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चलनी में चांद देख पति की दीर्घायु की कामना
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करवा चौथ पर चलनी में चांद को देखती व्रती महिला।संवाद
- फोटो : DEORIA
चलनी में चांद देख पति की दीर्घायु की कामना
सुहागिनों ने उत्साह के माहौल में पूरे दिन निर्जला व्रत रहते हुए पूरा किया करवाचौथ व्रत
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। पति की लंबी उम्र के लिए बृहस्पतिवार को महिलाओं ने विधि-विधान से करवाचौथ व्रत रखा। व्रतियों ने शुभ मुहूर्त में चांद का दीदार होने के बाद अर्घ्य देकर पति के दीर्घायु होने और परिवार के मंगल की कामना की। पति के हाथों जल पीकर रात में पारण किया।
करवाचौथ व्रत को लेकर पंजाबी, खत्री, सिंधी व मारवाड़ी समाज की महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। नव विवाहित व सुहागिन महिलाओं ने सरगही ग्रहण कर सूर्योदय के साथ ही निर्जला व्रत की शुरुआत की। व्रतियों ने घरों में अलग-अलग तरह के स्वादिष्ट व्यंजन बनाए। पूरे दिन व्रत रहने के बाद शाम को स्नान-ध्यान और सोलह शृंगार कर परंपरागत ढंग से शिव-पार्वती, कार्तिकेय, गणेश एवं चंद्रमा का पूजन अर्चन किया और व्रत के महात्म्य से संबंधित कथा भी सुनीं।
शहर के हनुमान मंदिर, सोमनाथ मंदिर, भटवलिया स्थित हाइडिल कॉलोनी एवं कचहरी स्थित शिवालयों में पूजन-अर्चन करने के लिए एवं कथा सुनने में महिलाएं जुटी रहीं। शाम को चांद का दीदार होते ही व्रतियों के चेहरे खिल गए और उन्होंने शुभ मुहूर्त में चांद को अर्घ्य दिया। चलनी में पति का चेहरा देखकर एवं उन्हीं के हाथों जल ग्रहण करते हुए व्रत को पूरा किया।
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सुहागिनों ने उत्साह के माहौल में पूरे दिन निर्जला व्रत रहते हुए पूरा किया करवाचौथ व्रत
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। पति की लंबी उम्र के लिए बृहस्पतिवार को महिलाओं ने विधि-विधान से करवाचौथ व्रत रखा। व्रतियों ने शुभ मुहूर्त में चांद का दीदार होने के बाद अर्घ्य देकर पति के दीर्घायु होने और परिवार के मंगल की कामना की। पति के हाथों जल पीकर रात में पारण किया।
करवाचौथ व्रत को लेकर पंजाबी, खत्री, सिंधी व मारवाड़ी समाज की महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। नव विवाहित व सुहागिन महिलाओं ने सरगही ग्रहण कर सूर्योदय के साथ ही निर्जला व्रत की शुरुआत की। व्रतियों ने घरों में अलग-अलग तरह के स्वादिष्ट व्यंजन बनाए। पूरे दिन व्रत रहने के बाद शाम को स्नान-ध्यान और सोलह शृंगार कर परंपरागत ढंग से शिव-पार्वती, कार्तिकेय, गणेश एवं चंद्रमा का पूजन अर्चन किया और व्रत के महात्म्य से संबंधित कथा भी सुनीं।
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शहर के हनुमान मंदिर, सोमनाथ मंदिर, भटवलिया स्थित हाइडिल कॉलोनी एवं कचहरी स्थित शिवालयों में पूजन-अर्चन करने के लिए एवं कथा सुनने में महिलाएं जुटी रहीं। शाम को चांद का दीदार होते ही व्रतियों के चेहरे खिल गए और उन्होंने शुभ मुहूर्त में चांद को अर्घ्य दिया। चलनी में पति का चेहरा देखकर एवं उन्हीं के हाथों जल ग्रहण करते हुए व्रत को पूरा किया।
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