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प्रसूता को कम से कम 72 घंटे निगरानी में रखने के निर्देश
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प्रसूता को कम से कम 72 घंटे निगरानी में रखने के निर्देश
रुद्रपुर। आम आदमी की सेहत के मामले में स्वास्थ्य मंत्री की सक्रियता से महकमे में हड़कंप मचा है। जिले के आला अधिकारी सीएचसी और पीएचसी पर सुस्त पड़ी व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुट गए हैं। सोमवार को सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय ने सीएचसी रुद्रपुर का निरीक्षण किया। प्रसूताओं को कम से कम 72 घंटे निगरानी में रखने की हिदायत दी।
करीब 10:30 बजे सीएचसी पहुंचे सीएमओ सबसे पहले ओपीडी में चिकित्सकों के उपस्थिति की जांच की। उन्होंने जच्चा-बच्चा केंद्र का निरीक्षण किया। प्रसव के बाद अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं का हाल जाना। परिसर में गंदगी को देखकर नाराजगी जताई। उन्होंने अधीक्षक डॉ. दिनेश यादव को परिसर में व्याप्त गंदगी को दो दिन में दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने परिसर में स्थित कोविड अस्पताल, पोषण पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण किया। कोरोना की चौथी लहर से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए। उन्होंने पीकू वार्ड में दवाइयों की उपलब्धता की जांच की। कहा कि प्रसव के बाद प्रसूताओं को कम से कम 72 घंटे निगरानी में रखा जाएगा। इस दौरान उन्हें भोजन और पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाएगा। इस मामले में शिकायत मिलने पर जिम्मेदार डॉक्टर और नर्स के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल में कुत्ता काटने की सूई के लिए लोगों की शिकायत अधिक आ रही है। जिले पर हर दवाओं की उपलब्धता है। आवश्यकता के अनुसार दवाओं को मंगाकर वितरण सुनिश्चित किया जाए। इस अवसर पर अधीक्षक डॉ. दिनेश यादव, एचईओ लाल बचन चौधरी, विकास कुमार, सुरेंद्र शुक्ला, राजेश गुप्ता, विवेक जायसवाल आदि मौजूद रहे।
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रुद्रपुर। आम आदमी की सेहत के मामले में स्वास्थ्य मंत्री की सक्रियता से महकमे में हड़कंप मचा है। जिले के आला अधिकारी सीएचसी और पीएचसी पर सुस्त पड़ी व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुट गए हैं। सोमवार को सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय ने सीएचसी रुद्रपुर का निरीक्षण किया। प्रसूताओं को कम से कम 72 घंटे निगरानी में रखने की हिदायत दी।
करीब 10:30 बजे सीएचसी पहुंचे सीएमओ सबसे पहले ओपीडी में चिकित्सकों के उपस्थिति की जांच की। उन्होंने जच्चा-बच्चा केंद्र का निरीक्षण किया। प्रसव के बाद अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं का हाल जाना। परिसर में गंदगी को देखकर नाराजगी जताई। उन्होंने अधीक्षक डॉ. दिनेश यादव को परिसर में व्याप्त गंदगी को दो दिन में दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने परिसर में स्थित कोविड अस्पताल, पोषण पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण किया। कोरोना की चौथी लहर से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए। उन्होंने पीकू वार्ड में दवाइयों की उपलब्धता की जांच की। कहा कि प्रसव के बाद प्रसूताओं को कम से कम 72 घंटे निगरानी में रखा जाएगा। इस दौरान उन्हें भोजन और पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाएगा। इस मामले में शिकायत मिलने पर जिम्मेदार डॉक्टर और नर्स के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल में कुत्ता काटने की सूई के लिए लोगों की शिकायत अधिक आ रही है। जिले पर हर दवाओं की उपलब्धता है। आवश्यकता के अनुसार दवाओं को मंगाकर वितरण सुनिश्चित किया जाए। इस अवसर पर अधीक्षक डॉ. दिनेश यादव, एचईओ लाल बचन चौधरी, विकास कुमार, सुरेंद्र शुक्ला, राजेश गुप्ता, विवेक जायसवाल आदि मौजूद रहे।
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