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डीएम के निर्देश पर भी बीडीओ ने पीड़िता की नहीं की मदद
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डीएम के निर्देश पर भी बीडीओ ने पीड़िता की नहीं की मदद
देसही देवरिया के कोटवां गांव का मामला
संवाद न्यूज एजेंसीं
देसही देवरिया। बेटे के इलाज के लिए निर्मला देवी दर-दर भटक रही हैं। उन्हें उम्मीद है कि आयुष्मान और अंत्योदय कार्ड बन जाने से उनके इकलौते बेटे की जान बचाने में मदद मिल सकेगी। बेटे के दोनों गुर्दे खराब हो गए हैं। डीएम के बार-बार निर्देश देने पर भी बीडीओ पीड़िता की नहीं सुन रहे।
देसही देवरिया क्षेत्र के कोटवां गांव की रहने वाली निर्मला देवी के पति मार्कण्डेय पटेल पिछले दस वर्षों से बीमार हैं। वह चलने में भी असमर्थ हैं। उनके पास मात्र पांच कट्ठा खेत है। इसी बीच उनके 17 वर्षीय इकलौते बेटे के दोनों गुर्दे खराब हो गए हैं। वह डायलिसिस पर चल रहा है। आर्थिक रूप से असहाय निर्मला देवी ने डीएम से मिलकर बेटे की जान बचाने की गुहार लगाई थी। उसने आयुष्मान और अंत्योदय कार्ड बनवाए जाने की मांग की। डीएम आशुतोष निरंजन ने बीडीओ को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। तीसरी बार 12 नवंबर को डीएम ने बीडीओ को पत्र लिखा। मगर, अभी तक बीडीओ ने जांच कर आयुष्मान कार्ड और अंत्योदय कार्ड बनाए जाने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़िता मदद के लिए ब्लॉक कार्यालय का चक्कर काट रही है। उसका आरोप है कि डीएम के वहां तीन बार पत्र देकर मदद की गुहार लगाई। 12 नवंबर को डीएम ने बीडीओ को निर्देश दिए। मगर, अभी तक कोई लाभ नहीं हुआ। सोमवार को पीड़िता के पट्टीदार मुकेश बीडीओ से मिलने पहुंचे। मगर बीडीओ कार्यालय में नहीं थे। इस संबंध में बीडीओ विनय कुमार द्विवेदी ने कहा कि निर्मला देवी का नाम सूची में होगा तो आयुष्मान कार्ड बनेगा। जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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देसही देवरिया के कोटवां गांव का मामला
संवाद न्यूज एजेंसीं
देसही देवरिया। बेटे के इलाज के लिए निर्मला देवी दर-दर भटक रही हैं। उन्हें उम्मीद है कि आयुष्मान और अंत्योदय कार्ड बन जाने से उनके इकलौते बेटे की जान बचाने में मदद मिल सकेगी। बेटे के दोनों गुर्दे खराब हो गए हैं। डीएम के बार-बार निर्देश देने पर भी बीडीओ पीड़िता की नहीं सुन रहे।
देसही देवरिया क्षेत्र के कोटवां गांव की रहने वाली निर्मला देवी के पति मार्कण्डेय पटेल पिछले दस वर्षों से बीमार हैं। वह चलने में भी असमर्थ हैं। उनके पास मात्र पांच कट्ठा खेत है। इसी बीच उनके 17 वर्षीय इकलौते बेटे के दोनों गुर्दे खराब हो गए हैं। वह डायलिसिस पर चल रहा है। आर्थिक रूप से असहाय निर्मला देवी ने डीएम से मिलकर बेटे की जान बचाने की गुहार लगाई थी। उसने आयुष्मान और अंत्योदय कार्ड बनवाए जाने की मांग की। डीएम आशुतोष निरंजन ने बीडीओ को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। तीसरी बार 12 नवंबर को डीएम ने बीडीओ को पत्र लिखा। मगर, अभी तक बीडीओ ने जांच कर आयुष्मान कार्ड और अंत्योदय कार्ड बनाए जाने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़िता मदद के लिए ब्लॉक कार्यालय का चक्कर काट रही है। उसका आरोप है कि डीएम के वहां तीन बार पत्र देकर मदद की गुहार लगाई। 12 नवंबर को डीएम ने बीडीओ को निर्देश दिए। मगर, अभी तक कोई लाभ नहीं हुआ। सोमवार को पीड़िता के पट्टीदार मुकेश बीडीओ से मिलने पहुंचे। मगर बीडीओ कार्यालय में नहीं थे। इस संबंध में बीडीओ विनय कुमार द्विवेदी ने कहा कि निर्मला देवी का नाम सूची में होगा तो आयुष्मान कार्ड बनेगा। जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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