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Deoria News: डेंगू से बचाव के लिए जागरूकता जरूरी, बरतें सावधानी

Sat, 14 Sep 2024 12:01 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 14 Sep 2024 12:01 AM IST
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Awareness is necessary to prevent dengue, take precautions
संवाद न्यूज एजेंसी
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देवरिया। आरोग्य भारती के तत्वावधान में सदर ब्लाॅक के सिंगही गांव में डेंगू को लेकर लोगों को जागरूक किया गया। संगठन के प्रांतीय उपाध्यक्ष व भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष डॉ. अजीत नारायण मिश्र ने कहा कि बरसात के दिनों में मच्छरों के पनपने से मच्छर जनित रोग होते हैं। इसमें डेंगू बीमारी जानलेवा है। इससे बचने के लिए एकमात्र उपाय मच्छरों से बचना है और उचित सावधानी बरतना हैं।
कहा कि यह बीमारी मच्छर से फैलती है। इस मच्छर जनित बीमारी से बचने के लिए मच्छरों पर नियंत्रण जरूरी है, इसलिए पानी को एकत्रित न होने दें। आसपास सफाई रखें, एडीज मच्छर दिन में ही काटते हैं इनके काटने से ही डेंगू फैलता है। इससे बचने के लिए जागरूकता जरूरी है। आसपास के स्थान को साफ और स्वच्छ रखें मच्छरों पर नियंत्रण रखने के लिए दवा का छिड़काव करें, मच्छरदानी का प्रयोग करें। लक्षण मिलने पर डेंगू की जांच कराएं।
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इस बीमारी में प्लेटलेट्स की कमी और कमजोरी महसूस होती है। आयुर्वेद के अनुसार इसे दंडक ज्वर कहते हैं। प्लेटलेट्स की कमी को पूरा करने के लिए पपीते का सेवन व उसके पत्ते का स्वरस, ओआरएस, गिलोय घनवटी और कालमेघ, कूटकी, पर्याप्त मात्रा में पानी और विटामिन-सी युक्त भोज्य पदार्थ का सेवन लाभप्रद है। इसमें बुखार तेजी से चढ़ता है और हड्डियों में दर्द होता है। कभी-कभी उल्टी और उसमें रक्त का आना, शरीर पर लाल चकत्ते पड़ना इसके लक्षण है।
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तेज बुखार होने पर शरीर को तोलिए को पानी में भिगोकर शरीर का कोल्ड स्पंजिंग करें, ज्वर में दर्द निवारक दवा जैसे पैरासिटामोल का इस्तेमाल करें और विशेषज्ञ चिकित्सक को दिखाएं। इससे बचने के लिए उचित खान पान और उचित आहार अपनाएं। जांच में डेंगू के लक्षण मिलने पर नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व जिला चिकित्सालय पर विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेकर अपने को सुरक्षित रखें और दूसरे को भी सुरक्षित रखने का प्रयास करें। सावधानी बरत कर ही इस बीमारी से बचा जा सकता है।

डॉ. बीएल विश्वकर्मा ने कहा कि डेंगू के मच्छर एडीज के काटने से होता है इसमें आवश्यक सावधानी बरतते हुए तरल पदार्थ का सेवन और प्लेटलेट बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करें आयुर्वेदिक उपचार में गिलोय घनवटी, बकरी का दूध और गोदंती भस्म, महालक्ष्मी विलास रस, पपीते के पत्ते का स्वरस लाभप्रद है। संचालन पंकज कुमार ने किया। इस दौरान डॉ. अनिल कुमार मणि, श्वेता त्रिपाठी, डॉ. रामप्रवेश, डॉ. अमरनाथ पांडेय, डॉ. उपेंद्र कुमार गिरि आदि मौजूद रहे।
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