{"_id":"60202bfd8ebc3ed64d24b318","slug":"auditorium-income-less-deoria-news-gkp3838610163","type":"story","status":"publish","title_hn":"आमदनी अठन्नी की, खर्चा रुपैया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आमदनी अठन्नी की, खर्चा रुपैया
विज्ञापन
टाउनहाल स्थित प्रेक्षागृह।संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : DEORIA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आमदनी अठन्नी की, खर्चा रुपैया
नया सवेरा योजना से 4.21 करोड़ रुपये कर्ज लेकर बना है ऑडिटोरियम
साल भर में प्रेक्षागृह ने कमाए 3.18 लाख रुपये, खर्च साढ़े पांच लाख से अधिक
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिस ऑडिटोरियम (प्रेक्षागृह) के नामकरण पर विवाद चल रहा है, दरअसल, वह नगर पालिका के लिए घाटे का सौदा बन गया है। आमदनी करीब तीन लाख रुपये सालाना है और खर्च साढे़ पांच लाख से अधिक। नगर पालिका समय से ऑडिटोरियम का बिजली बिल भी नहीं भर पा रही है।
आमदनी की मंशा पालकर हुक्मरानों ने ऑडिटोरियम निर्माण की कवायद शुरू की। वर्ष 2016 में स्थानीय नेताओं की पहल पर शासन से नया सवेरा योजना के तहत 4.21 करोड़ उधार लिए गए। उम्मीद थी कि ऑडिटोरियम की आय से नगर में विकास कार्यों को बढ़ावा मिलेगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब तक की आमदनी से मंशा पर पानी फिरता दिखाई दे रहा है। पिछले वित्तीय वर्ष में नगर पालिका को ऑडिटोरियम की बुकिंग से तीन लाख 28 हजार रुपये आमदनी हुई थी। इस साल 14 जून से अब तक 12 बुकिंग से करीब तीन लाख 18 हजार रुपये आय हुई है। अगले वित्तीय वर्ष में ऑडिटोरियम निर्माण के लिए मिले कर्ज की कटौती राज्य वित्त से शुरू हो जाएगी।
इनसेट
यह है ऑडिटोरियम के रख-रखाव का खर्च
ऑडिटोरियम के रख-रखाव में नगर पालिका की ओर से दो कर्मचारी तैनात किए गए हैं। इनका मानदेय करीब 16 हजार रुपये है। हर माह बिजली बिल 22 हजार के लगभग आता है। 20 से अधिक एसी लगे हैं। जेनरेटर, एसी, प्रकाश मेंटिनेंस खर्च औसत 10 हजार रुपये महीना मानें तो सालाना खर्च पांच लाख 76 हजार रुपये होंगे, जो आमदनी से ढाई लाख अधिक है।
विज्ञापन
इनसेट
राज्य वित्त से दस किस्त में चुकता होगा कर्ज
नया सवेरा योजना में लिए गए उधार की कटौती नगर पालिका को मिलने वाले राज्य वित्त से होगी। शासन स्तर से इस कर्ज की वसूली दस किस्तों में की जाएगी। नगर पालिका की ओर से योजना में मिले धन की खपत पूरी करने के बाद कटौती शुरू हो जाएगी।
कोट
ऑडिटोरियम निर्माण का काम पहले कुछ अधूरा था फिर भी बुकिंग हो रही थी। अब ऑडिटोरियम पूरी तरह व्यवस्थित हो चुका है। पहले के मुकाबले बुकिंग बढ़ने की उम्मीद है।
- रोहित सिंह, ईओ नगर पालिका परिषद देवरिया।
विज्ञापन
नया सवेरा योजना से 4.21 करोड़ रुपये कर्ज लेकर बना है ऑडिटोरियम
साल भर में प्रेक्षागृह ने कमाए 3.18 लाख रुपये, खर्च साढ़े पांच लाख से अधिक
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिस ऑडिटोरियम (प्रेक्षागृह) के नामकरण पर विवाद चल रहा है, दरअसल, वह नगर पालिका के लिए घाटे का सौदा बन गया है। आमदनी करीब तीन लाख रुपये सालाना है और खर्च साढे़ पांच लाख से अधिक। नगर पालिका समय से ऑडिटोरियम का बिजली बिल भी नहीं भर पा रही है।
आमदनी की मंशा पालकर हुक्मरानों ने ऑडिटोरियम निर्माण की कवायद शुरू की। वर्ष 2016 में स्थानीय नेताओं की पहल पर शासन से नया सवेरा योजना के तहत 4.21 करोड़ उधार लिए गए। उम्मीद थी कि ऑडिटोरियम की आय से नगर में विकास कार्यों को बढ़ावा मिलेगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब तक की आमदनी से मंशा पर पानी फिरता दिखाई दे रहा है। पिछले वित्तीय वर्ष में नगर पालिका को ऑडिटोरियम की बुकिंग से तीन लाख 28 हजार रुपये आमदनी हुई थी। इस साल 14 जून से अब तक 12 बुकिंग से करीब तीन लाख 18 हजार रुपये आय हुई है। अगले वित्तीय वर्ष में ऑडिटोरियम निर्माण के लिए मिले कर्ज की कटौती राज्य वित्त से शुरू हो जाएगी।
विज्ञापन
इनसेट
यह है ऑडिटोरियम के रख-रखाव का खर्च
ऑडिटोरियम के रख-रखाव में नगर पालिका की ओर से दो कर्मचारी तैनात किए गए हैं। इनका मानदेय करीब 16 हजार रुपये है। हर माह बिजली बिल 22 हजार के लगभग आता है। 20 से अधिक एसी लगे हैं। जेनरेटर, एसी, प्रकाश मेंटिनेंस खर्च औसत 10 हजार रुपये महीना मानें तो सालाना खर्च पांच लाख 76 हजार रुपये होंगे, जो आमदनी से ढाई लाख अधिक है।
विज्ञापन
इनसेट
राज्य वित्त से दस किस्त में चुकता होगा कर्ज
नया सवेरा योजना में लिए गए उधार की कटौती नगर पालिका को मिलने वाले राज्य वित्त से होगी। शासन स्तर से इस कर्ज की वसूली दस किस्तों में की जाएगी। नगर पालिका की ओर से योजना में मिले धन की खपत पूरी करने के बाद कटौती शुरू हो जाएगी।
कोट
ऑडिटोरियम निर्माण का काम पहले कुछ अधूरा था फिर भी बुकिंग हो रही थी। अब ऑडिटोरियम पूरी तरह व्यवस्थित हो चुका है। पहले के मुकाबले बुकिंग बढ़ने की उम्मीद है।
- रोहित सिंह, ईओ नगर पालिका परिषद देवरिया।