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Deoria News: ठंड में रहें सावधान, रक्तचाप बढ़ने पर नाक से आ सकता है खून

Mon, 20 Jan 2025 12:52 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Mon, 20 Jan 2025 12:52 AM IST
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Be careful in cold weather, nose bleeds may occur due to increased blood pressure
देवरिया। ठंड बढ़ने से नाक में इपिस्टैक्सिक्स की समस्या आ रही है। नसों के सिकुड़ने और ठंडी के जाने से सूखापन होने से दबाव पड़ने की वजह से परेशानी हो जाती हैं। इसे लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है। नाक से रक्तस्राव से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ी है। मेडिकल कॉलेज में रोजाना 20 से 25 मरीज आ रहे हैं। इसमें बच्चे, बड़े, बुजुर्ग होते हैं। इनमें तीन से चार मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा है। डॉक्टर इलाज के साथ ही सजग रहने की सलाह दे रहे हैं। बीपी, एलर्जी के मरीजों को विशेष सतर्क रहने की जरूरत है।
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पारा गिरने से ठंड बढ़ गई है। इससे लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है और स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है। थोड़ी सी लापरवाही भारी पड़ रही है। इस मौसम में ठंडी हवा में नमी कम होने की वजह से नाक में सूखापन आ जाता है। नाक की नस नाजुक होने से दबाव पड़ने पर फट जाती है, जिससे नाक से खून बहने (इपिस्टैक्सिक्स) की दिक्कत हो रही है। ब्लड प्रेशर के मरीजों में भी यह परेशानी अधिक देखने को मिलती है, जबकि सर्दी, जुकाम व छींक से पीड़ित बच्चों और एलर्जी के मरीजों को भी दिक्कत हो रही है। मेडिकल कॉलेज में इस बीमारी से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ी है। ईएनटी विभाग में रोजाना पीड़ित पहुंच रहे हैं। हर रोज तीन से चार गंभीर मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। डॉक्टर सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। ईएनटी विभाग के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप गुप्ता ने बताया कि ठंड में सजग रहने की जरूरत है। इस मौसम में धमनियां सिकुड़ती हैं। नाक में ब्लड की नली पतली होती है, जिससे नाक से खून आने की समस्या बढ़ सकती है। ठंडी हवा में नमी कम होने की वजह से नाक में सूखापन हो जाता है। ब्लड गाढ़ा होने के कारण रक्तसंचार का प्रेशर बढ़ जाता है। इससे बीपी बढ़ जाती है। जिस जगह की नली पतली होती है उसके फटने की संभावना रहती है। नाक में ब्लड की नली पतली होती है। दबाव की वजह से एपिस्टेक्सिस से लोग पीड़ित हो जाते हैं और नाक से ब्लड आने लगता है। इस मौसम में बच्चों में जुकाम अधिक होता है।
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अधिक छींक आने से भी दिक्कत होती है। एलर्जी की समस्या बढ़ने से छींक आने लगती है। इससे प्रेशर पड़ने पर नाक से ब्लड आता है। नाक से ब्लड आने पर घबराना नहीं चाहिए। अंगूठे व बगल की अंगुली से नाक को करीब पांच से सात मिनट तक दबाने से ब्लड आना रुक जाता है।
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इसके बाद भी बंद न होने पर लापरवाही नहीं करनी चाहिए। ईएनटी सर्जन से संपर्क कर उनकी सलाह पर इलाज कराना चाहिए। यह बीमारी किसी को हो सकती है, लेकिन अधिकांश बच्चों और बीपी के मरीजों में देखने को मिलती है। एलर्जी के मरीजों को भी दिक्कत होने की संभावना रहती है। इस मौसम में सावधानी बरतने की जरूरत है।
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