{"_id":"65cbca8075b325690800ac87","slug":"case-on-4-in-fraud-deoria-news-c-7-1-gkp1031-466158-2024-02-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: फर्जीवाड़ा के मामले में प्रबंधक समेत चार पर केस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: फर्जीवाड़ा के मामले में प्रबंधक समेत चार पर केस
Wed, 14 Feb 2024 01:32 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Wed, 14 Feb 2024 01:32 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कोर्ट ने लगना देवी ताराकांत महाविद्यालय रनीहवा में फर्जी व कूटरचित हस्ताक्षर बनाकर सेवा से त्यागपत्र देने के मामले में प्रबंधक संरक्षक समेत चार के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।
वादी मुकदमा देवेश नारायण शुक्ला का आरोप है कि महाविद्यालय में उनकी नियुक्ति संस्कृत प्रवक्ता के रूप में रूप में गोरखपुर विश्वविद्यालय के अनुमोदन पर दिनांक 20 अप्रैल 2013 को कार्यवाहक प्रचार के रूप में कार्य कर रहा था। परंतु प्रबंध तंत्र द्वारा प्रार्थी का कूटरचित हस्ताक्षर बनाकर त्यागपत्र गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति को भेज दिया गया। इस बात की कोई जानकारी प्रार्थी को नहीं थी।
प्रार्थी को जब जानकारी हुई तो उसने आईजीआरएस द्वारा उक्त के संबंध में जानकारी प्राप्त करना चाहा। पता चला कि उसका फर्जी हस्ताक्षर बनाकर प्रबंध प्रबंध तंत्र द्वारा त्यागपत्र कुल सचिव को भेज दिया गया है। मामले में वादी ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय सिविल जज सिविल जज जूनियर डिवीजन कक्ष संख्या 12 ने देखते हुए कर्मचारी बृजेश कुमार तिवारी संरक्षक सुरेश तिवारी कामेश्वर पांडेय व प्रबंधक ममता पांडेय के विरुद्ध केस दर्ज कर विवेचना करने के लिए रुद्रपुर कोतवाली को आदेशित किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
देवरिया। कोर्ट ने लगना देवी ताराकांत महाविद्यालय रनीहवा में फर्जी व कूटरचित हस्ताक्षर बनाकर सेवा से त्यागपत्र देने के मामले में प्रबंधक संरक्षक समेत चार के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।
वादी मुकदमा देवेश नारायण शुक्ला का आरोप है कि महाविद्यालय में उनकी नियुक्ति संस्कृत प्रवक्ता के रूप में रूप में गोरखपुर विश्वविद्यालय के अनुमोदन पर दिनांक 20 अप्रैल 2013 को कार्यवाहक प्रचार के रूप में कार्य कर रहा था। परंतु प्रबंध तंत्र द्वारा प्रार्थी का कूटरचित हस्ताक्षर बनाकर त्यागपत्र गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति को भेज दिया गया। इस बात की कोई जानकारी प्रार्थी को नहीं थी।
विज्ञापन
प्रार्थी को जब जानकारी हुई तो उसने आईजीआरएस द्वारा उक्त के संबंध में जानकारी प्राप्त करना चाहा। पता चला कि उसका फर्जी हस्ताक्षर बनाकर प्रबंध प्रबंध तंत्र द्वारा त्यागपत्र कुल सचिव को भेज दिया गया है। मामले में वादी ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय सिविल जज सिविल जज जूनियर डिवीजन कक्ष संख्या 12 ने देखते हुए कर्मचारी बृजेश कुमार तिवारी संरक्षक सुरेश तिवारी कामेश्वर पांडेय व प्रबंधक ममता पांडेय के विरुद्ध केस दर्ज कर विवेचना करने के लिए रुद्रपुर कोतवाली को आदेशित किया है।

13जेएनडी20: नवनियुक्त प्रधान यशपाल सूरी का अभिनंदन करते हुए वरिष्ठ नागरिक। संवाद
विज्ञापन