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Deoria News: सावधान, जूस में केमिकल वाला कलर मिला रहे धंधेबाज
Thu, 13 Feb 2025 02:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Thu, 13 Feb 2025 02:00 AM IST
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देवरिया। जूस पीना आपकी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। लोग फलों का ताजा जूस पीना पसंद करते हैं। इसी को देखते हुए हर चौराहों और गलियों में रंग बिरंगे फलों से सजे जूस की दुकानें खुल गई हैं। जूस बेचने वाले कम लागत में ज्यादा प्राफिट कमाने लिए जूस में केमिकल वाला कलर मिलाकर उसे तैयार कर रहे हैं। जूस तैयार होने के बाद उसका कलर एकदम मैच करता है। छोटे-बड़े गिलास के हिसाब से इसका रेट होता है। स्टैंडर्ड साइज का एक गिलास जूस 40 से 50 रुपये में ग्राहकों को देते हैं। लोग यह नहीं जानते कि वह जो जूस पी रहे हैं उसमें खतरनाक केमिकल रंग मिला है। जो उनके सेहत को धीरे-धीरे खराब करता जा रहा है।
शहर के स्टेडियम, राघव नगर, न्यू कॉलोनी, हनुमान मंदिर रोड, साकेत नगर, अबूबकर नगर में एसे कई दुकानदार दिन भर फलों का जूस बेच रहे हैं। न तो इनकी कोई निगरानी होती है और न तो इनके आसपास कोई साफ-सफाई होती है। इसे बिना कुछ सोचे-समझें अच्छा मानकर पी भी लेते हैं। गली के नुक्कड़ की दुकानों पर मिलने वाले जूस आपकी सेहत को फायदा पहुंचाने की बजाय नुकसान पहुंचाता है। दुकानदार लोगों को आकर्षित करने के लिए छोटा गिलास 30 रुपया और बड़ा गिलास 50 से 60 रुपये में बेच रहे हैं। अनार के जूस में केमिकल रंग मिलाकर गाढ़ा लाल बनाकर बेच रहे हैं। बड़े चाव से लोग पीते हैं वेजिटेबल सूप : शहर स्थित स्पोर्टस स्टेडियम के आसपास दो दुकानदार वेजिटेबल सूप बेचते हैं। यह रात में ही वेजीटेबल सूप घर पर तैयार करके थरमस में भरकर लाते हैं और सुबह 10 बजे तक इसे बेचते हैं। इसमें बच गए सूप को फेंक देते हैं कि अगले दिन फिर बेचते हैं। क्योंकि कोई भी सूप 12 से 14 घंटे बाद पीने लायक नहीं रहता।
सुबह सैर करने और एक्सरसाईज करने आने वाले बुजुर्ग और नौजवान इसे हेल्दी ड्रिंक समझते हैं और बड़े चाव से पीते हैं। शुगर, बीपी और अन्य बीमारियों से पीड़ित लोग इसको पी रहे हैं। करेला, जामुन शुगर के मरीज बड़े चाव से पी रहे हैं। लौकी, मशरूम, जामुन, मेथी, अर्जुन, जीरा, तुलसी आदि का मिल रहा सूप भी नौजवान और बुजुर्ग रोजाना इनके यहां पी रहे हैं। यहां बकायदा इनके नाम लिखे मेन्यू हैं। मिक्स सूप, लौकी सूप, मशरूम लहसून सूप, गरम जीरा सूप, पालक सूप, सहजन सूप इनके मेन्यू में शामिल हैं। वहीं डाक्टर का कहना है कि सूप का सेवन करने से पहले चिकित्सक से परामर्श जरूर लें।
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शहर के स्टेडियम, राघव नगर, न्यू कॉलोनी, हनुमान मंदिर रोड, साकेत नगर, अबूबकर नगर में एसे कई दुकानदार दिन भर फलों का जूस बेच रहे हैं। न तो इनकी कोई निगरानी होती है और न तो इनके आसपास कोई साफ-सफाई होती है। इसे बिना कुछ सोचे-समझें अच्छा मानकर पी भी लेते हैं। गली के नुक्कड़ की दुकानों पर मिलने वाले जूस आपकी सेहत को फायदा पहुंचाने की बजाय नुकसान पहुंचाता है। दुकानदार लोगों को आकर्षित करने के लिए छोटा गिलास 30 रुपया और बड़ा गिलास 50 से 60 रुपये में बेच रहे हैं। अनार के जूस में केमिकल रंग मिलाकर गाढ़ा लाल बनाकर बेच रहे हैं। बड़े चाव से लोग पीते हैं वेजिटेबल सूप : शहर स्थित स्पोर्टस स्टेडियम के आसपास दो दुकानदार वेजिटेबल सूप बेचते हैं। यह रात में ही वेजीटेबल सूप घर पर तैयार करके थरमस में भरकर लाते हैं और सुबह 10 बजे तक इसे बेचते हैं। इसमें बच गए सूप को फेंक देते हैं कि अगले दिन फिर बेचते हैं। क्योंकि कोई भी सूप 12 से 14 घंटे बाद पीने लायक नहीं रहता।
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सुबह सैर करने और एक्सरसाईज करने आने वाले बुजुर्ग और नौजवान इसे हेल्दी ड्रिंक समझते हैं और बड़े चाव से पीते हैं। शुगर, बीपी और अन्य बीमारियों से पीड़ित लोग इसको पी रहे हैं। करेला, जामुन शुगर के मरीज बड़े चाव से पी रहे हैं। लौकी, मशरूम, जामुन, मेथी, अर्जुन, जीरा, तुलसी आदि का मिल रहा सूप भी नौजवान और बुजुर्ग रोजाना इनके यहां पी रहे हैं। यहां बकायदा इनके नाम लिखे मेन्यू हैं। मिक्स सूप, लौकी सूप, मशरूम लहसून सूप, गरम जीरा सूप, पालक सूप, सहजन सूप इनके मेन्यू में शामिल हैं। वहीं डाक्टर का कहना है कि सूप का सेवन करने से पहले चिकित्सक से परामर्श जरूर लें।
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