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देवरिया: आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हुआ रुद्रपुर का लाल संतोष, मां, पत्नी और दो बच्चियों का रो रोकर बुरा हाल
Sat, 19 Feb 2022 06:31 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवरिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवरिया
Published by: Vikas Kumar
Updated Sat, 19 Feb 2022 06:31 PM IST
सार
घटना की खबर पहुंचते ही क्षेत्र के लोग गमगीन हो गए। शहीद के दरवाजे पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। शहीद के परिजन दहाड़े मार कर रोने लगे। परिजनों की चीख पुकार सुन लोगों की आंखे भर आई।
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शहीद संतोष यादव व उनके परिजन
- फोटो : amar ujala
विस्तार
जम्मू-कश्मीर के शोपियां में सेना और आंतकियों के बीच हुए मुठभेड़ में रुद्रपुर का लाल शहीद हो गया। शनिवार की सुबह की सेना के सर्च ऑपरेशन के दौरान हुई घटना में सेना के हवालदार रुद्रपुर के टड़वा गांव के बरईपार गांव निवासी युवक को गोली लग गई। कुछ देर बाद वह शहीद हो गए। उनके शहीद की खबर आते ही रुद्रपुर में शोक की लहर दौड़ गई।
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एकौना थाने के सचौली पटवनिया गांव के मूल निवासी शेषनाथ यादव अपने ससुराल टड़वा के बरईपार में मकान बनवा कर रहते है। उनका बड़ा बेटा संतोष यादव (38) साल बीएसएफ में हवलदार पद पर तैनात थे। वर्तमान में उनकी ड्यूटी जम्मू-कश्मीर के शोपियां में थी। शनिवार की सुबह भारतीय सेना शोपिया के जैनापोरा इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रही थी। इस दौरान आंतकियों से उनकी मुठभेड़ हो गई। जिसमे सेना के दो जवान शहीद हो गए। शहीदों में रुद्रपुर के संतोष यादव भी शामिल थे। सेना के जवाबी कार्रवाई में एक आतंकी भी मारा गया।
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घटना की खबर पहुंचते ही क्षेत्र के लोग गमगीन हो गए। शहीद के दरवाजे पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। शहीद के परिजन दहाड़े मार कर रोने लगे। परिजनों की चीख पुकार सुन लोगों की आंखे भर आई। जम्मू में रुद्रपुर के लाल के शहीद होने पर लोगों की आंखे नम और दिल में गुस्सा था। मां मैना देवी का रो रोकर बुरा हाल था। पत्नी धर्मशीला और दो मासूम बच्चे पलक और जान्वी बेहाल होकर रो रही थी। शहीद का छोटा भाई मनोज यादव भी सेना का जवान है और वर्तमान में उनकी तैनाती गलेशियर में है।
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