फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   bijli bill

37 हजार उपभोक्ताओं का आ गया गलत बिजली बिल

Mon, 13 Sep 2021 11:27 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 13 Sep 2021 11:27 PM IST
विज्ञापन
bijli bill
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

देवरिया। जिले के तकरीबन 37 हजार बिजली उपभोक्ताओं के पास अगस्त माह में गलत बिल पहुंच है। कुछ ऐसा ही हाल जून-जुलाई में भी था। तब यह संख्या तीस हजार के आसपास थी। निगम के अफसर भले ही बिल वसूली में तेजी दिखा रहे है। लेकिन सच तो यह है कि हर माह हजारों उपभोक्ताओं को गलत बिल के बिलिंग एजेंसी बीसीआईटीएस ने भेजा है। किसी का करोड़ों में तो किसी का लाखों में बिल भेजा गया है। इसके ठीक कराने के लिए उपभोक्ता निगम के दफ्तरों के चक्कर काट रहे ंहै।
जिले में करीब 4.25 लाख बिजली उपभोक्ता हैं। शहर में बिजली निगम प्रत्येक ट्रांसफार्मर और उपभोक्ताओं के घरों में लगे मीटर रीडिंग के हिसाब से बिलिंग करने की व्यवस्था है। इसके बावजूद भी गलत बिलिंग का खेल रुक नहीं पा रहा है। मार्च से हर माह उपभोक्ताओं को गलत बिल भेजा जा रहा है। कुछ के पास लाख और करोड़ में भी बिल भेजे जा चुके हैं। इसमें सुधार के लिए लोग निगम के कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। इसके उपभोक्ता परेशान हैं। निगम के पास जब बिल जमा करने के लिए कोई उपभोक्ता पहुंच रहा है तो उसे बिल में सुधार कराने की सलाह देकर नगद काउंटर से वापस कर दिया जा रहा है। जनपद में अगस्त में आरडीएफ 24919, आईडीएफ 15844, सीडीएफ 809 और अनआर श्रेणी के 168 बिल निगम के रिकार्ड में दर्ज है। इससे साफ जाहिर होता है कि गलत रीडिंग के वजह से जुलाई माह में 36763 उपभोक्ताओं के पास मनमानी बिल चला गया है। जून और जुलाई माह में गलत बिलिंग तीस हजार के पार है। जिस सुधार कराने के लिए उपभोक्ताओं को निगम के दर पर पहुंचना पड़ रहा है। इससे निगम को राजस्व वसूली कम हो रही है।
विज्ञापन

-----------
बिल सुधार के नाम पर होता है खेल
हर माह हजारों की संख्या में गलत बिल भेजे जाने से उपभोक्ताओं के साथ बड़ा खेल भी हो चुका है। उपभोक्ताओं से बिल सुधार कराने के नाम पर कई मामलों में रकम लेने की बात भी सामने आ चुकी है। जिले में एक बार जांच के दौरान मामला सामने आया था कि उपभोक्ताओं का बिल सुधार कर पैसा तो जमा करा लिया गया लेकिन बाद में पता चला कि बिल बकाया है। इसके कारण उनको दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन

केस- एक
बघौचघाट थाना क्षेत्र के मेदीपट्टी गांव निवासी गोपीचंद यादव किसान है। इनका तीन से चार सौ रुपये का बिल हर माह आना चाहिए। लेकिन एक करोड़ का बिल निगम ने भेज दिया। यह देख वे चकित हो गए। अब सुधार कराने के लिए निगम को प्रार्थना पत्र दिया है, अभी सुधार नहीं हो सका है।
केस- दो
शहर के भटवलिया निवासी बालकृष्ण का एक किलोवाट का कनेक्शन है। अगस्त में मोबाइल मैसेज आया कि 645 रुपये बकाया है। मीटर रीडिंग के बाद बिल घर पहुंचा तो 2.63 लाख रुपये का बिल आ गया। यह देख उनके होश उड़ गए और अब सुधार कराने के लिए दस दिनों से चक्कर लगा रहे हैं।
केस तीन
शहर के नाथ नगर नई बस्ती निवासी मार्कंडेय कुमार ने बताया कि घर में मीटर भी नहीं लगा है और चालीस हजार रुपये का बिल भेज दिया गया है। जबकि एक से दो बत्ती का उपयोग करते हैं। वे बोले, गलत बिल आने से सुधार करने के लिए कई दिनों से चक्कर काट रहा हूं।

अगर किसी उपभोक्ता के पास गलत बिल भेज दिया जाता है तो उसका सुधार कराया जाता है। गलत बिल भेजे जाने की श्रेणी बनाई गई। इन उपभोक्ताओं का बिल सुधार कराया जाएगा। किसी को अधिक पैसा नहीं देना पड़ेगा।
- जीसी यादव, अधीक्षण अभियंता
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed