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बीएसएफ जवान के घर पहुंचे डीएम
देवरिया
Updated Wed, 24 May 2017 10:41 PM IST
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ट्रेनिंग के दौरान दम तोड़ने वाले बीएसएफ जवान के घर डीएम सुजीत कुमार बुधवार को पहुंचे।
- फोटो : अमर उजाला
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सलेमपुर। ट्रेनिंग के दौरान दम तोड़ने वाले बीएसएफ जवान के घर डीएम सुजीत कुमार बुधवार को पहुंचे। घरवालों से मिलकर ढांढस बंधाया और कानूनी प्रक्रिया के तहत हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया। घरवालों ने सीएम को संबोधित मांग पत्र डीएम को सौंपा।
अड़िला गांव निवासी अनिल उपाध्याय बीएसएफ के जवान थे। जम्मू-काश्मीर के राजौर में ट्रेनिंग के दौरान 12 मई को अचानक बीमार होने से उनकी मौत हो गई। 14 मई को भागलपुर के काली चरणघाट पर घरवालों ने शहीद का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर दाह संस्कार रोक दिया और डीएम को बुलाने व सीएम से बात कराने की जिद पर अड़ गए।
इसकी वजह से करीब तीन घंटे तक शव का अंतिम संस्कार रुका रहा। घाट पर सीडीओ राजेश त्यागी और एएसपी चिरंजीवी नाथ सिन्हा पहुंचे और अनिल के बेटे पवन से बात की। इसके बाद घरवाले माने और दाह संस्कार हुआ। डीएम अड़िला गांव में पीड़ित परिवार के घर करीब चार बजे पहुंचे और घरवालों से मुलाकात कर उनकी बात सुनी। बीएसएफ जवान की पत्नी अर्चना देवी ने मांगपत्र दिया।
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अड़िला गांव निवासी अनिल उपाध्याय बीएसएफ के जवान थे। जम्मू-काश्मीर के राजौर में ट्रेनिंग के दौरान 12 मई को अचानक बीमार होने से उनकी मौत हो गई। 14 मई को भागलपुर के काली चरणघाट पर घरवालों ने शहीद का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर दाह संस्कार रोक दिया और डीएम को बुलाने व सीएम से बात कराने की जिद पर अड़ गए।
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इसकी वजह से करीब तीन घंटे तक शव का अंतिम संस्कार रुका रहा। घाट पर सीडीओ राजेश त्यागी और एएसपी चिरंजीवी नाथ सिन्हा पहुंचे और अनिल के बेटे पवन से बात की। इसके बाद घरवाले माने और दाह संस्कार हुआ। डीएम अड़िला गांव में पीड़ित परिवार के घर करीब चार बजे पहुंचे और घरवालों से मुलाकात कर उनकी बात सुनी। बीएसएफ जवान की पत्नी अर्चना देवी ने मांगपत्र दिया।
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