिग्रहण की नोटिस देकर मुआवजा देने की तैयारी शुरू हो गई है। इसको लेकर किसानों भी लामबंद होने लगे हैं। वह सर्किल रेट के मुआवजे को काफी कम राशि मान कर विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि सर्किल रेट और मुआवजे की राशि में दस गुना से भी अधिक का अंतर है।
इन गांवों से गुजरेगा एक्सप्रेस-वे
इतने ग्रामसभाओं के बीच से (प्रभावित करते) हुए छोटी गंडक नदी पार कर कुशीनगर जिले में चली जाएगी। जिले में बालकुआ, समोगर, पिपरा दौलाकदम, बड़हरी ,सोनबरसा, इमिलिया, देसही देवरिया, नौतन हथियागढ़, सेमरी, बलुअही, शाहजहांपुर, मुंडेरा उर्फ देउरिवा है।
किसानों ने क्या कहा
एक्सप्रेस-वे बनने से खुशी है, लेकिन सर्किल रेट पर मुआवजा मंजूर नहीं। बाजार भाव से मुआवजा दिया जाए। किसानों का आधार ही हमेशा चला जा रहा है। किसानों से मुआवजे को लेकर पहले सहमति लेना चाहिए था।-अशोक राव, किसान इमलियां।
हम लोगों का मूल आधार खेती है। हमेशा के लिए खेती जा रही है। बाजार से मुआवजा दिया जाए, ताकि दूसरी भूमि खरीद सके और रोजगार कर सकें। -केशरी नंद राव, मुंडेरा।
मैं अपनी जमीन पर व्यवसाय करने वाला था। तब तक जमीन सीमांकन में आ गई है। विकास विरोध नहीं करना है लेकिन जमीन भी औने-पौने दाम पर नहीं देंगे। हर हाल में बाजार भाव की तरह मुआवजा देना होगा। इसके कम पर जमीन नहीं दी जाएगी। -दीपक सिंह, देसही देवरिया
अभी बाईपास मार्ग और गैस पाइप लाइन का मुआवजा फाइनल नहीं
किसानों को वाजिब मुआवजा दिया जाएगा। यह सभी के विकास की बात है। इसका विरोध नहीं करना चाहिए। अगर कोई किसान नहीं मानता है तो उससे वार्ता की जाएगी। -मनीष चौहान, प्रोजेक्ट मैनेजर।