{"_id":"65b2cf6402f0ea9a2c0fb784","slug":"bribe-in-operation-deoria-news-c-208-1-sgkp1014-118121-2024-01-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: मेडिकल कॉलेज में सिजेरियन के नाम पर वसूली का खेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: मेडिकल कॉलेज में सिजेरियन के नाम पर वसूली का खेल
Fri, 26 Jan 2024 02:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 26 Jan 2024 02:45 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेफर करने की धमकी देकर हो रही धनउगाही
चिह्नित किए गए हैं तीन कर्मी, गिर सकती है गाज
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल काॅलेज में महिला अस्पताल में गर्भवती के सिजेरियन में वसूली का खेल चल रहा है। जिम्मेदारों को पता नहीं उनके नाम पर आउटसोर्सिंग की स्टाफ नर्स व कर्मी धौंस जमाकर धनउगाही करते हैं। तीमारदारों के कारण पूछने पर रेफर करने की धमकी देते हैं। कुछ कर्मियों को चिह्नित किया गया है। उन पर जल्द कार्रवाई की जाएगी।
ऑपरेशन से प्रसव के लिए तीमारदारों को रेफर करने का डर दिखाकर एक से तीन हजार रुपये वसूल करने का खेल चल रहा है। इस मामले में आउटसोर्सिंग की दो स्टाफ नर्स सहित तीन कर्मियों के खिलाफ आउटसोर्सिंग कंपनी को भी लिखा गया है।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में दलाल गर्भवती व तीमारदार को बहला-फुसला निजी अस्पताल पहुंचते हैं। वहीं, ऑपरेशन से पहले गर्भवती के तीमारदारों से रकम की वसूली की जाती है। अस्पताल में हर रोज करीब छह ऑपरेशन होते हैं। डॉक्टर ऑपरेशन के समय आती हैं, जबकि उसकी तैयारी पैरामेडिकल स्टाफ करता है। ऑपरेशन की तैयारी ओटी में तैनात स्टाफ नर्स करती हैं, जो तीमारदार को बुलाकर रुपये की मांग करती हैं। इसमें एमपीडब्ल्यू (मल्टी परपज वर्कर) की भी भूमिका होती है। तीमारदार के एतराज करने पर रेफर करने की धमकी देती हैं, जिससे डर कर वह मजबूरी में रुपये देता है।
विज्ञापन
यह खेल काफी दिनों से चल रहा है, लेकिन लोग दबी जुबान चर्चा कर चुप हो जाते हैं। आउटसोर्सिंग के नोडल अधिकारी तक यह बात पहुंचने पर उन्होंने जांच की तो मामला सामने आया। उन्होंने मरीजों और तीमारदारों से बात की तो रुपये लेने के मामले की पुष्टि हुई। आउटसोर्सिंग की दो स्टाफ नर्स व एक एमपीडब्ल्यू का नाम प्रकाश में आया। उन्होंने रिपोर्ट प्राचार्य को दी है। इसके बाद प्रशासनिक भवन बुलाकर तीनों से पूछताछ की गई। उनपर कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
एक से तीन हजार रुपये तक होती है वसूली
देवरिया। महिला अस्पताल में गर्भवती के ऑपरेशन से पहले स्टाफ नर्स एक से तीन हजार रुपये तक वसूली करती हैं। नाम न छापने की शर्त पर भलुअनी क्षेत्र के एक तीमारदार ने बताया कि अस्पताल में मुफ्त सुविधा की जानकारी थी। डॉक्टर ने ऑपरेशन के लिए डेट दी। ऑपरेशन के लिए पहुंचने पर तीन हजार रुपये की मांग की गई। न देने पर रेफर करने की बात कही गई। मजबूरी में देना पड़ा। इसी तरह सदर ब्लाॅक क्षेत्र के एक तीमारदार ने तीन हजार, रामपुर कारखाना क्षेत्र की एक मरीज के तीमारदार से ढाई हजार और रुद्रपुर क्षेत्र के एक तीमारदार ने बताया कि रकम देने में असमर्थता जाहिर करने पर एक हजार रुपये लिए गए।
कोट
महिला अस्पताल में आउटसोर्सिंग पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा मरीजों व तीमारदारों को रेफर करने की धमकी देकर धनउगाही की शिकायत मिली थी। जांच कराई गई है। तीन कर्मचारियों को चिह्नित किया गया है। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल में किसी कर्मचारी को पैसा मांगना गलत है। इस तरह का कार्य करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। लोगों को चाहिए कि ऐसा होने पर जानकारी दें।
