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केंद्र सरकार का पुतला जलाया गया
देवरिया
Updated Wed, 02 Nov 2016 10:30 PM IST
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कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सुभाष चौक पर केंद्र सरकार का पुतला जलाया।
- फोटो : अनूप तिवारी
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देवरिया। पूर्व सैनिक रामकिशन ग्रेवाल के खुदकुशी करने के बाद उनके परिजनों से मिलने जा रहे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के विरोध में कांग्रेसियों ने बुधवार को सुभाष चौक पर केंद्र सरकार का पुतला फूंका। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार विरोधी नारे भी लगाए। शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ऋषिकेश मिश्र के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता शाम को सुभाष चौक पर एकत्र हुए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए केंद्र सरकार का पुतला फूंका। इस मौके पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार हिटलरशाही पर उतर आई है। लोकतंत्र और लोकतांत्रिक मूल्यों का गला घोंटने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पूर्व सैनिक रामकिशन के परिजनों का हालचाल लेने जा रहे थे, लेकिन पीएम के इशारे पर दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार विपक्षी पार्टियों को सरकार के खिलाफ बोलने नहीं देना चाहती है।
यह स्वच्छ राजनीति नहीं है। देश में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार मिला हुआ है। इस मौके पर नागेंद्र शुक्ला, मुकुंद भाष्कर मणि, महेंद्र मिश्र, डॉ. चंद्रिका यादव, नीरज मिश्र, दीनानाथ भारती, बृजनारायण मिश्र, कैलाश तिवारी, जवाहर, रमाशंकर यादव, हीरानंद राय, अशोक मिश्र आदि मौजूद रहे।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए केंद्र सरकार का पुतला फूंका। इस मौके पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार हिटलरशाही पर उतर आई है। लोकतंत्र और लोकतांत्रिक मूल्यों का गला घोंटने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पूर्व सैनिक रामकिशन के परिजनों का हालचाल लेने जा रहे थे, लेकिन पीएम के इशारे पर दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार विपक्षी पार्टियों को सरकार के खिलाफ बोलने नहीं देना चाहती है।
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यह स्वच्छ राजनीति नहीं है। देश में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार मिला हुआ है। इस मौके पर नागेंद्र शुक्ला, मुकुंद भाष्कर मणि, महेंद्र मिश्र, डॉ. चंद्रिका यादव, नीरज मिश्र, दीनानाथ भारती, बृजनारायण मिश्र, कैलाश तिवारी, जवाहर, रमाशंकर यादव, हीरानंद राय, अशोक मिश्र आदि मौजूद रहे।
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