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देवरिया कचहरी में पुलिस के प्रवेश पर बैन
देवरिया
Updated Fri, 21 Apr 2017 10:34 PM IST
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रुद्रपुर में एसडीएम को ज्ञापन देते वकील।
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। पहले अधिवक्ता की पिटाई, लूटपाट और मामले में क्रॉस केस दर्ज होने पर अधिवक्ताओं ने कचहरी में खाकी के प्रवेश पर बैन लगा दिया है। मामला आर-पार की लड़ाई तक पहुंच गया। शनिवार को कचहरी में पुलिस पहुंचती है तो मारपीट की स्थिति पैदा हो सकती है। वहीं पूरे विवाद में अधिवक्ताओं के बीच गोलबंदी भी तेज हो गई है। गुरुवार की शाम सात बजे के करीब कुछ अधिवक्ताओं ने एसपी से मुलाकात की। हालांकि कोतवाली पुलिस का रुख भी पीछे हटने वाला नहीं दिख रहा है। विवाद के चौथे दिन भी अधिवक्ता हड़ताल पर रहे। इससे वादकारियों को परेशानी हो रही है।
शुक्रवार को भी दीवानी और कलेक्ट्रेट के अधिवक्ता हड़ताल पर रहे। संघ भवन में अधिवक्ताओं ने पुलिस के रवैए की खिलाफत की। वरिष्ठ अधिवक्ता ओमप्रकाश, अशोक दीक्षित, लालबाबू, मनोज राय ने कहा कि पहले एक अधिवक्ता पीटा जाता है, पुलिस दुर्व्यवहार करते हुए केस दर्ज करने से इन्कार करती है। अधिवक्ता हड़ताल पर जाते हैं, तब केस दर्ज होता है। आम जनमानस की सुनवाई थाने में कैसे होती होगी। थाना और पुलिस भगवान भरोसे है। लूटपाट के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की जा रही है तो पुलिस ने उल्टे ही अधिवक्ता को छेड़खानी के आरोप में फंसा देती है। कोतवाल विजय सिंह गौर और चौकी प्रभारी राजवीर सिंह यादव एक साजिश के तहत काम कर रहे हैं।
मामले में क्रॉस केस दर्ज कर अधिवक्ताओं को उकसाने की कोशिश की गई। पूर्व मंत्री मनोज मिश्र ने कहा कि पुलिस मामले को हल्के में ले रही है। अधिवक्ता हमेशा न्याय की लड़ाई लड़ता है। उसके साथ ही अन्याय हो रहा है। पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुरेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि अब आरपार की लड़ाई होगी। जब तक क्रॉस केस और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा। रौनियारी मोहल्ले में 15 अप्रैल को जमीन विवाद को लेकर अधिवक्ता अभिषेक श्रीवास्तव के साथ मारपीट हो गई थी। पुलिस ने दोनों तरफ से केस दर्ज किया था। अधिवक्ता के साथ मारपीट की घटना के बाद से वकील कचहरी में हड़ताल किए हैं। बैठक में पूर्व अध्यक्ष सिंहासन गिरी, अशोक प्रताप तिवारी, अजय राय, अरविंद साहनी, आरपी कुशवाहा आदि मौजूद रहे।
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शुक्रवार को भी दीवानी और कलेक्ट्रेट के अधिवक्ता हड़ताल पर रहे। संघ भवन में अधिवक्ताओं ने पुलिस के रवैए की खिलाफत की। वरिष्ठ अधिवक्ता ओमप्रकाश, अशोक दीक्षित, लालबाबू, मनोज राय ने कहा कि पहले एक अधिवक्ता पीटा जाता है, पुलिस दुर्व्यवहार करते हुए केस दर्ज करने से इन्कार करती है। अधिवक्ता हड़ताल पर जाते हैं, तब केस दर्ज होता है। आम जनमानस की सुनवाई थाने में कैसे होती होगी। थाना और पुलिस भगवान भरोसे है। लूटपाट के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की जा रही है तो पुलिस ने उल्टे ही अधिवक्ता को छेड़खानी के आरोप में फंसा देती है। कोतवाल विजय सिंह गौर और चौकी प्रभारी राजवीर सिंह यादव एक साजिश के तहत काम कर रहे हैं।
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मामले में क्रॉस केस दर्ज कर अधिवक्ताओं को उकसाने की कोशिश की गई। पूर्व मंत्री मनोज मिश्र ने कहा कि पुलिस मामले को हल्के में ले रही है। अधिवक्ता हमेशा न्याय की लड़ाई लड़ता है। उसके साथ ही अन्याय हो रहा है। पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुरेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि अब आरपार की लड़ाई होगी। जब तक क्रॉस केस और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा। रौनियारी मोहल्ले में 15 अप्रैल को जमीन विवाद को लेकर अधिवक्ता अभिषेक श्रीवास्तव के साथ मारपीट हो गई थी। पुलिस ने दोनों तरफ से केस दर्ज किया था। अधिवक्ता के साथ मारपीट की घटना के बाद से वकील कचहरी में हड़ताल किए हैं। बैठक में पूर्व अध्यक्ष सिंहासन गिरी, अशोक प्रताप तिवारी, अजय राय, अरविंद साहनी, आरपी कुशवाहा आदि मौजूद रहे।
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