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Deoria News: आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बिरसा मुंडा की मनाई जयंती
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भाटपार रानी के बिशनपुरा ढाला पर आदिवासी गोड़ महासभा ने बिरसा मुंडा की जयंती समारोह का आयोजन किय
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापपुर। विकास खंड बनकटा ब्लाॅक के ग्राम सभा बलिवन स्थित शहीद भगत सिंह पौधशाला के तत्वावधान में बुधवार को आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रहे बिरसा मुंडा की जयंती मनाई गई। इस दौरान आजादी की लड़ाई में उनके योगदान की चर्चा की गई।
कवि व शायर मकसूद अहमद भोपतपुरी ने कहा कि 15 नवंबर 1875 को झारखंड प्रांत के खूटी जिले के उलिहातु गांव में जन्मे बिरसा मुंडा ने देश की आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे तीर कमान से लैस हजारों आदिवासी समर्थकों के साथ ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ आंदोलन किया। वे 1858 से 1894 तक किसानों की लगान माफी को लेकर अंग्रेजों से संघर्ष करते रहे। वह कई बार जेल भी गए।
अंग्रेजों ने नौ जून 1900 को उन्हें जहर देकर मार डाला। देश के प्रति उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। पर्यावरण कार्यकर्ता छोटेलाल कुशवाहा ने कहा कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2021 में बिरसा मुंडा की जयंती को आदिवासी गौरव दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा की। इस दौरान पूर्व प्रधान प्रभुनाथ पासवान, शिवनाथ सिंह, अंकित सिंह, उपेंद्र चौरसिया, चंद्र प्रकाश मौर्य, अजित पटेल, अमरेश मौर्य आदि मौजूद रहे।
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प्रतापपुर। विकास खंड बनकटा ब्लाॅक के ग्राम सभा बलिवन स्थित शहीद भगत सिंह पौधशाला के तत्वावधान में बुधवार को आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रहे बिरसा मुंडा की जयंती मनाई गई। इस दौरान आजादी की लड़ाई में उनके योगदान की चर्चा की गई।
कवि व शायर मकसूद अहमद भोपतपुरी ने कहा कि 15 नवंबर 1875 को झारखंड प्रांत के खूटी जिले के उलिहातु गांव में जन्मे बिरसा मुंडा ने देश की आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे तीर कमान से लैस हजारों आदिवासी समर्थकों के साथ ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ आंदोलन किया। वे 1858 से 1894 तक किसानों की लगान माफी को लेकर अंग्रेजों से संघर्ष करते रहे। वह कई बार जेल भी गए।
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अंग्रेजों ने नौ जून 1900 को उन्हें जहर देकर मार डाला। देश के प्रति उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। पर्यावरण कार्यकर्ता छोटेलाल कुशवाहा ने कहा कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2021 में बिरसा मुंडा की जयंती को आदिवासी गौरव दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा की। इस दौरान पूर्व प्रधान प्रभुनाथ पासवान, शिवनाथ सिंह, अंकित सिंह, उपेंद्र चौरसिया, चंद्र प्रकाश मौर्य, अजित पटेल, अमरेश मौर्य आदि मौजूद रहे।
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