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बाबा साहब के विचारों को आत्मसात करने पर जोर
deoria
Updated Sun, 17 Dec 2017 11:02 PM IST
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बहूजन चेतना दिवस में शामिल वक्ता।
- फोटो : amar ujala
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देवरिया।
राजकीय इंटर कॉलेज में रविवार को बहुजन चेतना दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बाबा साहब के जीवन पर प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने इनके संघर्षों पर चर्चा करते हुए इनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लेने की बात कही।
बीएचयू की प्रोफेसर मुख्य अतिथि इंदु चौधरी ने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर की देश के राष्ट्र निर्माताओं में अग्रणी भूमिका थी। उनको किसी जाति या वर्ग से जोड़कर नहीं देखा जा सकता। सशक्त भारत के निर्माण में संविधान निर्माता डॉ. अंबेडकर के योगदान को सराहनीय बताते हुए कहा कि बाबा साहब ने समाज में व्याप्त अंध विश्वास और कुरीतियों पर चोट की। वह समतावादी थे। विशिष्ट अतिथि डॉ. विनीता कुशवाहा ने धार्मिक अंधविश्वास को दूर करने के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित भगवान बुद्ध के मार्ग पर चलने की बात कही। कार्यक्रम में राजीव गौतम, राज गौतम, कोमल प्रसाद, पवन कुमार, प्रदीप कुमार, अयोध्या कुशवाहा, एलबी सिंह, मयंक कुमार आदि शामिल रहे।
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राजकीय इंटर कॉलेज में रविवार को बहुजन चेतना दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बाबा साहब के जीवन पर प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने इनके संघर्षों पर चर्चा करते हुए इनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लेने की बात कही।
बीएचयू की प्रोफेसर मुख्य अतिथि इंदु चौधरी ने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर की देश के राष्ट्र निर्माताओं में अग्रणी भूमिका थी। उनको किसी जाति या वर्ग से जोड़कर नहीं देखा जा सकता। सशक्त भारत के निर्माण में संविधान निर्माता डॉ. अंबेडकर के योगदान को सराहनीय बताते हुए कहा कि बाबा साहब ने समाज में व्याप्त अंध विश्वास और कुरीतियों पर चोट की। वह समतावादी थे। विशिष्ट अतिथि डॉ. विनीता कुशवाहा ने धार्मिक अंधविश्वास को दूर करने के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित भगवान बुद्ध के मार्ग पर चलने की बात कही। कार्यक्रम में राजीव गौतम, राज गौतम, कोमल प्रसाद, पवन कुमार, प्रदीप कुमार, अयोध्या कुशवाहा, एलबी सिंह, मयंक कुमार आदि शामिल रहे।
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