-डॉ. राजेश बरनवाल, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
विज्ञापन
चिह्नित किए गए हैं तीन कर्मी, गिर सकती है गाज
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल काॅलेज में महिला अस्पताल में गर्भवती के सिजेरियन में वसूली का खेल चल रहा है। जिम्मेदारों को पता नहीं उनके नाम पर आउटसोर्सिंग की स्टाफ नर्स व कर्मी धौंस जमाकर धनउगाही करते हैं। तीमारदारों के कारण पूछने पर रेफर करने की धमकी देते हैं। कुछ कर्मियों को चिह्नित किया गया है। उन पर जल्द कार्रवाई की जाएगी।
ऑपरेशन से प्रसव के लिए तीमारदारों को रेफर करने का डर दिखाकर एक से तीन हजार रुपये वसूल करने का खेल चल रहा है। इस मामले में आउटसोर्सिंग की दो स्टाफ नर्स सहित तीन कर्मियों के खिलाफ आउटसोर्सिंग कंपनी को भी लिखा गया है।
विज्ञापन
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में दलाल गर्भवती व तीमारदार को बहला-फुसला निजी अस्पताल पहुंचते हैं। वहीं, ऑपरेशन से पहले गर्भवती के तीमारदारों से रकम की वसूली की जाती है। अस्पताल में हर रोज करीब छह ऑपरेशन होते हैं। डॉक्टर ऑपरेशन के समय आती हैं, जबकि उसकी तैयारी पैरामेडिकल स्टाफ करता है। ऑपरेशन की तैयारी ओटी में तैनात स्टाफ नर्स करती हैं, जो तीमारदार को बुलाकर रुपये की मांग करती हैं। इसमें एमपीडब्ल्यू (मल्टी परपज वर्कर) की भी भूमिका होती है। तीमारदार के एतराज करने पर रेफर करने की धमकी देती हैं, जिससे डर कर वह मजबूरी में रुपये देता है।
विज्ञापन
यह खेल काफी दिनों से चल रहा है, लेकिन लोग दबी जुबान चर्चा कर चुप हो जाते हैं। आउटसोर्सिंग के नोडल अधिकारी तक यह बात पहुंचने पर उन्होंने जांच की तो मामला सामने आया। उन्होंने मरीजों और तीमारदारों से बात की तो रुपये लेने के मामले की पुष्टि हुई। आउटसोर्सिंग की दो स्टाफ नर्स व एक एमपीडब्ल्यू का नाम प्रकाश में आया। उन्होंने रिपोर्ट प्राचार्य को दी है। इसके बाद प्रशासनिक भवन बुलाकर तीनों से पूछताछ की गई। उनपर कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
एक से तीन हजार रुपये तक होती है वसूली
देवरिया। महिला अस्पताल में गर्भवती के ऑपरेशन से पहले स्टाफ नर्स एक से तीन हजार रुपये तक वसूली करती हैं। नाम न छापने की शर्त पर भलुअनी क्षेत्र के एक तीमारदार ने बताया कि अस्पताल में मुफ्त सुविधा की जानकारी थी। डॉक्टर ने ऑपरेशन के लिए डेट दी। ऑपरेशन के लिए पहुंचने पर तीन हजार रुपये की मांग की गई। न देने पर रेफर करने की बात कही गई। मजबूरी में देना पड़ा। इसी तरह सदर ब्लाॅक क्षेत्र के एक तीमारदार ने तीन हजार, रामपुर कारखाना क्षेत्र की एक मरीज के तीमारदार से ढाई हजार और रुद्रपुर क्षेत्र के एक तीमारदार ने बताया कि रकम देने में असमर्थता जाहिर करने पर एक हजार रुपये लिए गए।
कोट
महिला अस्पताल में आउटसोर्सिंग पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा मरीजों व तीमारदारों को रेफर करने की धमकी देकर धनउगाही की शिकायत मिली थी। जांच कराई गई है। तीन कर्मचारियों को चिह्नित किया गया है। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल में किसी कर्मचारी को पैसा मांगना गलत है। इस तरह का कार्य करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। लोगों को चाहिए कि ऐसा होने पर जानकारी दें।
-डॉ. राजेश बरनवाल, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज