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बैतालपुर डिपो : ओटीपी ई-लॉक करते समय टैंकर के इंजन में लगी आग, एक झुलसा
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बैतालपुर डिपो : ओटीपी ई-लॉक करते समय टैंकर के इंजन में लगी आग, एक झुलसा
बैतालपुर(देवरिया)। गौरी बाजार थाना क्षेत्र के बैतालपुर डिपो परिसर में बुधवार की सुबह फिलिंग स्टेशन के पास टैंकर के इंजन में आग लग गई। घटना भंडारण गृह से तेल भरे टैंकर का ओटीपी ई-लॉक करते समय ईंजन के पास लगे स्विच से शार्ट सर्किट के कारण हुई। हादसे में एक कर्मचारी झुलस गया। इंडियन आयल के फिलिंग स्टेशन के पास आग लगने की घटना से आसपास के गांवों में अफरातफरी मच गई। संयोग अच्छा रहा कि ग्रामीणों के सहयोग से अग्नि शमन दस्ते ने कुछ ही समय में आग पर काबू पा लिया, जिससे भयावह घटना होने से बच गई।
पूर्वांचल कई जिलों सहित पड़ोसी देश नेपाल को पेट्रोल, डीजल की आपूूर्ति देने वाली कंपनी इंडियन आयल के बैतालपुर स्थित भंडारण गृह के फिलिंग सेंटर से डीजल भरने के बाद चालक टैंकर को फिलिंग एरिया से 50 मीटर दूर खड़ी कर ई-लॉक करने लगा। इस दौरान इंजन के पास लगे स्विच को ऑन करते ही शॉर्ट सर्किट के कारण इंजन में आग लग गई। कुछ ही देर में टैंकर का इंजन को जलाने लगा। चालक और खलासी वशिष्ठ दुबे भाग निकले। सुरक्षाकर्मी घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। आग की लपटें देख सभी डर गए। आग बुझाने गए डिपो में कार्यरत हालेज वर्कर गौरीबाजार थानाक्षेत्र के सोपरी बुजुर्ग गांव निवासी जयकेश निषाद (35) पुत्र रामसेवक निषाद बुरी तरह झुलस गए। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। मौके पर पहुंची फायर सर्विस की टीम और डिपो सुरक्षा कर्मियों के सहयोग से आग पर काबू पाया जा सका। इस दौरान अग्निशमन अधिकारी शंकर शरण राय, गौरीबाजार थानाध्यक्ष गिरिजेश तिवारी, चौकी प्रभारी श्यामलाल निषाद आदि मौजूद रहे। डिपो प्रबंधक अखिलेश मंडल बताया कि आग लगी थी लेकिन हादसा बच गया है। प्रभारी अग्नि शमन अधिकारी सुरेंद्र राय ने बताया कि आग पर तुरंत काबू पा लिया गया है।
विद्यालय संचालकों ने बच्चों की कर दी छुट्टी
बैतालपुर। इंडियन आयल डिपो में आग के बाद अफरातफरी मच गई। घटना ऐसे समय हुई जब बच्चे अपने विद्यालय तथा कर्मचारी ऑफिस जा रहे थे। सूचना मिलते ही क्षेत्र में अफरातफरी मच गई। जहां लोग अपने घरों को छोड़ बाहर आने लगे तो वहीं विद्यालय संचालकों ने बच्चों की छुट्टी कर दी। देवरिया गोरखपुर मुख्य मार्ग पर टैंकर खड़ा करा दिए गए। लोगों ने घटना की जानकारी अपने शुभचिंतकों और परिजनों को दी। गुड़री, ईंटवा, बैतालपुर, सिरजम, भगुआ, बढ़या तिवारी, सझवां, बलुआं, बरारी प्रथम, रुच्चापार, बिशुनपुरा, बेलही, जगदीशपुर, सोपरी बुजुर्ग आदि गांवों सूचना पहुंची तो लोग गांव छोड़कर भागने की योजना बनाने लगे। इसी बीच आग काबू में होने की सूचना पर लोगों ने राहत की सांस ली।
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डेढ़ दशक पहले का याद आ गया मंजर
बैतालपुर। स्थानीय कस्बे के गुड़री गांव और बढ़या गांव से सटे पेट्रोलियम पदार्थों के भंडारण के लिए इंडियन आयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के डिपो की स्थापना वर्ष 1991 से 1998 के बीच हुईं। इससे पहले भी यहां पर कई बार आग की घटनाएं घटित हो चुकी हैं।
30 जून वर्ष 2004 में सुबह के साढ़े नौ बजे ही इंडियन आयल के भंडारण गृह में चल रहे मेंटेनेंस कार्य के दौरान टैंक में भीषण आग लगी थी। लोग गांव छोड़ कर भागने लगे थे। इस आग को काबू में करने वाले पटना निवासी सुरेश गुप्ता टैंक का ढक्कन खोलते ही जलते हुए नीचे गिरे थे। हवाई मार्ग से दिल्ली ले जाते समय उनकी मौत हो गई थी। दूसरी घटना गुड़री गांव में 16 अक्टूबर वर्ष 2010 को हुई थी। जलता दीया गिरने से मकान में रखे गए दो दर्जन से अधिक ड्रमों में आग पकड़ ली। उसे बुझाने का प्रयास करते समय पेट्रोलियम पदार्थ की चपेट में आने से 39 लोग गंभीर रूप झुलस गए थे। पांच लोगों ने विभिन्न अस्पतालों में दम तोड़ दिया था।
यह होता है टैंकर ओटीपी ई-लॉक
बैतालपुर। ओटीपी ई-लॉक टैंकर के तेल भरने के बाद होता है। लॉक लगने के बाद रास्ते में टैंकर चालक या कोई भी टैंकर से तेल चोरी नहीं कर सकता।
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बैतालपुर(देवरिया)। गौरी बाजार थाना क्षेत्र के बैतालपुर डिपो परिसर में बुधवार की सुबह फिलिंग स्टेशन के पास टैंकर के इंजन में आग लग गई। घटना भंडारण गृह से तेल भरे टैंकर का ओटीपी ई-लॉक करते समय ईंजन के पास लगे स्विच से शार्ट सर्किट के कारण हुई। हादसे में एक कर्मचारी झुलस गया। इंडियन आयल के फिलिंग स्टेशन के पास आग लगने की घटना से आसपास के गांवों में अफरातफरी मच गई। संयोग अच्छा रहा कि ग्रामीणों के सहयोग से अग्नि शमन दस्ते ने कुछ ही समय में आग पर काबू पा लिया, जिससे भयावह घटना होने से बच गई।
पूर्वांचल कई जिलों सहित पड़ोसी देश नेपाल को पेट्रोल, डीजल की आपूूर्ति देने वाली कंपनी इंडियन आयल के बैतालपुर स्थित भंडारण गृह के फिलिंग सेंटर से डीजल भरने के बाद चालक टैंकर को फिलिंग एरिया से 50 मीटर दूर खड़ी कर ई-लॉक करने लगा। इस दौरान इंजन के पास लगे स्विच को ऑन करते ही शॉर्ट सर्किट के कारण इंजन में आग लग गई। कुछ ही देर में टैंकर का इंजन को जलाने लगा। चालक और खलासी वशिष्ठ दुबे भाग निकले। सुरक्षाकर्मी घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। आग की लपटें देख सभी डर गए। आग बुझाने गए डिपो में कार्यरत हालेज वर्कर गौरीबाजार थानाक्षेत्र के सोपरी बुजुर्ग गांव निवासी जयकेश निषाद (35) पुत्र रामसेवक निषाद बुरी तरह झुलस गए। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। मौके पर पहुंची फायर सर्विस की टीम और डिपो सुरक्षा कर्मियों के सहयोग से आग पर काबू पाया जा सका। इस दौरान अग्निशमन अधिकारी शंकर शरण राय, गौरीबाजार थानाध्यक्ष गिरिजेश तिवारी, चौकी प्रभारी श्यामलाल निषाद आदि मौजूद रहे। डिपो प्रबंधक अखिलेश मंडल बताया कि आग लगी थी लेकिन हादसा बच गया है। प्रभारी अग्नि शमन अधिकारी सुरेंद्र राय ने बताया कि आग पर तुरंत काबू पा लिया गया है।
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विद्यालय संचालकों ने बच्चों की कर दी छुट्टी
बैतालपुर। इंडियन आयल डिपो में आग के बाद अफरातफरी मच गई। घटना ऐसे समय हुई जब बच्चे अपने विद्यालय तथा कर्मचारी ऑफिस जा रहे थे। सूचना मिलते ही क्षेत्र में अफरातफरी मच गई। जहां लोग अपने घरों को छोड़ बाहर आने लगे तो वहीं विद्यालय संचालकों ने बच्चों की छुट्टी कर दी। देवरिया गोरखपुर मुख्य मार्ग पर टैंकर खड़ा करा दिए गए। लोगों ने घटना की जानकारी अपने शुभचिंतकों और परिजनों को दी। गुड़री, ईंटवा, बैतालपुर, सिरजम, भगुआ, बढ़या तिवारी, सझवां, बलुआं, बरारी प्रथम, रुच्चापार, बिशुनपुरा, बेलही, जगदीशपुर, सोपरी बुजुर्ग आदि गांवों सूचना पहुंची तो लोग गांव छोड़कर भागने की योजना बनाने लगे। इसी बीच आग काबू में होने की सूचना पर लोगों ने राहत की सांस ली।
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डेढ़ दशक पहले का याद आ गया मंजर
बैतालपुर। स्थानीय कस्बे के गुड़री गांव और बढ़या गांव से सटे पेट्रोलियम पदार्थों के भंडारण के लिए इंडियन आयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के डिपो की स्थापना वर्ष 1991 से 1998 के बीच हुईं। इससे पहले भी यहां पर कई बार आग की घटनाएं घटित हो चुकी हैं।
30 जून वर्ष 2004 में सुबह के साढ़े नौ बजे ही इंडियन आयल के भंडारण गृह में चल रहे मेंटेनेंस कार्य के दौरान टैंक में भीषण आग लगी थी। लोग गांव छोड़ कर भागने लगे थे। इस आग को काबू में करने वाले पटना निवासी सुरेश गुप्ता टैंक का ढक्कन खोलते ही जलते हुए नीचे गिरे थे। हवाई मार्ग से दिल्ली ले जाते समय उनकी मौत हो गई थी। दूसरी घटना गुड़री गांव में 16 अक्टूबर वर्ष 2010 को हुई थी। जलता दीया गिरने से मकान में रखे गए दो दर्जन से अधिक ड्रमों में आग पकड़ ली। उसे बुझाने का प्रयास करते समय पेट्रोलियम पदार्थ की चपेट में आने से 39 लोग गंभीर रूप झुलस गए थे। पांच लोगों ने विभिन्न अस्पतालों में दम तोड़ दिया था।
यह होता है टैंकर ओटीपी ई-लॉक
बैतालपुर। ओटीपी ई-लॉक टैंकर के तेल भरने के बाद होता है। लॉक लगने के बाद रास्ते में टैंकर चालक या कोई भी टैंकर से तेल चोरी नहीं कर सकता।