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विशेष सचिव ने पूछा तो सीएमओ नहीं बता पाए श्रमिकों की संख्या
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विशेष सचिव ने पूछा तो सीएमओ नहीं बता पाए श्रमिकों की संख्या
नोडल अफसर ने कम्युनिटी किचेन और एलवन अस्पताल का जाना हाल
क्वारंटीन सेंटर में समय से भोजन नहीं मिलने की शिकायत, निगरानी समिति से मिले
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कोरोना महामारी को लेकर जिला प्रशासन की ओर से की गई तैयारियों का हाल विशेष सचिव कृषि एवं जिला कोविड-19 के नोडल अफसर ने मंगलवार को जाना। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में जब उन्होंने ट्रेनों से आने वाले श्रमिकों की संख्या सीएमओ से पूछी तो वह एसीएमओ से पूछने लगे। दोनों संख्या नहीं बता पाए तो नोडल अफसर ने नाराजगी जताई। इसके बाद गौरीबाजार सीएचसी में बनाएं गए एलवन अस्पताल से लेकर कम्युनिटी किचेन पहुंचकर इंतजाम देखकर बेहतर व्यवस्था के निर्देश दिए।
जिले के कोविड-19 नोडल अफसर विद्याशंकर सिंह मंगलवार को सुबह पलक लान कम्युनिटी किचेन पहुंचे, जहां बाहर से आने वाले और क्वारंटीन सेंटरों में रहने वालों का भोजन बन रहा था। भोजन की गुणवत्ता बेहतर करने को कहा। इसके बाद वह जिला अस्पताल पहुंचे और बुखार डेस्क पर थर्मल स्क्रीनिंग और बेहतर तरीके से करने का आदेश दिया। सीएमओ कार्यालय पहुंचे नोडल अफसर ने ट्रेन से आने वाले लोगों की संख्या जानना चाहा। एक घंटे प्रयास के बाद भी सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय और एसीएमओ नहीं बता सके। इस पर उन्होंने ने सीएमओ पर नाराजगी जाहिर की और बेहतर तरीके से महामारी में कार्य करने और सूचना अपडेट रखने को कहा। इसके बाद वह क्वारंटीन सेंटर हनुमान मंदिर स्थित उत्सव स्थली पहुंचे। वहां क्वारंटीन में रहने वालों से व्यवस्था के बारे में जाना। लोगों से समय से भोजन नहीं मिलने की शिकायत की। मूड़ाडीह गांव में गए और निगरानी समिति से मिलकर बात किए। शाम को वह गौरीबाजार सीएचसी एलवन अस्पताल पर गए। वहां सब कुछ ठीक मिला। इस बाबत नोडल अफसर ने बताया कि महामारी से बचाव की तैयारी ठीक है। थोड़ी बहुत कहीं कमी मिली है, उसे ठीक करने का निर्देश सीएमओ को दिए गए हैं।
क्वारंटीन सेंटर से छूटे लोगों को मिला सड़ा आलू
रुद्रपुर। क्वारंटीन सेंटरों से छूट रहे लोगों में बंट रही राहत सामग्री में लापरवाही सामने आ रही है। क्षेत्र के क्वारंटीन सेंटर से छुट्टी पाए लोगों को मिली राहत सामग्री के पैकेट में आलू सड़ा निकला। बदबूदार आलू देखकर लोग नाराज हो गए। तहसील प्रशासन से नाराजगी जताते हुए सड़ा आलू वापस कर अधिकांश लोग घर को लौट गए।
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बाहर से गांव को लौटने पर लोगों को विद्यालयों पर बने क्वारंटीन सेंटरों पर क्वारंटीन किया जा रहा है। 14 दिन की अवधि पूरा करने के बाद प्रशासन की ओर से एक राहत पैकेट उनमें बांटा जा रहा है। राहत पैकेट में आटा, चावल, आलू, भूना चना, मसाला, तेल दिए जा रहे हैं। क्षेत्र के जोगिया बुजुर्ग गांव में बीस लोग क्वारंटीन अवधि पूरा कर घर को चले गए थे। उन्हें राहत सामग्री देने के लिए मंगलवार को तहसील पर बुलाया गया था। लेखपालों ने उनमें राहत पैकेट बांट दिया। बदबू आने पर उन्होंने राहत पैकेट खोला तो आलू सड़ा हुआ निकला। वह सड़ा आलू की थैली लेकर तहसील में सोशल डिस्टेंसिंग बनाते हुए खड़ा हो गए। सड़ा आलू मिलने की चर्चा पर लोगों की भीड़ लगने लगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन उनके साथ गलत व्यवहार कर रहा है। सड़ा आलू देकर उन्हें अपमानित किया गया है। कई लोग लेखपालों को सड़ा आलू का पैकेट थमा कर अन्य सामान लेकर चले गए। तहसीलदार रामाश्रय ने कहा कि राहत पैकेट पैक है। उसमें राहत सामग्री भरी है। आलू के पैकेट में कुछ आलू खराब थे। खराब हटा कर ठीक आलू दिए गए।
