{"_id":"6320daf14a051e665b2852e7","slug":"case-rejisterd-on-12-people-for-robbery-deoria-news-gkp450412681","type":"story","status":"publish","title_hn":"12 लोगों पर लूट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
12 लोगों पर लूट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
12 लोगों पर लूट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज
छह महीने बाद कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने की कार्रवाई
भटनी। बलुआ अफगान गांव में छह महीने पूर्व हुई मारपीट के मामले में पुलिस ने मंगलवार को 12 लोगों पर लूट सहित अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बलुआ अफगान गांव निवासी शंभू सिंह गांव के चौराहे पर लकड़ी की दुकान चलाते हैं। 20 मार्च को शंभू सिंह दुकान पर नहीं थे। आरोप है कि पुरानी रंजिश को लेकर गांव के दर्जनों लोगों ने गोलबंद होकर दुकान पर हमला बोल दिया। दुकान में रखी नकदी लूटने के बाद तोड़फोड़ करने लगे। पत्नी गिरिजा देवी ने विरोध किया तो आरोपी मारपीट करने लगे। इसी दौरान एक महिला का गर्भपात हो गया। आसपास के लोगों के हस्तक्षेप के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए चले गए।
पीड़ित परिवार ने इसकी शिकायत पुलिस से की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। थक हारकर पीड़ित गिरिजा देवी ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। करीब छह महीने बाद कोर्ट के आदेश पर सत्यनारायण शर्मा, इष्टदेव, दीपक, रामजीत निषाद, प्रेमचंद्र, प्रमोद, मारकंडेय, सेवानंद, शैलेश, शिशुपाल, शिवनाथ यादव व विनोद पर लूटपाट सहित अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। जबकि पीड़ित पक्ष पर उसी समय केस दर्ज किया जा चुका था। एसओ संतोष कुमार सिंह ने बताया कि दोनों ओर से केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
छह महीने बाद कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने की कार्रवाई
भटनी। बलुआ अफगान गांव में छह महीने पूर्व हुई मारपीट के मामले में पुलिस ने मंगलवार को 12 लोगों पर लूट सहित अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बलुआ अफगान गांव निवासी शंभू सिंह गांव के चौराहे पर लकड़ी की दुकान चलाते हैं। 20 मार्च को शंभू सिंह दुकान पर नहीं थे। आरोप है कि पुरानी रंजिश को लेकर गांव के दर्जनों लोगों ने गोलबंद होकर दुकान पर हमला बोल दिया। दुकान में रखी नकदी लूटने के बाद तोड़फोड़ करने लगे। पत्नी गिरिजा देवी ने विरोध किया तो आरोपी मारपीट करने लगे। इसी दौरान एक महिला का गर्भपात हो गया। आसपास के लोगों के हस्तक्षेप के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए चले गए।
विज्ञापन
पीड़ित परिवार ने इसकी शिकायत पुलिस से की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। थक हारकर पीड़ित गिरिजा देवी ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। करीब छह महीने बाद कोर्ट के आदेश पर सत्यनारायण शर्मा, इष्टदेव, दीपक, रामजीत निषाद, प्रेमचंद्र, प्रमोद, मारकंडेय, सेवानंद, शैलेश, शिशुपाल, शिवनाथ यादव व विनोद पर लूटपाट सहित अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। जबकि पीड़ित पक्ष पर उसी समय केस दर्ज किया जा चुका था। एसओ संतोष कुमार सिंह ने बताया कि दोनों ओर से केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
विज्ञापन