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Deoria News: ज्यादा पीले केले में केमिकल की रंगत, बिगड़ जाएगी सेहत
Fri, 20 Jun 2025 11:49 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 20 Jun 2025 11:49 PM IST
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बाजार में बिक रहा केला
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। आजकल बाजार में आकर्षक और सुंदर दिखने वाला पीला केला लोगों की सेहत को ढीला कर दे रहा है। पोषक तत्वों से भरपूर माना जाने वाला केला लोगों को सेहतमंद बनता है, मगर उसे पकाने में प्रतिबंधित केमिकल का इस्तेमाल करने से उसकी गुणवत्ता प्रभावित हो जा रही है।
चिकित्सकों के अनुसार, केला पौष्टिक फल है, जो शरीर को काफी फायदा पहुंचाते हैं। केले में पोटेशियम मैग्नीशियम विटामिन बी 6 सहित तमाम विटामिन और मिनरल्स पाया जाता है। इसका सेवन करने से शख्स न सिर्फ सेहतमंद होता है, बल्कि तमाम रोगों की रोकथाम में भी फायदेमंद है।
शुद्ध एवं प्राकृतिक केला शरीर में रक्त शर्करा को बैलेंस करता है, मगर बाजार में बिकने वाले केले को जबरदस्ती प्रतिबंधित केमिकल से पकाकर न सिर्फ उसके गुणवत्ता को खत्म किया जा रहा है, बल्कि उसे जहरीला बना दिया जा रहा है।
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चिकित्सकों के अनुसार, कैल्शियम कार्बोनेट से पकाए जाने वाला केला काफी खतरनाक होता है। इसका सेवन करने से गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल रोगों के होने का खतरा बढ़ जाता है। कैल्शियम कार्बोनेट में आर्सेनिक और फास्फोरस जैसा खतरनाक केमिकल होते हैं।
इसके लगातार सेवन से कैंसर जैसी बीमारी होने का भी खतरा बना रहता है। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा कैल्शियम कार्बोनेट से फलों के पकने पर प्रतिबंध लगाया गया है। बावजूद इसके बाजार में इस खतरनाक केमिकल का इस्तेमाल कर फलों को पकाया जा रहा है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रुद्रपुर के डॉ. एसके राव ने बताया कि बाजार में ठेले पर बिक रहे पीले केले खतरनाक केमिकल से पकाने के कारण शरीर को काफी नुकसान पहुंचा रहे हैं।
ऐसा केला खाकर गर्मी के दिनों में लोगों का पाचन तंत्र खराब हो रहा है। लंबे समय तक दवा से जबरदस्ती पकाए गए फलों को खाने से कई खतरनाक बीमारियों के होने का खतरा बना रहता है। केमिकल से पकाया गया केला देखने में आकर्षक एवं सुंदर दिखता है। लेकिन स्वास्थ्य के लिए काफी खतरनाक होता है।
इसलिए लोगों को नेचरली पके हुए फलों का ही सेवन करना चाहिए। केमिकल से पका केला सुर्ख पीला दिखाई देता है, जबकि प्राकृतिक रूप से पका हुआ केला नरम और खुशबूदार होता है। केला खरीदने के पहले उसकी पहचान करनी जरूरी है।
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रुद्रपुर। आजकल बाजार में आकर्षक और सुंदर दिखने वाला पीला केला लोगों की सेहत को ढीला कर दे रहा है। पोषक तत्वों से भरपूर माना जाने वाला केला लोगों को सेहतमंद बनता है, मगर उसे पकाने में प्रतिबंधित केमिकल का इस्तेमाल करने से उसकी गुणवत्ता प्रभावित हो जा रही है।
चिकित्सकों के अनुसार, केला पौष्टिक फल है, जो शरीर को काफी फायदा पहुंचाते हैं। केले में पोटेशियम मैग्नीशियम विटामिन बी 6 सहित तमाम विटामिन और मिनरल्स पाया जाता है। इसका सेवन करने से शख्स न सिर्फ सेहतमंद होता है, बल्कि तमाम रोगों की रोकथाम में भी फायदेमंद है।
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शुद्ध एवं प्राकृतिक केला शरीर में रक्त शर्करा को बैलेंस करता है, मगर बाजार में बिकने वाले केले को जबरदस्ती प्रतिबंधित केमिकल से पकाकर न सिर्फ उसके गुणवत्ता को खत्म किया जा रहा है, बल्कि उसे जहरीला बना दिया जा रहा है।
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चिकित्सकों के अनुसार, कैल्शियम कार्बोनेट से पकाए जाने वाला केला काफी खतरनाक होता है। इसका सेवन करने से गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल रोगों के होने का खतरा बढ़ जाता है। कैल्शियम कार्बोनेट में आर्सेनिक और फास्फोरस जैसा खतरनाक केमिकल होते हैं।
इसके लगातार सेवन से कैंसर जैसी बीमारी होने का भी खतरा बना रहता है। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा कैल्शियम कार्बोनेट से फलों के पकने पर प्रतिबंध लगाया गया है। बावजूद इसके बाजार में इस खतरनाक केमिकल का इस्तेमाल कर फलों को पकाया जा रहा है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रुद्रपुर के डॉ. एसके राव ने बताया कि बाजार में ठेले पर बिक रहे पीले केले खतरनाक केमिकल से पकाने के कारण शरीर को काफी नुकसान पहुंचा रहे हैं।
ऐसा केला खाकर गर्मी के दिनों में लोगों का पाचन तंत्र खराब हो रहा है। लंबे समय तक दवा से जबरदस्ती पकाए गए फलों को खाने से कई खतरनाक बीमारियों के होने का खतरा बना रहता है। केमिकल से पकाया गया केला देखने में आकर्षक एवं सुंदर दिखता है। लेकिन स्वास्थ्य के लिए काफी खतरनाक होता है।
इसलिए लोगों को नेचरली पके हुए फलों का ही सेवन करना चाहिए। केमिकल से पका केला सुर्ख पीला दिखाई देता है, जबकि प्राकृतिक रूप से पका हुआ केला नरम और खुशबूदार होता है। केला खरीदने के पहले उसकी पहचान करनी जरूरी है।