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नोडल अफसर ने कम्युनिटी किचेन और एलवन अस्पताल का जाना हाल
क्वारंटीन सेंटर में समय से भोजन नहीं मिलने की शिकायत, निगरानी समिति से मिले
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कोरोना महामारी को लेकर जिला प्रशासन की ओर से की गई तैयारियों का हाल विशेष सचिव कृषि एवं जिला कोविड-19 के नोडल अफसर ने मंगलवार को जाना। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में जब उन्होंने ट्रेनों से आने वाले श्रमिकों की संख्या सीएमओ से पूछी तो वह एसीएमओ से पूछने लगे। दोनों संख्या नहीं बता पाए तो नोडल अफसर ने नाराजगी जताई। इसके बाद गौरीबाजार सीएचसी में बनाएं गए एलवन अस्पताल से लेकर कम्युनिटी किचेन पहुंचकर इंतजाम देखकर बेहतर व्यवस्था के निर्देश दिए।
जिले के कोविड-19 नोडल अफसर विद्याशंकर सिंह मंगलवार को सुबह पलक लान कम्युनिटी किचेन पहुंचे, जहां बाहर से आने वाले और क्वारंटीन सेंटरों में रहने वालों का भोजन बन रहा था। भोजन की गुणवत्ता बेहतर करने को कहा। इसके बाद वह जिला अस्पताल पहुंचे और बुखार डेस्क पर थर्मल स्क्रीनिंग और बेहतर तरीके से करने का आदेश दिया। सीएमओ कार्यालय पहुंचे नोडल अफसर ने ट्रेन से आने वाले लोगों की संख्या जानना चाहा। एक घंटे प्रयास के बाद भी सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय और एसीएमओ नहीं बता सके। इस पर उन्होंने ने सीएमओ पर नाराजगी जाहिर की और बेहतर तरीके से महामारी में कार्य करने और सूचना अपडेट रखने को कहा। इसके बाद वह क्वारंटीन सेंटर हनुमान मंदिर स्थित उत्सव स्थली पहुंचे। वहां क्वारंटीन में रहने वालों से व्यवस्था के बारे में जाना। लोगों से समय से भोजन नहीं मिलने की शिकायत की। मूड़ाडीह गांव में गए और निगरानी समिति से मिलकर बात किए। शाम को वह गौरीबाजार सीएचसी एलवन अस्पताल पर गए। वहां सब कुछ ठीक मिला। इस बाबत नोडल अफसर ने बताया कि महामारी से बचाव की तैयारी ठीक है। थोड़ी बहुत कहीं कमी मिली है, उसे ठीक करने का निर्देश सीएमओ को दिए गए हैं।
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क्वारंटीन सेंटर से छूटे लोगों को मिला सड़ा आलू
रुद्रपुर। क्वारंटीन सेंटरों से छूट रहे लोगों में बंट रही राहत सामग्री में लापरवाही सामने आ रही है। क्षेत्र के क्वारंटीन सेंटर से छुट्टी पाए लोगों को मिली राहत सामग्री के पैकेट में आलू सड़ा निकला। बदबूदार आलू देखकर लोग नाराज हो गए। तहसील प्रशासन से नाराजगी जताते हुए सड़ा आलू वापस कर अधिकांश लोग घर को लौट गए।
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बाहर से गांव को लौटने पर लोगों को विद्यालयों पर बने क्वारंटीन सेंटरों पर क्वारंटीन किया जा रहा है। 14 दिन की अवधि पूरा करने के बाद प्रशासन की ओर से एक राहत पैकेट उनमें बांटा जा रहा है। राहत पैकेट में आटा, चावल, आलू, भूना चना, मसाला, तेल दिए जा रहे हैं। क्षेत्र के जोगिया बुजुर्ग गांव में बीस लोग क्वारंटीन अवधि पूरा कर घर को चले गए थे। उन्हें राहत सामग्री देने के लिए मंगलवार को तहसील पर बुलाया गया था। लेखपालों ने उनमें राहत पैकेट बांट दिया। बदबू आने पर उन्होंने राहत पैकेट खोला तो आलू सड़ा हुआ निकला। वह सड़ा आलू की थैली लेकर तहसील में सोशल डिस्टेंसिंग बनाते हुए खड़ा हो गए। सड़ा आलू मिलने की चर्चा पर लोगों की भीड़ लगने लगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन उनके साथ गलत व्यवहार कर रहा है। सड़ा आलू देकर उन्हें अपमानित किया गया है। कई लोग लेखपालों को सड़ा आलू का पैकेट थमा कर अन्य सामान लेकर चले गए। तहसीलदार रामाश्रय ने कहा कि राहत पैकेट पैक है। उसमें राहत सामग्री भरी है। आलू के पैकेट में कुछ आलू खराब थे। खराब हटा कर ठीक आलू दिए गए।