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खेल सामग्री खरीद की जांच करेगी तीन सदस्यीय समिति
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खेल सामग्री खरीद की जांच करेगी तीन सदस्यीय समिति
प्राथमिक व जूनियर स्कूलों में धन भेजने के बावजूद प्रधानाध्यापकों ने की है लापरवाही
संबंधित ब्लॉक के बीईओ, बीडीओ व सीडीपीओ की समिति करेगी सत्यापन
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। परिषदीय स्कूलों में खेलों की दशा सुधारने के लिए खेल सामग्री नहीं खरीदने वाले प्रधानाध्यापक अब विभागीय जांच के घेरे में आ गए हैं। नोटिस जारी होने के बावजूद अभी तक अधिकांश प्रधानाध्यापकों ने उपभोग प्रमाण पत्र नहीं जमा किया है। बेसिक कार्यालय ने अब खेल सामग्री की खरीदारी की है कि नहीं, इसकी जांच के लिए संबंधित ब्लॉक के बीईओ, बीडीओ व सीडीपीओ की त्रिसदस्यीय समिति बनाकर सत्यापन कराने का निर्णय लिया है।
समग्र शिक्षा अभियान में खेलो इंडिया सत्र 2019-20 के तहत परिषदीय स्कूलों में खेलकूद को माहौल बनाने को शासन स्तर से गंभीर प्रयास शुरू किए गए थे। खेल सामग्री के लिए जिले के हर परिषदीय विद्यालय को प्राथमिक स्तर पर पांच-पांच हजार व जूनियर को 10-10 हजार रुपये विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में भेजे गए। पिछला सत्र बीत भी गया, बावजूद अधिकांश प्रधानाध्यापकों ने इसे खरीदने में अब तक रुचि नहीं दिखाई है। पिछले सत्र में अधिकारियों के औचक निरीक्षण में इस पुष्टि भी हो चुकी है। जिले के 1877 प्राथमिक व 738 जूनियर विद्यालयों को खेल सामग्री खरीदने के लिए भेजे गए धन को कई जगहों पर निकाला जा चुका है। विभाग को इसकी कई बार शिकायत मिल चुकी है। जिला समन्वयक प्रशिक्षण स्वप्नेश मंगलम ने बताया कि कई स्कूलों के खेल सामग्री नहीं खरीदने की शिकायत मिली है। नोटिस के बावजूद प्रधानाध्यापक उपभोग प्रमाण पत्र नहीं उपलब्ध करा रहे हैं। ऐसे में अब इस प्रकरण के स्थलीय जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन उच्चाधिकारियों के निर्देश पर किया गया है। समिति में संबंधित स्कूल क्षेत्र के बीईओ, बीडीओ व सीडीपीओ को शामिल किया गया है। इनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर लापरवाह प्रधानाध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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प्राथमिक व जूनियर स्कूलों में धन भेजने के बावजूद प्रधानाध्यापकों ने की है लापरवाही
संबंधित ब्लॉक के बीईओ, बीडीओ व सीडीपीओ की समिति करेगी सत्यापन
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। परिषदीय स्कूलों में खेलों की दशा सुधारने के लिए खेल सामग्री नहीं खरीदने वाले प्रधानाध्यापक अब विभागीय जांच के घेरे में आ गए हैं। नोटिस जारी होने के बावजूद अभी तक अधिकांश प्रधानाध्यापकों ने उपभोग प्रमाण पत्र नहीं जमा किया है। बेसिक कार्यालय ने अब खेल सामग्री की खरीदारी की है कि नहीं, इसकी जांच के लिए संबंधित ब्लॉक के बीईओ, बीडीओ व सीडीपीओ की त्रिसदस्यीय समिति बनाकर सत्यापन कराने का निर्णय लिया है।
समग्र शिक्षा अभियान में खेलो इंडिया सत्र 2019-20 के तहत परिषदीय स्कूलों में खेलकूद को माहौल बनाने को शासन स्तर से गंभीर प्रयास शुरू किए गए थे। खेल सामग्री के लिए जिले के हर परिषदीय विद्यालय को प्राथमिक स्तर पर पांच-पांच हजार व जूनियर को 10-10 हजार रुपये विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में भेजे गए। पिछला सत्र बीत भी गया, बावजूद अधिकांश प्रधानाध्यापकों ने इसे खरीदने में अब तक रुचि नहीं दिखाई है। पिछले सत्र में अधिकारियों के औचक निरीक्षण में इस पुष्टि भी हो चुकी है। जिले के 1877 प्राथमिक व 738 जूनियर विद्यालयों को खेल सामग्री खरीदने के लिए भेजे गए धन को कई जगहों पर निकाला जा चुका है। विभाग को इसकी कई बार शिकायत मिल चुकी है। जिला समन्वयक प्रशिक्षण स्वप्नेश मंगलम ने बताया कि कई स्कूलों के खेल सामग्री नहीं खरीदने की शिकायत मिली है। नोटिस के बावजूद प्रधानाध्यापक उपभोग प्रमाण पत्र नहीं उपलब्ध करा रहे हैं। ऐसे में अब इस प्रकरण के स्थलीय जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन उच्चाधिकारियों के निर्देश पर किया गया है। समिति में संबंधित स्कूल क्षेत्र के बीईओ, बीडीओ व सीडीपीओ को शामिल किया गया है। इनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर लापरवाह प्रधानाध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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